Aluminium Utensils Safe Or Not: भारतीय रसोई में एल्युमिनियम के बर्तन बहुत आम हैं। हल्के होते हैं, जल्दी गर्म हो जाते हैं और कीमत भी ज्यादा नहीं होती, इसलिए कई घरों में आज भी इन्हीं में खाना पकाया जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में यह सवाल भी खूब उठने लगा है कि क्या एल्युमिनियम के बर्तनों में बना खाना सेहत के लिए सही है या नहीं। कई लोग इसे ‘स्लो पॉइजन’ तक कह देते हैं। ऐसे में सच क्या है, इसे समझना जरूरी है। वैज्ञानिक रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक एल्युमिनियम के बर्तनों से जुड़ी सच्चाई क्या है, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
एल्युमिनियम कुकवेयर क्यों इतना इस्तेमाल होता है
एल्युमिनियम के बर्तन लंबे समय से किचन का हिस्सा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह धातु हल्की होती है और जल्दी गर्म हो जाती है, जिससे खाना जल्दी पक जाता है। यही कारण है कि घरों के अलावा होटल और ढाबों में भी इसका इस्तेमाल खूब होता है। इसके अलावा यह स्टील या दूसरे मेटल के मुकाबले सस्ता भी होता है। लेकिन जब से लोगों में हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ी है, तब से इसके सेफ्टी को लेकर भी चर्चा होने लगी है।
क्या एल्युमिनियम सच में शरीर में पहुंच जाता है
वैज्ञानिकों के अनुसार एल्युमिनियम एक ऐसा मेटल है जो थोड़ी मात्रा में खाने में घुल सकता है, खासकर तब जब इसमें खट्टा या ज्यादा नमक वाला खाना पकाया जाए। टमाटर, इमली, नींबू या सिरके जैसी चीजें एल्युमिनियम के साथ रिएक्ट कर सकती हैं। ऐसे में थोड़ी मात्रा में एल्युमिनियम भोजन में मिल सकता है। हालांकि रिसर्च बताती है कि सामान्य परिस्थितियों में यह मात्रा बहुत कम होती है और ज्यादातर लोगों के लिए तुरंत नुकसानदायक नहीं मानी जाती।
‘स्लो पॉइजन’ वाली बात कितनी सही है
कई बार सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाता है कि एल्युमिनियम के बर्तन स्लो पॉइजन की तरह काम करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह बात पूरी तरह सही नहीं है। हेल्थ विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य मात्रा में एल्युमिनियम शरीर के लिए बहुत बड़ा खतरा नहीं बनता। हमारा शरीर छोटी मात्रा में आने वाले एल्युमिनियम को किडनी के जरिए बाहर निकाल देता है। हालांकि अगर बहुत ज्यादा मात्रा में एल्युमिनियम शरीर में जाए तो यह नुकसान पहुंचा सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
डॉक्टरों के मुताबिक जिन लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारी है, उन्हें एल्युमिनियम के ज्यादा संपर्क से बचना चाहिए। इसका कारण यह है कि किडनी शरीर से एल्युमिनियम को बाहर निकालने का काम करती है। अगर किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो तो यह धातु शरीर में जमा हो सकती है। इसलिए ऐसे लोगों के लिए स्टेनलेस स्टील या दूसरे सुरक्षित कुकवेयर का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है।
एल्युमिनियम के बर्तनों का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें
अगर आप एल्युमिनियम के बर्तन इस्तेमाल करते हैं तो कुछ आसान सावधानियां रख सकते हैं। जैसे इनमें बहुत ज्यादा खट्टा खाना पकाने से बचना और बर्तनों को ज्यादा घिसकर साफ न करना। बहुत पुराने या खराब हो चुके एल्युमिनियम के बर्तनों को बदल देना भी बेहतर होता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो एल्युमिनियम कुकवेयर का इस्तेमाल आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
