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दिवाली की आतिशबाजी ने दिल्ली को बनाया ‘गैस चैंबर’, जहांगीरपुरी में AQI 460, कल से हवा होगी और जहरीली

Delhi Pollution: दिवाली के जश्न के बीच दिल्ली की हवा प्रदूषण से और जहरीली हो गई है। रविवार शाम 7 बजे राजधानी का AQI 371 दर्ज किया गया, जबकि पूरे दिन का औसत AQI 376 रहा। जहांगीरपुरी में AQI 460 तक पहुंच गया। CPCB के 19 मॉनिटरिंग स्टेशन गंभीर श्रेणी में रहे। मौसम, पटाखों, वाहनों के धुएं और पराली जलाने के कारण 9 नवंबर से दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।

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दिल्ली में दिवाली के बाद सांस लेना होगा मुश्किल, AQI 371, सोमवार से प्रदूषण का ‘गंभीर’ अटैक। PTI

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Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली में दिवाली का जश्न इस बार प्रदूषण की मोटी चादर के बीच मनाया जा रहा है। रविवार शाम आतिशबाजी और पटाखों के शोर के साथ हवा में धुएं और स्मॉग का असर भी साफ नजर आया। शाम 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 371 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। वहीं, प्रदूषण की स्थिति सोमवार से और बिगड़ने का अनुमान है। एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (EWS) के मुताबिक, 9 नवंबर से दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच सकती है।

जहांगीरपुरी में AQI 460, 19 मॉनिटरिंग स्टेशन गंभीर श्रेणी में

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार शाम 7 बजे तक दिल्ली के 59 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से आंकड़े मिले। इनमें से 19 स्टेशन ऐसे थे, जहां AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। सात स्टेशन ‘खराब’ और बाकी 33 स्टेशन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहे। दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण जहांगीरपुरी में दर्ज किया गया, जहां AQI 460 तक पहुंच गया। वहीं, पूरे दिन का औसत AQI 376 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। इससे एक दिन पहले शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 369 दर्ज किया गया था।

दिवाली के बाद और बिगड़ेगी हवा, सोमवार से गंभीर श्रेणी का अनुमान

एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के अनुसार, दिवाली के बाद दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। अनुमान है कि 9 नवंबर से अगले कुछ दिनों तक राजधानी की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रह सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पटाखों से निकलने वाला धुआं, वाहनों का उत्सर्जन और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी प्रदूषकों को हवा में फैलने से रोक सकती हैं।

पीएम 2.5 बना सबसे बड़ा प्रदूषक, वाहनों से 19 फीसदी प्रदूषण

रविवार को दिल्ली की हवा में PM2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा। पटाखों से निकलने वाले धुएं ने हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा और बढ़ा दी। दिल्ली के लिए डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुमान के मुताबिक, रविवार को राजधानी के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान परिवहन क्षेत्र यानी वाहनों का रहा। इसकी हिस्सेदारी करीब 19 फीसदी रहने का अनुमान था। वहीं, पराली जलाने से प्रदूषण में लगभग 3.5 फीसदी योगदान का अनुमान लगाया गया। सोमवार को पराली का योगदान करीब 2.99 फीसदी रहने की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ता है प्रदूषण और क्या है AQI का पैमाना?

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे सिर्फ पटाखे ही नहीं, बल्कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, पराली जलाना और मौसम की स्थिति भी जिम्मेदार हैं। जब हवा की रफ्तार कम होती है और प्रदूषकों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती, तो प्रदूषण जमीन के करीब जमा होने लगता है।

CPCB के मुताबिक, AQI की अलग-अलग श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  • 0-50: अच्छा (Good)
  • 51-100: संतोषजनक (Satisfactory)
  • 101-200: मध्यम (Moderate)
  • 201-300: खराब (Poor)
  • 301-400: बहुत खराब (Very Poor)
  • 401-500: गंभीर (Severe)

एयर क्वालिटी विशेषज्ञों के मुताबिक, जब वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे हो और औसत हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहे, तो प्रदूषकों का प्रभावी ढंग से फैलना मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में दिल्ली की हवा और जहरीली हो सकती है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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