'अधिक मोटापा-अधिक मौतें'; मोटे लोगों के लिए अधिक खतरनाक है कोरोना वायरस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 8, 2021, 04:57 PM IST

World obesity federation: एक रिसर्च से सामने आया है कि जिन देशों में लोगों का मोटापा ज्यादा है, वहां कोरोना वायरस से अधिक लोगों की मौत हो रही है।

'अधिक मोटापा-अधिक मौतें'; मोटे लोगों के लिए अधिक खतरनाक है कोरोना वायरस

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी को लेकर नई-नई चीजें सामने आती रहती हैं। अब सामने आया है कि जो लोग मोटे हैं उन्हें कोविड 19 से अधिक खतरा है। विश्व मोटापा फेडरेशन (World Obesity Federation) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना से मृत्यु दर उन देशों में लगभग 10 गुना अधिक है, जहां आधी या अधिक जनसंख्या अधिक वजन वाली है। शोधकर्ताओं ने किसी देश की कोविड 19 मृत्यु दर और उसकी आबादी में मोटापे की व्यापकता के बीच एक कड़ी निकाली है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि उच्च मृत्यु दर केवल उन्हीं देशों में है जहां अधिक वजन वाले वयस्क आबादी का लगभग 50% से अधिक हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में दुनिया में सबसे अधिक मोटापा दर है, जो पिछले 18 वर्षों में 30.5% से बढ़कर 42.4% हो गई है। 

कोरोना से जुड़ी मौत की दर उन देशों में 10 गुना ज्यादा रही, जहां आधे से ज्यादा वयस्कों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 25 से ज्यादा है। ब्रिटेन चौथे और अमेरिका 8वें स्थान पर है। इसमें बेल्जियम पहले, स्लोवेनिया दूसरे, बिटेन तीसरे, इटली 5वें, पुर्तगाल छठे और अमेरिका 8वें स्थान पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड 19 से होने वाली 25 लाख मौतों में से लगभग 22 लाख लोग ऐसे देशों से थे जहां वयस्क अधिक वजन वाले थे। 

रिपोर्ट में 160 देशों का विश्लेषण किया गया, शोधकर्ताओं ने कहा कि जिन देशों में 40 प्रतिशत से कम आबादी अधिक वजन वाली थी, उन देशों में मृत्यु दर कम थी। वियतनाम, जापान, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया सहित देशों में मृत्यु दर कम देखी गई। 

इसलिए बढ़ जाता है खतरा

मोटापे से डायबिटीज, हार्ट, किडनी आदि बीमारियों की भी आशंका बढ़ती है। सांस लेने की भी क्षमता प्रभावित होती है। अधिक वजन के लोगों को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इससे उनके सिस्टम पर अधिर जोर पड़ता है और कोरोना जैसे संक्रमण के दौरान यह खतरनाक हो सकता है। इन्हें संक्रमण होने पर आईसीयू में ऑक्सीजन देनी पड़ती है।

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