Gigantomastia: कई महिलाओं को अचानक अपने ब्रेस्ट साइज में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। दरअसल, अचानक से यदि ब्रेस्ट का साइज बढ़ने लगे, तो महिलाएं शर्मिदा होने लगती है, लेकिन ये शर्मिदा होने वाली नहीं बल्कि बीमारी का संकेत होता है। मेडिकल की भाषा में इस समस्या को गिगेंटोमैस्टिया या ब्रेस्ट हाइपरट्रॉफी कहते हैं। ये एक दुर्लभ कंडीशन है, इसके सिर्फ कुछ ही मामले सामने आते हैं। हालांकि, इसके कारण अभी पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन फिर भी कुछ लक्षण और कारण ऐसे होते हैं, जिनसे इस समस्या का पता लगाया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं ब्रेस्ट के साइज के बड़े होने के कारण और लक्षण, साथ में जानेंगे समस्या से निजात के उपाय, चलिए जानते हैं-
ब्रेस्ट साइज के बढ़ने पर हो सकती है ये समस्या
गिगेंटोमैस्टिया के लक्षण
गिगेंटोमैस्टिया का मुख्य लक्षण एक या दोनों ब्रेस्ट में टिशू का अत्यधिक बढ़ना है। वहीं, इसके अन्य लक्षण हैं-
- ब्रेस्ट में दर्द
- सिरदर्द
- कंधे, पीठ और गर्दन में दर्द
- खराब पोश्चर
- ब्रेस्ट के नीचे त्वचा पर चकत्ते, संक्रमण या फोड़े
- ब्रेस्ट एसिमिट्री (जब एक ब्रेस्ट दूसरे से बड़ा होता है)
- अस्थायी या स्थायी नर्वस डैमेज
- खेल खेलने या एक्सरसाइज करने में कठिनाई
- इसके अलावा, बहुत ज्यादा बड़े ब्रेस्ट के परिणामस्वरूप मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और सामाजिक समस्याएं हो सकती हैं।
गर्भवती महिलाएं या जो नई मांएं होती हैं, उनमें ब्रेस्ट साइज बढ़ने के निम्न कारण हो सकते हैं-
- फीटस की खराब वृद्धि
- सहज गर्भपात
- मास्टिटिस (ब्रेस्ट संक्रमण)
गिगेंटोमैस्टिया के कारण
हालांकि, इस समस्या के सटीक कारण तो नहीं हैं, लेकिन फिर भी कई महिलाओं में ये आनुवांशिकता की वजह से हो सकता है, तो कई महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान यह समस्या देखने को मिलती है।

उपचार के विकल्प
गिगेंटोमैस्टिया के लिए कोई मानक उपचार नहीं है। इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ दवाएं खाई जा सकती हैं। हालांकि, ज्यादातर मामलों में सर्जरी कराने की जरूरत होती है।
( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

