Can You Get Diabetes If You Have Family History In Hindi: क्या आपके माता-पिता, दादा-दादी या किसी करीबी रिश्तेदार को डायबिटीज है? अगर हां, तो शायद आपके मन में भी यह सवाल आता होगा- क्या मुझे भी ये बीमारी हो सकती है? बहुत से लोग इसी उलझन में रहते हैं कि कहीं उनका पारिवारिक इतिहास उन्हें इस गंभीर बीमारी की ओर तो नहीं ले जा रहा।
असल में, डायबिटीज सिर्फ एक खान-पान या जीवनशैली से जुड़ी बीमारी नहीं है, बल्कि यह कई बार आपके जीन यानी अनुवांशिक कारणों से भी हो सकती है। कई रिसर्च और मेडिकल स्टडीज ने इस बात की पुष्टि की है कि अगर परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, तो खतरा वाकई बढ़ सकता है। यहां जानिए इसके बारे में विस्तार से...
अनुवांशिक वजह से बढ़ता है खतरा
डायबिटीज टाइप 2 आमतौर पर वयस्कों में होती है और इसके पीछे आपकी जीवनशैली, मोटापा और तनाव जैसी वजहें जिम्मेदार होती हैं। लेकिन रिसर्च कहती है कि यदि माता-पिता में से किसी एक को डायबिटीज है, तो बच्चों को भी यह बीमारी होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के मुताबिक, अगर मां या पिता में से किसी एक को डायबिटीज है तो अगली पीढ़ी में जोखिम लगभग 40% तक होता है। वहीं अगर दोनों को डायबिटीज है, तो यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
रिसर्च से क्या पता चला?
इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में छपी एक स्टडी के अनुसार, जिन लोगों के फर्स्ट डिग्री रिश्तेदार यानी माता-पिता या भाई-बहन को डायबिटीज है, उनमें यह बीमारी होने की संभावना सामान्य लोगों की तुलना में 2 से 4 गुना तक अधिक होती है। यानी अगर आपके नजदीकी परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
सिर्फ जीन नहीं लाइफस्टाइल भी है जिम्मेदार
हालांकि सिर्फ जेनेटिक कारण ही डायबिटीज के लिए जिम्मेदार नहीं होते। आपकी जीवनशैली का तरीका, खानपान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और स्ट्रेस भी इस बीमारी को जन्म देने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह देते हैं, खासतौर पर उन्हें जिनके परिवार में पहले से डायबिटीज है।
टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज में फर्क समझना जरूरी
टाइप 1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं में होती है और यह एक ऑटोइम्यून बीमारी होती है, जिसमें शरीर खुद ही इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला कर देता है। यह भी जेनेटिक कारणों से हो सकती है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज ज्यादा सामान्य है और इसमें पारिवारिक इतिहास का प्रभाव ज्यादा देखा जाता है।
सावधानी से बचा जा सकता है खतरे से
अगर आपके परिवार में डायबिटीज का इतिहास है तो घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करना, मीठे और तले-भुने खाने से परहेज करना, समय-समय पर ब्लड शुगर टेस्ट करवाना और वजन नियंत्रित रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
भविष्य में जीन टेस्टिंग से मिलेगी मदद
जर्नल ऑफ जेनेटिक मेडिसिन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वैज्ञानिक ऐसे जीन टेस्ट पर काम कर रहे हैं जिससे पहले से पता चल सकेगा कि किसी व्यक्ति को डायबिटीज होने का खतरा कितना है। ऐसे में सही समय पर सतर्कता बरतकर इस बीमारी से बचा भी जा सकता है।
