देश

इंजन फेल हो रहे, माइलेज घट रही है...'पेट्रोल में ज्यादा इथेनॉल पर डीके शिवकुमार का केंद्र पर हमला

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन आरोपों का समर्थन किया है, जिनके मुताबिक कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट 20% की तय सीमा से ज्यादा है।

Image

डीके शिवकुमार का केंद्र पर हमला

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी सरकार के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट 20% की तय सीमा से ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें ऐसी शिकायतें मिली हैं कि हजारों गाड़ियों के इंजन में दिक्कतें आ रही हैं और लोगों को माइलेज कम मिलने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा तय सीमा से ज्यादा होने के दावों को खारिज कर दिया है और टेस्टिंग के तरीके पर ही सवाल उठाए हैं।

अपनी सरकार के दावों का समर्थन करते हुए, शिवकुमार ने बताया कि सोमवार को एक मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें पूरी जानकारी और दस्तावेज पेश किए जाएंगे।

'राजनीतिक फायदे के लिए नहीं उठा रहे यह मुद्दा'

शिवकुमार ने कहा कि वह यह मुद्दा किसी राजनीतिक वजह से नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह विपक्ष में होने की बात नहीं है। मैं आर. अशोक की तरह विपक्ष के किसी नेता के तौर पर नहीं बोल रहा हूं।' मुख्यमंत्री ने बताया कि संबंधित मंत्री को निर्देश दे दिए गए हैं और केंद्र सरकार को उन 67 जगहों के बारे में बता दिया गया है, जहां से सैंपल लिए गए थे। उन्होंने कहा, 'हमें ऐसी शिकायतें मिली हैं कि हजारों गाड़ियों में दिक्कतें आ रही हैं। इंजन बार-बार बंद हो रहे हैं और माइलेज भी कम हो गई है।'

उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है और लगभग 30% काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, 'हमने जांच की है; पेट्रोल पंपों पर ही मिलावट की जा रही है। जहां से पेट्रोल बांटा जा रहा है, वहीं मिलावट हो रही है। हमारे पास इसके सभी दस्तावेज मौजूद हैं।'

'मुनाफा कमाने के लिए वे इसे पेट्रोल में मिला रहे हैं'

शिवकुमार ने कहा कि यह पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा, 'चूंकि यह (इथेनॉल) कम कीमत पर मिल जाता है, इसलिए मुनाफा कमाने के लिए वे इसे पेट्रोल में मिला रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं। यह खतरनाक है। लोगों को जागरूक करने और उनकी सुरक्षा करने की जरूरत है।' मु सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs)-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बताया कि इथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह से नियंत्रित और स्वचालित (ऑटोमेटेड) है। यह कानूनी दिशानिर्देशों के तहत होती है, न कि इसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप होता है।

कर्नाटक सरकार ने क्या दावा किया था?

कर्नाटक के इस दावे के जवाब में कि इथेनॉल का स्तर 31 प्रतिशत तक पहुंच गया है, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की मंजूरी ठोस वैज्ञानिक प्रमाणों और तकनीकी आकलन पर आधारित है। गोपी ने चेतावनी देते हुए कहा, 'हमने 20 प्रतिशत की मंजूरी दी है, और समय के साथ इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। ये फैसले वैज्ञानिक व्यवहार्यता (साइंटिफिक फिजिबिलिटी) को परखने के बाद लिए जा रहे हैं। अगर राजनीतिक फायदे के लिए तकनीकी मुद्दों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है, तो अंत में यह देखना होगा कि कौन खुद के लिए गड्ढा खोद रहा है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article