हेल्थ

बारिश में बढ़ जाता है आंखों की इस गंभीर बीमारी का खतरा, फॉलो करें ये आसान उपाय, आंखों को समस्या नहीं भटकेगी पास

conjunctivitis in rainy season: मानसून में हमारे वातावरण में नमी बढ़ जाने से बैक्टीरिया और वायरस का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस मौसम में आंखों में इंफेक्शन तेजी से बढ़ने लगता है। यदि आप आंखों की समस्या से बचना चाहते हैं तो आपको ये टिप्स जरूर फॉलो करने चाहिए।

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Conjunctivitis

Photo : iStock

गर्मी से राहत दिलाने के साथ बारिश का मौसम अपने साथ कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम भी लेकर आता है। इस मौसम में नमी बढ़ जाने के कारण आंखों में कंजक्टिवाइटिस, फंगल इंफेक्शन, वायरल इंफेक्शन और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। यदि आप इस मौसम में आंखों की किसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको कुछ टिप्स जरूर फॉलो करने चाहिए।

कंजंक्टिवाइटिस मानसून में तेजी से फैलने वाला एक रोग है। जिसके मामले बारिश शुरू होते ही बढ़ने लगते हैं। हर साल देश में मानसून के आते ही आंखों की इस समस्या के मरीज तेजी से सामने आते हैं। आइए जानते हैं क्या है कंजंक्टिवाइटिस और कैसे करें इससे बचाव?

क्या है कंजक्टिवाइटिस? (What is Conjunctivitis?)

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो जब हमारी आंखों के सफेद हिस्से में सूजन और लालिमा आ जाती है। जो इसे कंजंक्टिवाइटिस की समस्या कहा जाता है। जिसका बड़ा कारण वातावरण में बैक्टीरिया का फैलाव होता है।

कैसे फैलता है कंजक्टिवाइटिस? (How Conjunctivitis Spread?)

बारिश के मौसम में कंजंक्टिवाइटिस का रोग काफी तेजी से फैलने लगता है। जिसका कारण हवा में नमी का बढ़ जाना है। इस बीमारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना है। जब संक्रमित व्यक्ति अपनी आंखों को बार-बार हाथों से छूता है और फिर हाथों को बिना साफ किए किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आता है तो इससे यह रोग काफी तेजी से फैलता है।

कंजंक्टिवाइटिस से बचाव के उपाय (Ways to prevent conjunctivitis)

  • अपनी आंखों को बार-बार हाथों से न छुएं।
  • फैमिली के सदस्य रूमाल, तौलिया और आई ड्राप जैसी चीज शेयर न करें।
  • संक्रमण होने पर आंखों पर पट्टी न बांधें।
  • बारिश के मौसम में तालाब आदि में नहाने से बचें।
  • संक्रमित होने पर घर से बाहर निकलने से बचें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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