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Explained: क्या पत्नी की वजह से मोटे होते हैं पति, आखिर शादी के बाद क्यों बढ़ जाता है कपल्स का वजन- पढ़ें रिसर्च के आधार पर ये पड़ताल

Couple Weight gain After Marriage : शादी के बाद कपल्स के जीवन में कई बदलाव आते हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव जीवनशैली और खानपान से जुड़ा होता है। कई स्टडीज में यह पाया गया है कि शादी के बाद खासकर भारतीय कपल्स में वजन बढ़ने की संभावना अधिक होती है। आइए जानते हैं इस पर हाल ही में हुई स्टडी क्या कहती है और इसके बारे में विस्तार से जानेंगे एक्सपर्ट से...

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शादी के बाद क्यों बढ़ने लगता है भारतीय जोड़ों का वजन?

Why Do Couples Gain Weight After Marriage : शादी हमारे जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव होता है, जिसके बाद जीवन में कई तरह के बदलाव भी देखने को मिलते हैं। ये बदलाव शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के हो सकते हैं। आमतौर पर आपने सुना होगा कि शादी के बाद अक्सर महिलाओं का वजन बढ़ जाता है। ऐसा होना काफी सामान्य बात है, जिसके पीछे कई कारण छिपे हो सकते हैं। लेकिन हाल में आई ICMR की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि शादी के बाद वजन सिर्फ महिलाओं का नहीं बल्कि पुरुषों का भी बढ़ता है। इसके पीछे न केवल खानापन बल्कि शारीरिक, भावनात्मक और जीवनशैली से जुड़े कुछ जरूरी बदलाव भी शामिल हैं।

ICMR की स्टडी क्या कहती है?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के विश्लेषण सहित हाल के अध्ययनों से पता चला है कि भारत में लगभग 27.4% विवाहित भारतीय जोड़े या तो अधिक वजन वाले हैं या मोटे हैं। यह डाटा 50 हजार से अधिक जोड़ों पर हुए शोध के आधार पर बताया गया है। इसमें बताया गया है शादी के बाद पुरुष और महिलाएं दोनों में औसतन 3 से 5 किलो तक वजन बढ़ा हुआ मिलता है। भारतीय कपल्स पर की गई स्टडी में पाया गया कि शादी के शुरुआती 2 साल में ज्यादातर कपल्स का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) भी बढ़ जाता है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पति‑पत्नी की जीवनशैली, खानपान और आदतें शादी के कुछ ही समय में एक-दूसरे को गहराई से प्रभावित करती हैं, जिससे दोनों में मोटापे की संभावना बढ़ जाती है।

इस डेटा की मानें तो हर चार में से एक विवाहित जोड़ा भारत में या तो मोटा है या अधिक वजन वाला है। इस रिपोर्ट के मुताबिक केरल, तमिलनाडु, गोवा, पंजाब, दिल्ली और जम्मू‑कश्मीर में 42% से ज्यादा विवाहित जोड़े अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में शादी के बाद मोटे होने वाले कपल्स का प्रतिशत 38.4% से अधिक है। अमीर तबके में यह नंबर 47.6% का है। वहीं समान शिक्षा वाले 31.4% जोड़े शादी के बाद मोटापे से ग्रसित हो जाते हैं तो समान उम्र वाले कपल्स का प्रतिशत 28.8 है। नॉन वेज खाने वाले कपल्स ज्यादा जोखिम वाले जोन में हैं।

फरीदाबाद के अमृत हॉस्पिटल की साइकेट्री विभाग से जुड़ीं डॉ. मीनाक्षी जैन ने बताया कि देश में महामारी की तरह बढ़ रही मोटापे की समस्या में ये आंकड़े चिंताजनक हैं। यह शादी के बाद होने वाले गहरे मनोवैज्ञानिक और जीवनशैली के तालमेल की जरूरत को दर्शाता है।

ICMR की स्टडी में हुआ खुलासा

ICMR की स्टडी में हुआ खुलासा

क्या पत्नी की वजह से मोटे होते हैं पति या मामला उल्टा है

शादी भावनात्मक अतरंगता, एक दूसरे के साथ उलझी हुई दिनचर्या और आपसी सहजता की शुरुआत का प्रतीक है। लेकिन यह भावनात्मक कभी-कभी अनजाने में अनहेल्दी हैबिट्स को जन्म दे सकती है। जैसे- टी.वी. शो देखते हुए खाना, कसरत न करना, या बार-बार खाना बाहर से खाना मंगवाना।

डॉ. श्वेता मेंदिरत्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ- मारेंगो एशिया अस्पताल, फरीदाबाद का कहना है कि शादी के बाद नए जोड़े अक्सर एक-दूसरे की आदतों को दोहराते हैं, ऐसा चाहे वह जानबूझकर करें या अनजाने में। अगर एक साथी फिटनेस या डाइट के प्रति लापरवाह है, तो दूसरा भी अक्सर उसका अनुसरण करने लगता है। इसलिए यह कहना कि पत्नि के कारण पुरुषों में मोटापा बढ़ता है, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। बल्कि मामला इसका उलट भी हो सकता है।

क्या मानसिक कनेक्शन है इसकी वजह?

