Back Pain Causes : दिनभर के काम और भागदौड़ भरी जिंदगी की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। इन समस्याओं में कमर दर्द शामिल है। हम में से कई लोग कमर दर्द होने पर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर आपको लंबे समय से कमर दर्द की परेशानी हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें। क्योंकि कमर दर्द के कई गंभीर कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, कमर दर्द की परेशानी को आप कुछ हल्के-फुल्के एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव करके ठीक कर सकते हैं। आइए जानते हैं कमर दर्द के क्या हो सकते हैं कारण?
कमर दर्द के कारण – Causes of back pain
आमतौर पर कमर दर्द के स्पष्ट कारण सामने नहीं आते हैं। अगर आपको लंबे समय से कमर दर्द की परेशानी हो रही है तो इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें। इस स्थिति में डॉक्टर कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इसमें एक्सरे, एमआरआई और ब्लड टेस्ट शामिल हैं। आइए जानते हैं कमर दर्द के कुछ सामान्य कारणों के बारे में-
- बार-बार भारी वजन उठाना
- मांसपेशियों या लिगामेंट में किसी तरह का खिंचाव
- लंबे समय तक कमर को मोड़कर रखना
- पीठ पर लगातार दबाव पड़ना
- डिस्क में बल्जिंग या रप्चर डिस्क की परेशानी होना
- आर्थराइटिस
- ऑस्टियोआर्थराइटिस या ऑस्टियोपोरोसिस, इत्यादि।
कमर दर्द से बचाव के उपाय - Prevention of Back pain
व्यायाम करें
अगर आप कमर दर्द की परेशानी को दूर करना चाहते हैं, तो इसके लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। नियमित रूप से एक्सरसाइज की मदद से कमर दर्द की परेशानी को दूर किया जा सकता है। मुख्य रूप से कमर दर्द में एरोबिक एक्सरसाइज आपके लिए अधिक फायदेमंद होती है। इससे आपके कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
वजन रखें कंट्रोल
कमर दर्द की परेशानी को कम करने के लिए आपको अपने वजन पर नियंत्रित करने की जरूरत है। अगर आपके शरीर का भार अधिक है, तो कमर दर्द की परेशानी लगातार बनी रहेगी। शरीर का भार अधिक होने की वजह से कमर की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है। ऐसे में आपको अपना वजन कंट्रोल करने की जरूरत है।
खड़े होने की पोजिशन रखें ठीक
कुछ लोगों को गलत पोजिशन में खड़े होने की वजह से भी कमर दर्द की परेशानी हो सकती है। ऐसे में अगर आपको भी इस कारण से कमर दर्द रहता है, तो अपने खड़े होने और बैठने की स्थिति को ठीक करें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
