Lifestyle changes in Diabetes : मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसका एक बहुत बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल है। डायबिटीज दो तरह की होती है टाइप वन और टाइप टू। टाइप वन कई बार जेनेटिक होती है। वहीं, टाइप टू डायबिटीज को लाइफस्टाइल में सुधार करने से ठीक किया जा सकता है। वहीं, मोटापा, सुस्त जीवनशैली टाइप टू डायबिटीज का एक कारण बन सकती है। ऐसे में आज से ही लाइफस्टाइल में इन आदतों को पहचान लें और इन्हें छोड़ दें।
आप यदि बेड पर आराम से लेटकर अपना दिन बिताते हैं तो लंबे वक्त में ये आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इसके अलावा यदि आप बहुत कम सोते हैं और देर रात तक जागते हैं तो आपका शुगर लेवल बढ़ना तय है। वहीं, आपके खाने में नाश्ता सबसे अहम मील होता है। ऐसे में यदि आप नाश्ते को छोड़ देते हैं तो इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। यदि आप इंटरमिटेंट फास्टिंग भी कर रहे हैं तो नाश्ता भूलकर भी स्किप न करें। इससे पहले अपने डॉक्टर से भी सलाह ले लें।
ज्यादा वजन बन सकता है शुगर का कारण
एक्सपर्ट्स के मुताबिक वजन बढ़ना शुगर का एक बड़ा कारण बन सकता है। ऐसे में यदि आप ओवर वेट हैं तो आज से ही वजन घटाने की कोशिश शुरू कर दें। रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज शुरू कर दें। यदि आप कम से कम 15 मिनट टहलते रहना चाहिए। इसके अलावा थोड़े-थोड़े वक्त में भोजन करते रहे। वहीं, खाने में नमक युक्त खाना नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा मेंटल हेल्थ का सीधा असर शुगर पर भी पड़ता है। ऐसे में नियमित तौर पर ध्यान और मेडिटेशन जरूर करें।
शुगर के शुरुआती लक्षण में किडनी में सूजन होता है। इस कारण यूरिन ज्यादा आने लगती है। इस कारण व्यक्ति को प्यास भी ज्यादा लगने लगती है। वहीं, डायबिटीज के मरीज को भूख भी कम लगती है। वहीं, सिर दर्द, थकान और घाव या चोट देरी से भरते हैं।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
