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सर्दी-खांसी की दवा खरीदने से पहले हो जाएं अलर्ट, FDA ने दी चेतावनी, सेहत के लिए घातक हो सकते हैं ये तत्व

FDA Warns About Cough Syrup Consumption: हाल ही में अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सर्दी-खांसी की दवाओं में पाए जाने वाले कुछ खतरनाक तत्वों को लेकर चेतावनी दी है। संस्थान की मानें तो मार्केट में बिकने वाले कई सिरप ऐसे हैं जिनमें ऐसे इंग्रीडिएंट पाए जा रहे हैं जो लिवर, किडनी और दिल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। दवा खरीदने से पहले जरूर पढ़ें लेबल और जानें किन तत्वों से बचना जरूरी है।

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FDA Warns About Cough Syrup Consumption

FDA Warns About Cough Syrup Consumption: सर्दी-खांसी के मौसम में ज्यादातर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के खुद ही कफ सिरप खरीद लेते हैं। उन्हें लगता है कि ये सिरप मामूली सर्दी-जुकाम को जल्दी ठीक कर देगा, लेकिन हाल ही में अमेरिकी FDA (Food and Drug Administration) ने ऐसी दवाओं को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कफ सिरप और कोल्ड मेडिसिन में ऐसे तत्व पाए गए हैं जो शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। ये न केवल लिवर और किडनी पर असर डालते हैं बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो जानलेवा तक हो सकते हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं वो तत्व और क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स।

कई कफ सिरप में पाए गए खतरनाक तत्व

FDA की नई चेतावनी के मुताबिक, कई ओवर-द-काउंटर (OTC) कफ सिरप में ऐसे इंग्रीडिएंट पाए गए हैं जिनका लंबे समय तक इस्तेमाल शरीर पर बुरा असर डाल सकता है। खासतौर पर बेंज़ोकेन (Benzocaine) और फिनाइलएफ्रिन (Phenylephrine) जैसे तत्वों पर चिंता जताई गई है। इनका असर गले की खराश और खांसी पर तो अस्थायी राहत देता है, लेकिन ये ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और किडनी फंक्शन पर हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं।

बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं कुछ कफ सिरप

FDA ने साफ कहा है कि चार साल से कम उम्र के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी कफ सिरप नहीं देना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों का शरीर इन तत्वों को सही से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और नींद न आना जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसलिए, पैरेंट्स को खुद से कोई दवा देने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

फिनाइलएफ्रिन की प्रभावशीलता पर सवाल

FDA की जांच में सामने आया है कि फिनाइलएफ्रिन नामक तत्व, जो कई सर्दी-जुकाम की दवाओं में होता है, नाक बंद या कंजेशन को खोलने में असरदार नहीं है। यानी, कई लोग जो राहत पाने के लिए ये दवा ले रहे हैं, उन्हें असल में कोई फायदा नहीं मिल रहा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जरूरत से ज्यादा खुराक लेने पर यह दिल की धड़कन बढ़ा सकता है और ब्लड प्रेशर हाई कर सकता है।

लिवर और किडनी पर पड़ सकता है असर

FDA और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने यह भी बताया कि कुछ कफ सिरप में मौजूद तत्व लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासतौर पर अगर कोई व्यक्ति पहले से कोई दवा ले रहा है या लिवर की बीमारी से जूझ रहा है, तो इन सिरप्स के साइड इफेक्ट्स कई गुना बढ़ जाते हैं। ऐसे में दवा खरीदने से पहले लेबल ध्यान से पढ़ना और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

नकली या अनरेगुलेटेड ब्रांड से रहें सावधान

मार्केट में कई ऐसे ब्रांड भी मौजूद हैं जो रेगुलेटेड नहीं हैं या जिन पर क्वालिटी कंट्रोल की सही जांच नहीं होती। ऐसी दवाओं में खतरनाक तत्वों की मात्रा ज्यादा होती है और इन्हें लेना बेहद जोखिमभरा है। FDA ने लोगों को सलाह दी है कि हमेशा रीप्यूटेड फार्मेसी या मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें और किसी भी कफ सिरप की बोतल का लेबल जरूर पढ़ें।

डॉक्टर से सलाह लेना ही है सबसे सेफ रास्ता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्दी-खांसी के शुरुआती लक्षणों में घरेलू उपाय या स्टीम इनहेलेशन जैसी सेफ चीजें अपनाएं। अगर हालत बिगड़ती है, तभी डॉक्टर की सलाह से दवा लें। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए जो दवा किसी के लिए ठीक है, वो आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकती है। इसलिए खुद से दवा लेने की आदत को अब तुरंत छोड़ देना चाहिए।

सर्दी-खांसी की दवा लेना कोई बड़ी बात नहीं लगती, लेकिन FDA की चेतावनी ने साफ कर दिया है कि छोटी-सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। अगली बार जब आप मेडिकल स्टोर जाएं, तो दवा खरीदने से पहले उसका लेबल जरूर पढ़ें, इंग्रीडिएंट्स देखें और डॉक्टर की राय लें। याद रखें सेहत की रक्षा सही जानकारी और सावधानी से ही होती है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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