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भारत में सामने आया बर्ड फ्लू का दूसरा मामला, पश्चिम बंगाल में 4 साल के बच्चे में हुई संक्रमण की पुष्टि

Bird Flu case in India: भारत में एक बार फिर से बर्ड फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं, हाल ही में पश्चिम बंगाल के एक 4 साल के बच्चे में H9N2 वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। आइए जानते हैं क्या है ये वायरस और कैसें करें इससे बचाव?

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Bird Flu in India

Photo : iStock

Bird Flu case Report in West Bengal: कोरोना वायरस के कहर से अभी तक देश उबर नहीं पाया है कि अब बढ़ते बर्ड फ्लू के मामलों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। अमेरिका और चीन के बाद अब भारत में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं। हाल ही में बर्ड फ्लू का एक ताजा मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारत में यह बर्ड फ्लू का दूसरा मामला है। इससे पहले साल 2019 में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था।

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू? (How does bird flu spread?)

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो बर्ड फ्लू का संक्रमण पक्षियों के आसपास रहने से फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। वहीं इस वायरस से वह लोग ज्यादा संक्रमित होते हैं जो पोल्ट्री फार्म में काम करते हैं। वहीं बात करें इस वायरस के प्रभाव की तो यह वायरस हमारे श्वसन तंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।

मुर्गियों के संपर्क में आने से हुआ संक्रमित

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो पश्चिम बंगाल में संक्रमित हुए बच्चे के घर के आसपास मुर्गियों का पालन किया जाता था। जिनके लगातार संपर्क में रहने के कारण बच्चे में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरवरी माह में इस बच्चे को एक स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसका पेट दर्द और बुखार आदि का इलाज किया गया था। तीन माह तक लगातार चले इलाज के बाद बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दी गई थी।

बर्ड फ्लू के लक्षण (Symptoms of Bird Flu)

  • तेज बुखार
  • दस्त
  • गला में संक्रमण
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • सिर में तेज दर्द

बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय (prevention tips for Bird Flu)

  1. पक्षियों के बहुत अधिक नजदीक जाने से बचें।
  2. आसपास की सफाई का हमेशा ध्यान रखें।
  3. मास्क का प्रयोग घर से बाहर निकलते समय करें।
  4. घर वापस आने पर अपने हाथों को साबुन से साफ करें।
  5. भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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