Ayurvedic Hormone Balancing Foods For Women: आजकल ज्यादातर महिलाएं किसी न किसी हार्मोनल समस्या से जूझ रही हैं। कभी पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, कभी मूड बिना वजह बदलता रहता है, तो कभी PCOS या थायरॉयड जैसी दिक्कत सामने आ जाती है। असल में हार्मोन का संतुलन बिगड़ना ही इन परेशानियों की जड़ होता है। आयुर्वेद में सदियों पहले से ऐसे कई प्राकृतिक फूड्स और जड़ी-बूटियों का वर्णन मिलता है जो महिलाओं के शरीर को अंदर से पोषण देकर हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। खास बात यह है कि ये चीजें हमारी रसोई में ही मौजूद हैं। अगर सही तरीके से और नियमित रूप से इनका सेवन किया जाए, तो पीरियड्स से लेकर मूड स्विंग तक कई समस्याओं में राहत मिल सकती है। हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार ने अपनी एक पोस्ट में इन फूड्स के बारे में डिटेल में बताया है, इस लेख में आप भी जानिए।
शतावरी और अश्वगंधा
आयुर्वेद में शतावरी को महिलाओं की क्वीन ऑफ हर्ब्स कहा जाता है। यह एस्ट्रोजन संतुलित करने में मदद करती है और PCOS, फर्टिलिटी व पीरियड्स की समस्याओं में सहायक मानी जाती है। साथ ही यह शरीर में नमी और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है। आधा चम्मच शतावरी पाउडर रात को गुनगुने दूध के साथ लिया जा सकता है।
अश्वगंधा तनाव हार्मोन यानी कॉर्टिसोल को कम करने में मदद करती है। तनाव कम होगा तो हार्मोन अपने आप संतुलित होने लगते हैं। यह नींद सुधारने और थायरॉयड सपोर्ट में भी सहायक मानी गई है। आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर भी रात में दूध के साथ लिया जा सकता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में इन दोनों का वर्णन रसायन और वाजीकरण द्रव्य के रूप में मिलता है।
तिल, अलसी और मेथी
तिल यानी तिल के बीज को आयुर्वेद में 'बल्य और गर्भप्रदा' कहा गया है। यह प्रोजेस्टेरोन को सपोर्ट करता है, ओव्यूलेशन बेहतर करने और गर्भाशय को मजबूत बनाने में मदद करता है। रोज एक चम्मच हल्का भुना तिल खाना फायदेमंद हो सकता है।
अलसी यानी फ्लैक्ससीड्स एस्ट्रोजन संतुलित करने और PMS कम करने में सहायक मानी जाती है। एक चम्मच भुना पाउडर रोज लिया जा सकता है।
मेथी इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारने में मदद करती है, जो खासकर PCOS में जरूरी है। सुबह भिगोए हुए मेथी दाने खाने से ओव्यूलेशन सपोर्ट और एक्ने कम करने में मदद मिल सकती है।
घी और नारियल
देसी गाय का घी आयुर्वेद में रसायन और मेध्य माना गया है। यह हार्मोन सिग्नलिंग सुधारने, पाचन बेहतर करने और थायरॉयड सपोर्ट में मदद करता है। रोज एक चम्मच घी शरीर की ड्रायनेस कम करने में भी सहायक हो सकता है।
नारियल को 'शीतल' और पित्त शांत करने वाला बताया गया है। जिन महिलाओं को ज्यादा गर्मी, चिड़चिड़ापन या स्किन इश्यू रहते हैं, उनके लिए ताजा नारियल या नारियल पानी अच्छा विकल्प हो सकता है।
खजूर और आंवला
खजूर आयरन और ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह पीरियड्स में कमजोरी कम करने और फर्टिलिटी सपोर्ट में मदद करता है। 2-3 खजूर रातभर भिगोकर सुबह खाना लाभकारी हो सकता है।
आंवला को आयुर्वेद में श्रेष्ठ रसायन कहा गया है। यह थायरॉयड सपोर्ट, एग क्वालिटी सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। एक चम्मच आंवला पाउडर शहद के साथ लिया जा सकता है।
सहजन (मोरिंगा)
मोरिंगा यानी सहजन को आयुर्वेद में दीपक और मेदोहर बताया गया है। यह इंसुलिन संतुलित करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में सहायक है। खासकर PCOS में यह मददगार हो सकता है। आधा चम्मच मोरिंगा पाउडर खाने में मिलाकर लिया जा सकता है।
आखिर में यही समझना जरूरी है कि हार्मोन संतुलन एक दिन में ठीक नहीं होता। लेकिन अगर हम रोजमर्रा की जिंदगी में इन आयुर्वेदिक फूड्स को शामिल करें, संतुलित खानपान रखें और तनाव कम करें, तो शरीर धीरे-धीरे खुद को संतुलित करना शुरू कर देता है। किसी भी नई चीज को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना भी जरूरी है, ताकि सही मात्रा और सही तरीका अपनाया जा सके।
