Yoga Asanas For Veins Block: खराब लाइफस्टाइल की वजह से आजकल व्यक्ति को तमाम तरह के परेशानियां घेर लेती है। उन्हीं में से एक परेशानी है नसों का दर्द। नस दबने का दर्द कई बार इतना भयानक होता है कि बर्दाश्त के बाहर हो जाता है। दबी नसों की समस्या पूरे शरीर में होती है। कई बार गंभीर रूप लेने की के कारण भयानक दर्द उठता है। कई बार हाथ पैर सुन हो जाते हैं या पिन चुभने जैसा दर्द होता है। यह स्थिति शरीर की कोई नस दबने और ब्लड सरकुलेशन रुकने के कारण होती है। नस दबने के कारण खून का संचार रुकने की समस्या कई दिनों तक बनी रहती है। इससे नसे ब्लॉक होने लगती है और सूजन होने लगती है। नस दबने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है अगर आप कुछ योगासन अपना लें। आइए जानते हैं नस खोलने के लिए कौन सा योगासन बेहतर होता है।
अधोमुख श्वान आसन
अधोमुख श्वान बहुत ही सरल योगासन है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है। अधोमुख जिसका अर्थ है नीचे की तरफ मुंह करना, जबकि दूसरा शब्द श्वान जिसका अर्थ है कुत्ता। तीसरा शब्द है आसन जिसका अर्थ है बैठना। अधोमुख श्वानासन को डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज भी कहा जाता है। यह योगासन नसों, मांसपेशियों को मजबूत बनता है।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन को खड़े हो कर किया जाता है। यह पैर के सुकर्लेशन के लिए एक बेहतर योग है। इस योगासन को करने से शरीर की दबी नस खुल जाएगी और सकुर्लेशन में सुधार होगा। इसके अलावा यह पैरों को टोन करती है, तनाव को कम करती है और स्थिरता को बढ़ाती है।
भुजंगासन
भुजंगासन से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इस आसन को करने के कई फायदे हैं। भुजंगासन दो शब्दों से मिलकर बना है। भुजंग और आसन। भुजंग का मतलब है सांप और आसन का मतलब है मुद्रा। इसलिए इस योगासन का अभ्यास करते हुए कोबरा के पोश में होना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

