Diwali Sweets Calories: दिवाली का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में मिठाइयों की खुशबू और मीठा स्वाद आ जाता है। घर-घर में काजू कतली, गुलाबजामुन, लड्डू और बर्फी बनती हैं। पर क्या आप जानते हैं कि इन छोटे-छोटे टुकड़ों में कितनी कैलोरी छिपी होती है? योगा और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट जूही कपूर कहती हैं कि त्योहार खुशी का समय होता है, गिल्ट का नहीं। बस जरूरत है थोड़ी जागरूकता की। तो आइए जानते हैं आपकी पसंदीदा मिठाई के एक पीस में कितनी कैलोरी होती है और उसे जलाने के लिए कितनी देर चलना पड़ेगा।
दिवाली खुशी का त्योहार है गिल्ट का नहीं
जूही कपूर कहती हैं, 'त्योहार खुशी के लिए होते हैं, गिल्ट के लिए नहीं। मैं खुद भी भारतीय हूं और हर साल दिवाली पर वही मिठाइयां खाती हूं। बस सालों में इतना समझ आ गया है कि मिठाई का मजा लिमिट में लेना चाहिए। ये सिर्फ एक जागरूकता का संदेश है ताकि लोग जान सकें कि कब रुकना है।' यानी मिठाई खाइए जरूर, लेकिन सोच-समझकर। लिमिट में खाएंगे तो ना सेहत बिगड़ेगी, ना त्योहार का मजा।
आपकी पसंदीदा मिठाइयों में कितनी होती है कैलोरी
दिवाली की टॉप मिठाइयों में कैलोरी कुछ इस तरह होती है,
- काजू कतली - 110 कैलोरी
- मोतीचूर लड्डू - 180 कैलोरी
- पेडा - 150 कैलोरी
- मिल्क केक - 160 कैलोरी
- गुलाबजामुन - 200 कैलोरी
- सोहन पापड़ी - 170 कैलोरी
- बर्फी - 160 कैलोरी
अब जरा सोचिए, अगर आपने चार-पांच पीस खा लिए तो करीब 700-800 कैलोरी शरीर में चली जाती है, जो एक पूरी प्लेट छोले-भटूरे या फ्राइड चावल के बराबर है!
इतनी कैलोरी जलाने के लिए करनी होगी कितनी वॉक
मीठा तो जल्दी खा लिया, लेकिन उसे बर्न करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। अगर आपका वजन लगभग 60 किलो है, तो
- काजू कतली (110 कैलोरी) - करीब 30 मिनट चलना होगा
- गुलाबजामुन (200 कैलोरी) - लगभग 50 मिनट की वॉक
- मोतीचूर लड्डू (180 कैलोरी) - 45 मिनट चलना पड़ेगा
- पेडा (150 कैलोरी) - 40 मिनट की वॉक
- सोहन पापड़ी (170 कैलोरी) - 45 मिनट वॉक
- बर्फी या मिल्क केक (160 कैलोरी) - 40 मिनट वॉक
यानि जितनी जल्दी मिठाई मुंह में घुलती है, उतनी देर पैरों को चलाना पड़ता है उसे जलाने के लिए!
दिवाली में मिठाई खाएं लेकिन फिटनेस भी बनाए रखें
जुही कपूर कहती हैं कि दिवाली पर मिठाई खाना बिल्कुल गलत नहीं है, बस थोड़ा संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
मिठाई खाने के बाद गुनगुना पानी जरूर पिएं, इससे पाचन अच्छा रहता है और शुगर भी कंट्रोल में रहती है। अगर आप बाहर वॉक पर नहीं जा पा रहे, तो घर की सफाई, पूजा की तैयारी या सजावट खुद करें। इनसे भी 150 से 200 कैलोरी तक बर्न हो सकती है।
छोटी-छोटी आदतें जो बड़ा असर करती हैं
जुही कपूर का मानना है कि मिठाई खाते वक्त गिल्ट नहीं, बस समझदारी रखनी चाहिए। मिठाई खाने के बाद 10-15 मिनट हल्का टहलना, पानी पीना और फ्राई चीजों से दूरी बनाना बहुत असर दिखाता है। इससे न केवल वजन कंट्रोल में रहता है बल्कि शरीर में भारीपन भी महसूस नहीं होता और त्योहार की मिठास भी बरकरार रहती है।
दिवाली मिठाइयों के बिना अधूरी है, लेकिन सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। मिठाई का मजा जरूर लीजिए, पर थोड़ी समझदारी से। जुही कपूर की बात याद रखिए कि त्योहार खुशी का वक्त है, गिल्ट का नहीं। थोड़ा संतुलन, थोड़ी वॉक और ढेर सारी मुस्कान बस यही है हेल्दी और मीठी दिवाली का राज।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
