How to Control Diabetes: डायबिटीज एक ऐसी समस्या है, जिसका कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन शुगर लेवल पर कंट्रोल कर इस समस्या से राहत अवश्य पाई जा सकती है। डायबिटीज की बीमारी में खान-पान पर बहुत ध्यान देना पड़ता है। यदि कुछ भी उल्टा-सीधा खा लिया जाए, तो शुगर लेवल बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी जड़ी-बूटियों के बारे में, जिनके सेवन से शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं इन जड़ी-बूटियों के बारे में, साथ ही इनके सेवन के तरीके के बारे में-
गुरमार की पत्तियों का चूर्ण
गुरमार को डायबिटीज के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह एक बारहमासी लकड़ी की बेल है जो भारत, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उगती है। गुरमार को आयुर्वेद में एक असरदार औषधि के रूप में जाना जाता है। इसके इस्तेमाल से एलर्जी, खांसी और कब्ज जैसी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
डायबिटीज रोगी गुरमार कैसे खाएं
यदि कोई व्यक्ति डायबिटीज की समस्या से परेशान है, तो वह दोपहर और रात के खाने के आधे घंटे बाद गुरमार की पत्तियों से बने चूर्ण का सेवन कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि इससे कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इस बारे में सटीक जानकारी के लिए एक बार अपने विशेषज्ञ से अवश्य बात करें।
जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे की पत्तियां
डायबिटीज से राहत के लिए जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे की पत्तियां भी कारगर मानी जाती है। दरअसल, जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे की पत्तियों में ट्राइटरपेनॉइड सैपोनिन, फ्लेवोनोल्स और गुरमारिन होते हैं। ये सभी तत्व कृत्रिम मिठास जैसे एस्पार्टेम से जीभ के मिठास वाले स्वाद को दबाने का कार्य करते हैं। ऐसे में यदि आप मीठा खाने से बचना चाहते हैं, तो भी इसकी पत्तियों का सेवन कर सकते हैं।
( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता. किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.)

