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आम खाने के शौकीन हैं तो खाने से पहले जरूर करें ये काम, आयुर्वेद के अनुसार क्या आम खाने का सही तरीका - एक्सपर्ट से जानें

Right Way To Eat Mango In Hindi: अगर आपको भी आम खाना बहुत पसंद है, तो आपको आम खाते समय कुछ गलतियों से बचना चाहिए। आयुर्वेद आम खाते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देता है। आयुर्वेद के अनुसार आम का सेवन कैसे करें, इस लेख में एक्सपर्ट से जानें।

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Right Way To Eat Mango In Hindi

Right Way To Eat Mango In Hindi: बाजार में इन दिनों बाजार में आम की भरमार है। शायद ही कोई व्यक्ति को हो सकता है, जिसे आम खाना न पसंद हो। लेकिन स्वाद के चक्कर में हम में से ज्यादातर लोग कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जिससे आम का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह बन सकता है। जबकि यह पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर फल सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है। ज्यादातर लोग बाजार से आम खरीद कर लाते हैं और सीधे ही काटकर इनका सेवन करना शुरू कर देते हैं। लेकिन आपकी यह सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। आपको बता दें कि आम की तासीर गर्म होती है और इसमें कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए अगर आप आम खाने के शौकीन हैं, तो आपको आम खाते समय एक आम गलती करने से बचना चाहिए। हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा भावसार ने सोशल मीडिया पर आम खाने का सही तरीका बताया है। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

हमेशा भिगोकर खाएं आम

आपने अक्सर देखा होगा कि जब नट्स और ड्राई फ्रूट के सेवन की बात आती है, तो हमेशा यह सलाह दी जाती है कि इनका सेवन करने से पहले कम से कम 7-8 घंटे या रातभर पानी में भिगोकर रखने की सलाह दी है। ऐसा करने से इनकी तासीर ठंडी हो जाती है और इनमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स भी निकल जाते हैं। ठीक इसी तरह आम के साथ भी करने की सलाह दी जाती है। मीठे आमों का आनंद लेने से पहले आपको सबसे उन्हें 1-2 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख देना चाहिए। अगर आपको फिर भी आम खाने की बहुत जल्दी है तो कम से कम 25-30 मिनट के लिए आम जरूर भिगोएं।

आयुर्वेद क्यों देता है आम भिगोकर खाने की सलाह

आम को भिगोने से उनमें मौजूद अतिरिक्त फाइटिक एसिड निकल जाता है। फाइटिक एसिड एक एंटी-न्यूट्रिएंट है जो शरीर को कुछ खनिजों जैसे आयरन, जिंक, कैल्शियम और अन्य खनिजों को अवशोषित करने से रोकता है, जिससे शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। अतिरिक्त फाइटिक एसिड शरीर में गर्मी पैदा करता है, जब आम को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोया जाता है तो इससे आम की गर्मी निकल जाती है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है। इसके अलावा, आम भिगोने से मुंहासे, त्वचा संबंधी समस्याएं, सिरदर्द, कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को रोकने में भी मदद मिलती है।

यह भी रखें ध्यान

आम का आनंद लेने का सबसे अच्छा तरीका एक फल के रूप में इसका सेवन करना है, लेकिन ज्यादातर लोग आम का रस, शेक या स्मूदी के रूप में इसका सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन आयुर्वेद फलों का सेवन दूध के साथ करने की सलाह नहीं देता है। यह सेहत के लिए नुकसानदेह होता है। आयुर्वेद दूध और फलों को अलग-अलग सेवन करने का सुझाव देता है क्योंकि ये प्रकृति में एक-दूसरे से अलग होते हैं। दूध को केवल शुद्ध मीठे और पके फल जैसे आम, एवोकाडो, खजूर आदि के साथ ही मिलाना चाहिए। दूध के साथ पका हुआ आम का सेवन वात और पित्त को शांत करता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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