किडनी की बीमारी पुरुषों के लिए क्यों है ज्यादा खतरनाक, दिल के साथ कैसे दिमाग भी कर कर रही कमजोर
- Authored by: Vineet
- Updated Dec 8, 2025, 06:06 PM IST
Why Kidney Diseases Bad For Men: किडनी की बीमारी पुरुषों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक मानी जाती है? हालिया स्टडी के मुताबिक यह बीमारी सिर्फ किडनी ही नहीं, बल्कि दिल और दिमाग को भी धीरे-धीरे कमजोर कर सकती है। आज के लेख में हम जानेंगे किडनी रोग और हार्ट फेल्योर व याददाश्त कमजोर होने के बीच का कनेक्शन और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी।
पुरुषों में किडनी की बीमारी क्यों ज्यादा खतरनाक (PC - AI)
Why Kidney Diseases Bad For Men: आजकल किडनी की बीमारी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बड़ी संख्या में पुरुष भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि यह बीमारी सिर्फ किडनी तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि दिल को कमजोर कर सकती है और दिमाग की सेहत पर भी बुरा असर डाल सकती है। हाल ही में अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी - हार्ट एंड सर्कुलेटरी फिजियोलॉजी में प्रकाशित एक नई वैज्ञानिक स्टडी के निष्कर्ष में यह साफ हुआ है कि पुरुषों में क्रॉनिक किडनी डिजीज होने पर हार्ट फेल्योर और कॉग्निटिव यानी सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
पुरुषों में किडनी की बीमारी क्यों ज्यादा खतरनाक
स्टडी के मुताबिक पुरुषों में किडनी की बीमारी का असर ज्यादा गंभीर रूप में देखने को मिलता है। इसका एक कारण यह भी है कि पुरुष अक्सर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और समय पर टेस्ट नहीं करवाते। नतीजा यह होता है कि बीमारी धीरे-धीरे गंभीर स्टेज में पहुंच जाती है और शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचाने लगती है।
किडनी खराब होने से दिल कैसे कमजोर होता है
किडनी का काम शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में टॉक्सिन और फ्लूइड जमा होने लगता है। स्टडी में बताया गया है कि इस स्थिति में हार्ट पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है, जिससे हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। यानी किडनी की समस्या सीधा दिल की सेहत से जुड़ी हुई है।
दिमाग पर भी पड़ता है गहरा असर
यह स्टडी यह भी बताती है कि किडनी की बीमारी का असर सिर्फ दिल तक सीमित नहीं रहता। जब शरीर में गंदे तत्व ज्यादा समय तक बने रहते हैं, तो इसका असर दिमाग की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है। ऐसे मरीजों में याददाश्त कमजोर होना, ध्यान कम लगना और सोचने-समझने में परेशानी जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इसे मेडिकल भाषा में कॉग्निटिव डिक्लाइन कहा जाता है।
क्यों बढ़ जाता है पुरुषों में ज्यादा खतरा
रिसर्च के अनुसार पुरुषों में स्मोकिंग, ज्यादा शराब पीना, तनाव और अनियमित खानपान जैसी आदतें ज्यादा देखी जाती हैं। यही कारण है कि किडनी की बीमारी के साथ-साथ दिल और दिमाग से जुड़ा रिस्क भी उनमें तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा पुरुष अक्सर नियमित हेल्थ चेकअप को टालते रहते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।
समय पर पहचान क्यों है सबसे जरूरी
इस स्टडी से यह भी साफ होता है कि अगर किडनी की बीमारी को शुरुआती स्टेज पर पकड़ लिया जाए, तो दिल और दिमाग पर पड़ने वाले बुरे असर को काफी हद तक रोका जा सकता है। रेगुलर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और ब्लड प्रेशर की जांच से जोखिम का पता लगाया जा सकता है और समय रहते सही इलाज शुरू किया जा सकता है।
आज की लाइफस्टाइल में क्या समझना जरूरी है
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पुरुषों को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग होने की जरूरत है। किडनी की बीमारी अब सिर्फ एक अंग की समस्या नहीं रही, बल्कि यह पूरे शरीर को प्रभावित करने वाली गंभीर स्थिति बन चुकी है। इस रिसर्च से यही सीख मिलती है कि समय पर जांच, सही खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर दिल और दिमाग दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।