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फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, ऐसे करेंगे यूज तो श्वसन तंत्र के साथ इम्यूनिटी होगी मजबूत

Lungs Aur Immunity Majboot Banane Ke Liye Ayurvedic Herbs: बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और बुखार की परेशानी आम होती है। ऐसे में आयुर्वेदिक डॉक्टर चैताली राठौर बताती हैं 5 खास जड़ी-बूटियों के बारे में जैसे तुलसी, गिलोय, कंटकारी, वासा और गुडूची, जो फेफड़ों की ताकत बढ़ाने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करती हैं। जानिए कैसे करें इनका सही इस्तेमाल।

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Ayurvedic Herbs To Boost Immunity And Lung Health

Lungs Aur Immunity Majboot Banane Ke Liye Ayurvedic Herbs: मॉनसून आते ही हर घर में सर्दी, खांसी और वायरल बुखार की शिकायतें बढ़ जाती हैं। गले में खराश, नाक बंद और सांस लेने में दिक्कत जैसी दिक्कतें आजकल आम हो गई हैं। असल में, इन सारी समस्याओं की जड़ है हमारी कमजोर इम्यूनिटी और श्वसन तंत्र। ऐसे में हर बार दवाइयों पर निर्भर रहने की बजाय क्यों न कुछ नेचुरल तरीका अपनाया जाए?

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां हैं जो फेफड़ों की सेहत सुधारने के साथ-साथ शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ाती हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर और हेल्थ इंफ्लुएंसर डॉ. चैताली राठौर ने कुछ ऐसी ही 5 असरदार आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शेयर की हैं, जिनका सही इस्तेमाल आपकी सेहत को नई ताकत दे सकता है।

फेफड़े और इम्यूनिटी मजबूत बनाने वाली जड़ी-बूटियां - Ayurvedic Herbs To Boost Immunity And Lung Health In Hindi

तुलसी

तुलसी हर घर में मिल जाती है, लेकिन इसके फायदे बहुत गहरे हैं। यह न सिर्फ सर्दी-खांसी में आराम देती है बल्कि वायरल इंफेक्शन और डेंगू जैसे बुखार में भी असरदार है। तुलसी शरीर से टॉक्सिन्स निकालती है और फेफड़ों को साफ रखने में मदद करती है। अगर आपको खांसी या गला खराब हो, तो तुलसी का रस या काढ़ा जरूर आज़माएं।

गिलोय

गिलोय या गुडूची एक जानी-मानी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देती है। सर्दी, खांसी, बुखार, यूरिन इन्फेक्शन और यहां तक कि डायबिटीज में भी ये काम आती है। इसका काढ़ा बनाकर पीना श्वसन तंत्र को दुरुस्त करता है और बार-बार होने वाली एलर्जी से राहत दिलाता है।

कंटकारी

कंटकारी नाम से ही साफ है कि ये गले की तकलीफों में असरदार है। आयुर्वेद में इसे खासकर खांसी और अस्थमा के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। ये गले की खराश, बलगम और सांस की दिक्कतों में राहत पहुंचाती है। इसे गुनगुने पानी के साथ लेने से फायदा जल्दी दिखता है।

वासा

वासा एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो हर अच्छे आयुर्वेदिक कफ सिरप में पाई जाती है। यह बलगम निकालने में मदद करती है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी परेशानियों में काफी कारगर मानी जाती है। अगर आप इसका रस निकालकर उसमें थोड़ा शहद और अदरक का रस मिलाकर पिएं, तो ये एक बेहतरीन घरेलू खांसी सिरप बन जाता है।

कैसे करें इस्तेमाल

डॉ. चैताली राठौर मानती हैं कि जब ये सभी जड़ी-बूटियां मिलकर उपयोग की जाएं, तो उनका असर और भी तेज होता है। ये शरीर के अंदर से सफाई करती हैं, फेफड़ों को मजबूती देती हैं और इम्यूनिटी को बढ़ाकर वायरल या एलर्जिक बीमारियों से बचाव करती हैं।

नेचुरली मजबूत बनाएं अपना श्वसन तंत्र

दवाइयों के भरोसे रहने की जगह अगर हम आयुर्वेद की इन प्राकृतिक जड़ी-बूटियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो फेफड़ों की ताकत बढ़ेगी और बार-बार बीमार पड़ने की नौबत नहीं आएगी। डॉ. चैताली राठौर के अनुसार, इन हर्ब्स का सही और नियमित इस्तेमाल हमारे पूरे सिस्टम को मजबूती देता है। तो इस मॉनसून से शुरुआत करें और अपनी सेहत को नेचुरल तरीके से नया जीवन दें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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