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Diabetes: क्या डायबिटीज के मरीज कच्चे केले खा सकते हैं? जानिए कितनी मात्रा है सुरक्षित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Mar 20, 2023, 02:58 PM IST

How Bananas Affect Diabetes: पका हुआ केला वैसे तो कई गुणों से भरपूर होता है, लेकिन पका हुआ केला मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत हानिकारक होता है। क्‍योंकि पका हुआ केला खाने से ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

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Green Bananas Affect Diabetes: क्या डायबिटीज में केला खा सकते है? (Image: istockphoto)

Green Banana for Diabetes: केला एक ऐसा फल है जिसे इसके गुणों के कारण ऊर्जा का पावर हाउस कहा जाता है। इसका स्वाद भी इतना अच्छा होता है कि यह बहुतों का पसंदीदा फल है। पका हुआ केला वैसे तो कई गुणों से भरपूर होता है, लेकिन पका हुआ केला मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत हानिकारक होता है। क्‍योंकि पके केले खाने से ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, ऐसे में डायबिटीज के मरीज केले से दूर रहना पसंद करते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं? कच्चे केले ब्लड शुगर को बढ़ाने के बजाय नियंत्रित करने में मदद करते हैं। मधुमेह रोगी भी बिना किसी चिंता के कच्चे केले खा सकते हैं। कच्चे केले में काफी मात्रा में स्टार्च होता है। जब केला पकता है, स्टार्च चीनी (ग्लूकोज, सुक्रोज और फ्रुक्टोज) में परिवर्तित हो जाता है। हेल्थलाइन के मुताबिक कच्चा केला सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं इसके स्वास्थ्य लाभ-

एक पके केले में कितना शुगर होता है? | How much sugar is in a banana?

अमेरिकी कृषि विभाग के FoodData Central के मुताबिक एक मध्यम आकार के केले (लगभग 126 ग्राम) में 29 ग्राम कार्ब्स और 112 कैलोरी होती है। कार्ब्स चीनी, स्टार्च और फाइबर के रूप में होते हैं। एक मध्यम आकार के केले में लगभग 15 ग्राम चीनी होती है। पके हुए केले में केले में साधारण कार्ब्स होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को अन्य पोषक तत्वों से अधिक बढ़ा सकते हैं।

बता दें कि पीले या पके केले में हरे केले की तुलना में कम रजिस्टेंस स्टार्च होता है, साथ ही अधिक चीनी भी होती है, जो स्टार्च की तुलना में अधिक तेजी से अब्सॉर्ब होती है। इसका मतलब है कि पूरी तरह से पके केले में हाई GI होता है और हरे कच्चे केले की तुलना में आपके ब्लड शुगर में तेजी से वृद्धि होगी।

जबकि हरे (कच्चे) केले में रजिस्टेंस स्टार्च होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नहीं बढ़ाता है और लंबे समय तक रक्त शर्करा प्रबंधन में सुधार कर सकता है। पीले (पके) केले में अधिक चीनी होती है, इसलिए ब्लड शुगर लेवल में बड़ी वृद्धि का कारण बन सकते हैं।

पाचन में करता है सुधार | Improves digestion

Health Line पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक कच्चे केले में मौजूद पोषक तत्वों का प्रीबायोटिक प्रभाव भी होता है। इसके सेवन से फेफड़ों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं और उन्हें स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा, कच्चे केले खाने से शॉर्ट चेन फैटी एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है, जो पाचन स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं। कच्चा केला खाने से भी कब्ज की समस्या दूर होती है।

ब्लड शुगर को करता है नियंत्रित | Controls blood sugar

एक अन्य शोध के मुताबिक उच्च रक्त शर्करा का स्तर किसी के लिए भी चिंता का कारण हो सकता है। एक समय के बाद इलाज भी मुश्किल हो सकता है। यह टाइप 2 मधुमेह में बदल सकता है और अन्य शारीरिक समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। कच्चे केले में पेक्टिन और सेहतमंद स्टार्च दोनों होते हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। खासतौर पर कच्चे केले खाने से ब्लड शुगर बढ़ने से रोका जा सकता है। कच्चे केले में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी होता है।

हरे या कच्चे केले के फायदे | Benefits of green or raw banana

कच्चे केले पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जो वैसोडिलेटर के रूप में काम करते हैं और रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करते हैं। यह एथेरोस्क्लेरोसिस और दिल के दौरे जैसी कई हृदय स्थितियों को भी रोकता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है।

हरे केले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और सेवन के बाद धीरे-धीरे इंसुलिन हार्मोन रिलीज करता है। इस प्रकार, यदि आप रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो आपको अपने मेनू में हरे केले को शामिल करना चाहिए।

खनिजों के अलावा, हरे केले विटामिन बी6 और सी सहित विभिन्न विटामिनों से भरपूर होते हैं। विटामिन बी6 हमारे शरीर में कई एंजाइमेटिक प्रक्रियाओं में मदद करता है और हमारे चयापचय को बढ़ाता है। विटामिन सी एक कुशल एंटीऑक्सीडेंट है, जो कई पुरानी बीमारियों और संक्रमणों से लड़ता है। यह हमारी त्वचा के स्वास्थ्य में भी सुधार करता है और हमारी प्रतिरक्षा को बढ़ाता है।

हरे केले में उच्च मात्रा में आहार फाइबर और रजिस्टेंस स्टार्च होता है, जो पाचन में सहायता करता है, हमें लंबे समय तक भरा रखता है और वजन प्रबंधन में मदद करता है। वे पेट की विभिन्न बीमारियों जैसे गैस्ट्रिक अल्सर, सूजन, कब्ज, दस्त और पाचन तंत्र के जीवाणु संक्रमण में भी फायदेमंद होते हैं।

हरे केले हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं। हरे केले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और खनिज किडनी की समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं।

कच्चे या हरे केले बहुमुखी भोजन हैं। हम उन्हें अपने मेनू में स्मूदी, स्टिर-फ्राइड, चिप्स, कटलेट और सब्जी करी के रूप में शामिल कर सकते हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल author

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