शादी के बाद वजन बढ़ने की वजह सिर्फ खानपान नहीं, बल्कि मानसिक स्थिति भी है। शादी के बाद कपल्स एक-दूसरे के साथ सुरक्षित और स्थिर महसूस करते हैं। इस भावनात्मक कनेक्शन के कारण वे अक्सर फिटनेस को प्राथमिकता नहीं देते। एंसो वेलनेस से क्लीनिकल साइकॉलजिस्ट अरूबा कबीर का कहना है किभारतीय समाज में ज्यादातर लोगों के दिमाग में यह बात चलती है कि अब किसके लिए फिट रहना है? इसके अलावा साथ में आरामदायक समय बिताना- जैसे टीवी देखना, देर रात बातें करना ये सभी काम आपकी फिजिकल एक्टिविटी को कम कर देते हैं। जिससे वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।

पति-पत्नी कैसे करते हैं एक दूसरे की सेहत को प्रभावित (Pic: AI Image)

पति-पत्नी कैसे करते हैं एक दूसरे की सेहत को प्रभावित (Pic: AI Image)

क्या मोटापा शादीशुदा जिंदगी में खुश होने की निशानी है?

मोटापा शादीशुदा जिंदगी में खुश होने की निशानी बिल्कुल नहीं हो सकती है। बल्कि मोटापा स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। जिसे समय रहते कंट्रोल करना चाहिए। डॉ. मीनाक्षी जैनका भी कहना है कि शादी के बाद वजन बढ़ना एक सामान्य घटना है, जिसे 'हैप्पी फैट' भी कहा जाता है। लेकि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मोटापा एक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या है और इसे खुशी से नहीं जोड़ना चाहिए। अपनी सेहत के प्रति लापरवाही बरतना आगे चलकर आपके परिवार के लिए भी परेशानी बन सकता है।

सावधान रहें क्योंकि बच्चों को भी हो सकता है खतरा

जी हां इस बात में पूरी सच्चाई है कि माता-पिता के मोटापे का असर उनकी होने वाली संतान पर भी देखने को मिलता है। मोटापा से पीड़ित माता-पिता या ज्यादा वजन वाले मां-बाप के बच्चों में मोटापा ज्यादा देखने को मिलता है। क्योंकि मोटापा आनुवांशिक रूप से अगली पीढ़ी में ट्रांसफर हो सकता है। डॉ. श्वेता मेंदिरत्ता कहती हैं कि माता-पिता के अन्हेल्दी खानपान को देखकर बच्चे हेल्दी डाइट और रुटीन फॉलो नहीं करते हैं। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे फिट रहें, तो फिटनेस की शुरूआत आपको अपने-आप से करनी होगी।

शादी के बाद वजन बढ़ने से कैसे रोकें?

शादी के बाद वजन बढ़ने से कैसे रोकें?

शादी के बाद मोटापा रोकने के लिए एक्सपर्ट के सुझाव

कपल्स को एक साथ हेल्दी रूटीन अपनाना चाहिए ताकि शादी के बाद सेहत भी बनी रहे। मॉर्निंग वॉक, योगा, साथ में हेल्दी खाना बनाना और बाहर के अनहेल्दी खाने से बचना जैसी बातें बेसिक हैं लेकिन जरूरी हैं। मैक्स अस्पताल की पोषण विशेषज्ञ प्रियंका अग्रवाल का कहना है कि एक-दूसरे को एक्टिविटी के लिए प्रेरित करना और हेल्थ चैलेंज में हिस्सा लेना जैसी चीजें फिट रहने में मददगार हो सकती हैं।

डॉ. मीनाक्षी जैन, का कहना है कि शादी सिर्फ साथ रहने तक सीमित नहीं है। बल्कि यह मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से साथ-साथ बढ़ने से संबंधित है। शादी के बाद जोड़ों को याद रहना चाहिए, आपकी प्रेम कहानी में प्रेम के तमाम प्रसंगों के साथ स्वास्थ्य का अध्याय भी जरूर शामिल होना चाहिए। क्योंकि एक हेल्दी एक खुशहाल जोड़ा होता है।

शादी एक नए जीवन की शुरूआत है तो फाइनेंस प्लानिंंग के साथ फिटनेस और हेल्थ प्लानिंंग पर भी कपल का फोकस होना जरूरी है। इसके लिए स्क्रीन टाइम कम करें, नींद पूरी करें और एक साथ फिटनेस प्रोग्राम बनाएं। फिटनेस को रिलेशनशिप गोल की तरह देखें, जिससे दोनों मिलकर मानसिक और शारीरिक रूप से हेल्दी रह सकें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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