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सीजनल बीमारियों का पक्का इलाज हैं ये आयुर्वेदिक नुस्खे, सर्दी-जुकाम जैसी समस्या की परमानेंट छुट्टी

Effective Ayurvedic Remedies For Seasonal Diseases : मौसम का बदलाव अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आता है। जी हां कभी सर्दी-जुकाम तो कभी बुखार इस सीजन में होने वाली आम समस्याएं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ कारगर आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाकर इन्हें कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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remedies for seasonal diseases

Effective Ayurvedic Remedies For Seasonal Diseases : चाहे सर्दी की शुरुआत हो या गर्मी की हर मौसम अपने साथ कुछ न कुछ बीमारियां लेकर आता है। इस मौसम में कभी सर्दी-जुकाम, तो कभी खांसी, गले में खराश या बुखार इन समस्याओं से हमें अक्सर परेशान होना पड़ता है। जिसका बड़ा कारण इम्यूनिटी का कम होना है, मौसम बदलते ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पर बुरा असर पड़ता है, जिससे कारण हम जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। वहीं यदि आप बार-बार दवाइयां लेकर थक चुके हैं, तो आपको आयुर्वेदिक उपायों की ओर लौटने की जरूरत है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे आयुर्वेदिक नुस्खे, जो सर्दी-जुकाम जैसी सीजनल बीमारियों से आपको आराम दिला सकते हैं।

तुलसी-काली मिर्च का काढ़ा

तुलसी पत्तों में मौजूद एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से बचाते हैं। इसके साथ काली मिर्च मिक्स करके काढ़ा तैयार करें जो आपको सीजनल समस्याओं से बचा सकता है। इसका स्वाद बेहतर करने के लिए इसमें शहद मिलाकर सेवन करें। इसे सुबह-शाम पीने से सर्दी-जुकाम में तेजी से राहत मिलती है।

अदरक और हल्दी वाला दूध

रात में सोने से पहले दूध में अदरक और हल्दी मिक्स करके पीना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे पीने से आपको गले से संबंधित समस्याओं में तेजी से लाभ मिलता है। हल्दी एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है और अदरक शरीर को गर्म बनाए रखता है।

च्यवनप्राश खाएं

सर्दियों में शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने और रोगों से बचाव के लिए आंवला का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए आंवले से बना च्यवनप्राश विटामिन C से भरपूर होता है जो शरीर को संक्रमण से बचाता है। रोज सुबह खाली पेट एक चम्मच च्यवनप्राश का सेवन करने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट रहती है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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