Thyroid in Children: आज कल बच्चों में बढ़ रही है थाइरॉइड की समस्या, जानें क्या है वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 14, 2022, 07:39 AM IST

Thyroid in Children: थाइरॉइड एक ऐसी ग्रंथि होती है, जो मुख्य महिलाओं को ज्यादा होती है। हालांकि, कुछ कारणों से ये बच्चों में भी हो सकती है। ऐसे में बच्चों के शरीर में कुछ बदलाव देखने को मिलते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Thyroid in Children: आज कल बच्चों में बढ़ रही है थाइरॉइड की समस्या, जानें क्या है वजह

Thyroid in Children: आजकल लोगों में थाइरॉइड की समस्या खूब देखने को मिल रही है। यह समस्या पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों में ज्यादा देखने को मिलती है। दरअसल, थाइरॉइड हार्मोन शरीर के लिए बहुत जरूर होता है। ये हार्मोन वजन और मूड तक का प्रभावित करता है। थाइरॉइड हार्मोन गले में मौजूद थाइरॉइड ग्रंन्थि में बनता है। यदि हार्मोन कम या ज्यादा हो जाए, तो इससे दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है। आजकल ये समस्या बच्चों में भी देखने को मिल रही है। तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि बच्चों में थाइरॉइड के क्या लक्षण और कारण होते हैं। तो चलिए जानते हैं।

बच्चों में थाइरॉइड की समस्या के कारण

एक रिपोर्ट के अनुसार, थाइरॉइड की परेशानी जैनेटिक भी हो सकती है। ये समस्या प्रीमैच्योर बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है। यदि प्रेग्नेंसी के दौरान मां कम आयोडीन वाला खाना खाती हैं, तो इससे बच्चे में आयोडीन की पूर्ति नहीं हो पाती है, जो बच्चों में थाइरॉइड का कारण बनता है।  

हाशिमोटो थायरोडिटिस और ग्रेव्स बनती हैं थाइरॉइड का कारण

बच्चों में हाशिमोटो थायरोडिटिस और ग्रेव्स जैसी बीमारियां भी थाइरॉइड का कारण बन सकती है। दरअसल, इस तरह की बीमारियां रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देती है,  जैसी ऑटोइम्यून बीमारीयां थाइरॉइड का कारण बनती हैं और ये बीमारियां थाइरॉइड ग्लैंड पर सीधा असर डालते हैं। इससे थाइरॉइड का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे बच्चे इस समस्या का शिकार हो जाते हैं।

बच्चों में थाइरॉइड के लक्षण

बच्चों की फिजिकल ग्रोथ कम होना, मानसिक रूप से कमजोर होना, थकावट महसूस करना, बच्चों का जल्दी बीमार पड़ जाना, रूखी और बेजान स्किन, हड्डियों का कमजोर हो सकता, कब्ज और अपच की समस्या, मोटापे की समस्या, आंखों में सूजन और सांस लेने में तकलीफ का होना आदि बच्चों में थाइरॉइड होने के लक्षण होते हैं।

( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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