हेल्थ

क्यों गंजे हो गए हनी सिंंह, विग पहन कर दिखा रहे स्वैग, तनाव, ड्रग्स और दवाओं ने कैसे उड़ा दिए थे रैपर के बाल

हाल ही में हनी सिंह ने खुलासा किया है, कि वह बाइपोलर इसऑर्डर के दौरान ली जाने वाली दवाओं, तनाव और नशे के चलते गंजेपन के शिकार हो गए थे। आइए जानते हैं क्या है इनका आपस में संबंध।

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कैसे झड़ गए थे हनी सिंह के बाल

Honey Singh Hair Loss: रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया जिसने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझते हुए उन्हें गंभीर शारीरिक बदलावों का सामना करना पड़ा, जिनमें सबसे बड़ा असर उनके बालों पर पड़ा और धीरे-धीरे वह पूरी तरह गंजे हो गए। उनका यह अनुभव केवल एक सेलिब्रिटी की कहानी नहीं, बल्कि मानसिक बीमारी के गहरे प्रभावों की झलक भी है। हनी सिंह के मुताबिक, मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम के दौरान दी जाने वाली दवाओं और ड्रग्स के इस्तेमाल के चलते उन्हें गंभीर हेयर लॉस का सामना करना पड़ा था। आइए जानते हैं मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम और हेयर लॉस का क्या है संबंध।

मानसिक तनाव का शरीर पर असर कैसा होता है

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, मेंटल और फिजिकल हेल्थ के बीच गहरा संबंध होता है। बाइपोलर डिसऑर्डर जैसे मानसिक विकार शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ा देते हैं, जिससे कई तरह की जैविक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। लगातार तनाव की कंडीशन रहने से बालों की जड़ों का सामान्य विकास बाधित होता है। आमतौर पर बालों का विकास रिलैक्स मोड में तेजी से होता है, लेकिन ज्यादा तनाव होने पर बड़ी संख्या में बाल अचानक 'रेस्टिंग फेज' में चले जाते हैं, जिससे हेयर फॉल तेजी से होने लगता है।

दवाओं के साइड इफेक्ट बना कारण

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। खासकर वलप्रोएट जैसी दवाएं शरीर में बायोटिन, जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों की कमी कर सकती हैं। ये सभी चीजें हेल्दी बालों के लिए बेहद जरूरी हैं। जब शरीर में इन तत्वों की कमी हो जाती है, तो बाल कमजोर होकर तेजी से झड़ने लगते हैं।

नशा और खराब लाइफस्टाइल का असर

हनी सिंह ने अपने बाल झड़ने के कारणों में नशे का भी जिक्र किया। इसके अलावा डॉक्टर्स का भी मानना है कि शराब या अन्य ड्रग्स का सेवन हमारे लिवर को कमजोर कर देता है। जिससे शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। यदि शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और जिंक जैसे तत्व बालों की कमी हो जाए तो इससे बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं। इनकी कमी से बालों का गिरना और भी तेज हो जाता है।

जागरुकता और सही इलाज की जरूरत

ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर किसी व्यक्ति को अचानक या लगातार तेजी से बाल झड़ने की समस्या हो रही है, तो उसे इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके पीछे केवल बाहरी कारणों को तलाशने की बजाए मेंटल हेल्थ, हार्मोनल बदलाव और दवाओं के साइड इफेक्ट पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि हेयर लॉस तेजी से हो तो समय पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

जानेमाने सिंगर हनी सिंह का अनुभव हमें इस बात की याद दिलाता है कि मेंटल हेल्थ को नजरअंदाज करना हमारे पूरे शरीर पर भारी पड़ सकता है। याद रखें कि तनाव, मेंटल हेल्थ की दवाएं और खराब जीवनशैली मिलकर शरीर को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सही इलाज, संतुलित आहार और मानसिक देखभाल से इस स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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