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सर्दियों में भी हो सकती है शरीर में पानी की कमी, डिहाइड्रेट होने पर पेशाब में दिखते हैं ये 5 बड़े लक्षण, भूलकर न करें अनदेखा

सर्दियां आते ही हमारी पानी की खपत कम होने लगती है। जिस कारण हमें डिहाइड्रेशन हो सकता है। सुनने में ये भले अजीब लगे लेकिन सर्दियों में डिहाइड्रेशन एक आम समस्या है। शरीर में पानी की कमी का सीधा असर यूरिन पर दिखता है, आइए जानते हैं पेशाब से जुड़े ऐसे ही संकेतों के बारे में जो बताते हैं कि आप ठंड में डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं।

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winter dehydration symptoms by urine

ठंडे मौसम में पसीना कम आता है और प्यास भी कम महसूस होती है। गर्मी के मौसम से तुलना करें तो सर्दियों में प्यास महसूस कर पाने की क्षमता में करीब 40% तक की कमी हो जाती है। इसलिए पानी की खपत भी कम हो जाती है, जिस कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। सर्दियों में डिहाइड्रेशन के जो मूल कारण हैं वो ठंड की शुष्क हवा और गर्म कपड़े हैं। इनकी वजह से पसीने और सांस के रास्ते शरीर का पानी बाहर निकलता रहता है। पानी की कमी से शरीर के इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ सकता है, साथ ही इससे एनर्जी में कमी, त्वचा में सूखापन और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी दिक्कतें भी आ सकती हैं। सर्दियों में डिहाइड्रेशन उतना ही घातक होता है, जितना गर्मियों में और पानी की कमी का पहला संकेत हमारे पेशाब से दिखता है। आइए जानते हैं डिहाइड्रेशन के उन संकेतों के बारे में जो पेशाब से दिखते हैं।

यूरिन का रंग

सर्दियों में शरीर में पानी की कमी होने पर पेशाब का रंग गाढ़ा पीला या भूरा हो सकता है। यह तब होता है, जब शरीर में पानी की कमी के कारण खराब पदार्थ डाइल्यूट नहीं हो पाते हैं। साथ ही पेशाब की गंध भी तेज हो जाती है। यदि पेशाब का रंग हल्का पीला या रंगहीन है तो इसका मतलब आप हाइड्रेटेड हैं।

पेशाब कम लगना

शरीर में जब पानी की कमी होने लगती है, तो शरीर पानी की बचत के लिए ज्यादा यूरिन नहीं बनाता है। सर्दियों में दिन में कम से कम 4 बार पेशाब जाना सामान्य होता है, लेकिन अगर आपका यूरिन ऑउटपुट इससे कम है, तो शायद आप डिहाइड्रेशन के शिकार हैं। ऐसे में आपको पानी की खपत बढ़ानी चाहिए।

पेशाब के दौरान जलन

पानी की कमी के कारण पेशाब बनाने वाले अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, डिहाइड्रेशन से पेशाब की नली सूख सकती है, जिस कारण पेशाब करते समय जलन की समस्या हो सकती है। ऐसे में सामान्य पानी के अलावा हर्बल चाय, सूप, गुनगुना नींबू पानी जैसी चीजों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेना चाहिए। हालांकि बहुत अधिक चाय या कॉफी के सेवन से बचना चाहिए, इनके कारण अधिक मात्रा में यूरिन निकल सकता है।

यूरिन इंफेक्शन

बार-बार यूरिन इंफेक्शन होना भी एक संकेत है कि शायद आप जरूरत से कम पानी पीते हैं। पर्याप्त पानी पीने से व्यक्ति कई बार पेशाब के लिए जाता है जिस कारण मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया जमा नहीं हो पाते। कम पानी पीने पर यूरिन आउटपुट कम हो जाता है और इस कारण किडनी, ब्लैडर या पेशाब की नली में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। पानी के साथ अपने आहार में पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ बढ़ाने चाहिए, जैसे टमाटर, खीरे, खट्टे फल और हरी पत्तेदार सब्जियां। ये सब आपको सर्दियों में हाइड्रेटेड रखने में मदद करेंगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सकीय सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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