Ayurvedic Remedies For Cough Cold And Sore Throat In Hindi: मौसम बदलते ही कई लोगों को सर्दी-खांसी, गले में खराश और हल्का बुखार परेशान करने लगता है। आजकल तो हर गली-मोहल्ले में कोई न कोई इन लक्षणों से जूझ रहा है। कई लोग डर जाते हैं कि कहीं फिर से कोई नया वायरस तो नहीं? लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। इंस्टाग्राम हेल्थ इंफ्लुएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर चैताली राठौड़ (BAMS Ayurveda) कहती हैं कि अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में थोड़े से आयुर्वेदिक टिप्स जोड़ लें, तो इन मौसमी बीमारियों से बचाव भी हो सकता है और जल्दी ठीक भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं उनके बताए कुछ आसान और असरदार घरेलू उपाय।
सर्दी-खांसी और गले की खराश के लिए आयुर्वेदिक उपाय - Ayurveda Tips For Cough Cold And Sore Throat In Hindi
सुबह-सुबह लें गिलोय और वासा का जूस
अगर सुबह उठते ही गला भारी लगता है, शरीर कमजोर लग रहा है या बुखार जैसा महसूस हो रहा है, तो डॉ. चैताली के अनुसार गिलोय और वासा का जूस बहुत फायदेमंद रहेगा।
- ताजे पत्ते मिल जाएं तो उनका रस निकालकर 15-20 ml सुबह खाली पेट लें।
- अगर पत्ते नहीं मिलते, तो दोनों का चूर्ण आधा-आधा चम्मच गर्म पानी में मिलाकर लें।
- यह नुस्खा डायबिटीज वाले लोग भी ले सकते हैं।
भाप लेना शुरू करें
जिन्हें बार-बार नाक बंद होना, सिर भारी लगना या गले में कफ फंसना जैसी दिक्कत होती है, उनके लिए डॉ. चैताली भाप लेने की सलाह देती हैं।
- एक बड़े बर्तन में गर्म पानी लें, उसमें तुलसी के पत्ते, अजवाइन या अजवाइन के पत्ते डालें।
- दिन में दो से तीन बार भाप लें।
- इससे बंद नाक खुलेगी, कफ निकलेगा और गले को आराम मिलेगा।
गर्म पानी पिएं
जब तक सर्दी-खांसी ठीक न हो जाए, तब तक ठंडा पानी बिल्कुल ना पिएं। डॉ. राठौड़ के मुताबिक गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है और बलगम जल्दी निकलता है।
लौंग और घी
लौंग में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गले की सूजन और जलन को कम करते हैं।
- एक लौंग को हल्का सा घी में भूनकर चबाएं।
- दिन में दो बार लेने से तुरंत राहत मिलती है।
इम्युनिटी शॉट्स
डॉ. चैताली एक आसान और असरदार इम्युनिटी बूस्टर भी बताती हैं।
- आधा चम्मच शहद
- एक चुटकी काली मिर्च
- डायबिटीज मरीज शहद की जगह गाय का घी लें
इस मिश्रण को दिन में दो बार लेने से शरीर की ताकत बढ़ती है और सर्दी-खांसी जल्दी ठीक होती है।
क्रॉनिक बीमारी है तो डॉक्टर से जरूर पूछें
अगर किसी को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या पुरानी सांस की बीमारी है, तो बिना सलाह के कोई घरेलू नुस्खा न अपनाएं। ऐसे मामलों में डॉ. राठौड़ आयुर्वेद विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लेने की बात कहती हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
