Mindfulness Day: माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने से मिलते हैं कई स्वस्थ लाभ, इस तरह से ध्यान लगाने से आएगा कम गुस्सा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 12, 2022, 05:25 PM IST

Mindfulness Day Meditation Benefits: मानसिक बीमारी बढ़ती जा रही है। ऐसे में मेंटल हेल्थ के लिए माइंडफुलनेस मेडिटेशन बेहद जरूरी है। माइंडफुलनेस का अर्थ है किसी भी चीज पर पूरा ध्यान। इसे करने के कई फायदे हैं।

Mindfulness Day: माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने से मिलते हैं कई स्वस्थ लाभ, इस तरह से ध्यान लगाने से आएगा कम गुस्सा

How To Do Mindfulness Meditation: माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक मानसिक ट्रेनिंग अभ्यास है, जो आपके दिमाग में दौड़ रही विचारों को धीमा करने, नकारात्मकता को दूर करने और अपने मन और शरीर दोनों को शांत करना सिखाता है। आज की भागती दौड़ती जिंदगी में व्यक्ति तनाव मुक्त रहना भूल गया है। दिमाग में तरह-तरह की चिंताओं के चलते वह धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार होने लगा है। कई बार इसे निकल पाना लोगों के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। उन्हें समझ नहीं आता कि खुद को किस तरह शांत करें। कई लोग खुश रहने के लिए बाहर आउटिंग कर लेते हैं, मूवी देख लेते हैं, लेकिन इससे मानसिक शांति नहीं मिल पाती है। ऐसे में थोड़ा समय खुद के साथ बिताना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए माइंडफुलनेस मेडिटेशन बहुत ही लाभदायक है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन के कई फायदे हैं। आइए जानते हैं माइंडफुलनेस डे पर माइंडफुलनेस मेडिटेशन के फायदे।

माइंडफुलनेस मेडिटेशन के फायदे

माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने के कई तरीके हैं। इसे करने से आप अपने गुस्से में शांति पा सकते हैं। जब भी आपको गुस्सा आता है तो आप आंखें बंद करके गहरी सांस लें और पूरा ध्यान खुद पर केंद्रित करें। पांच मिनट ऐसा करने से आपका गुस्सा शांत हो जाएगा। इसके बाद आपको शांति और खुशी का आनंद होगा। माइंडफुलनेस मेडिटेशन से किसी भी काम के प्रति आपका फोकस बढ़ेगा। स्ट्रेस व चिंता से छुटकारा पा सकेंगे। बेहतर नींद भी मिलेगी। इसके साथ ही दूसरों को समझने और स्वीकार करने की क्षमता का विकास होगा।

कैसे करें माइंडफुलनेस मेडिटेशन

माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करें जहां शांति हो और हल्की सूरज की रोशनी आती हो। इसे आप सुबह के वक्त कर सकते हैं। सुबह उठकर करने से कई फायदे होंगे। इसे करने के लिए आंखें बंद करें और अपना पूरा ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करें। सांस अंदर और बाहर जितनी बार आ रही है उतनी बार उसे महसूस करें। सांसों के उतार-चढ़ाव को अच्छे से महसूस करें।

इस दौरान एक हाथ पेट पर रखें और जब सांस लें तो पेट बाहर की तरफ जाए और जब सांस छोड़े तो पेट अंदर की तरफ जाए। इस मुद्रा में कम से कम 10 से 15 मिनट तक रहें और इसके बाद धीरे से आंख खोलें। आपको काफी हल्का महसूस होगा।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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