इबुप्रोफेन का इस्तेमाल अक्सर पेन किलर के तौर पर किया जाता है, शरीर में कहीं भी तेज दर्द होने पर अक्सर डॉक्टर आपको इबुप्रोफेन लेने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये पेन किलर दवा आपकी मानसिक सेहत को दुरुस्त करने का काम करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में हुई एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि इबुप्रोफेन जैसे पेनकिलर न केवल आपके दर्द को दूर करने का काम करते हैं। बल्कि यह आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालते हैं। आज हम आपको इस स्टडी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
कैसे हुआ शोध?
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में हेल्थ को लेकर किए गए इस शोध में ये बात सामने आई है कि इबुप्रोफेन का सेवन करने से न केवल आपको सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और बुखार से राहत मिलती है, बल्कि ये आपके दिमाग के काम करने की क्षमता को भी दुरुस्त करने का काम करता है। शोध में ये बात सामने आई है कि इबुप्रोफेन का सेवन आपके कॉग्निटिव फंक्शन को सुधारता है। इससे आपको न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का जोखिम भी घट सकता है।
शोध के आंकड़े
पेनकिलर के इस्तेमाल को लेकर किए गए शोध में 5 लाख 40 हजार लोगों को शामिल किया गया। इस सभी लोगों की उम्र 70 साल से ऊपर थी। शोध में सामने आया कि इन दवाओं का सेवन करने से आपको इंफ्लेमेशन, अर्थराइटिस, हार्ट रोगों और ब्लड प्रेशर में भी लाभ मिलता है। हालांकि इन दवाओं से मानसिक स्वास्थ्य को केवल उतना ही लाभ मिलता है, जितना कि ब्लड प्रेशर कंट्रोल में मिलता है।
सावधानी है जरूरी?
इबुप्रोफेन के इस्तेमाल से बढ़ने वाली मानसिक क्षमता को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने सावधान भी किया है कि इनका सेवन खुद से नहीं करना चाहिए। इसके इस्तेमाल करने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लेना बहुत जरूरी है। इसके अलावा पेन किलर के रूप में ली जाने वाली दवा पैरासिटामोल आपके दिमागी स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है। इसलिए हम आपको यह सलाह देते हैं कि किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर के परामर्श के बिना न करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
