हेल्थ

केवल घंटे भर का स्क्रीन टाइम कर देता है नजर कमजोर, नहीं दिया ध्यान तो आंखों पर चढ़ जाएगा चश्मा, जानिए बचाव का तरीका

स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना आंखों के लिए नुकसानदायक होता है, ये तो सब जानते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी इसकी पुष्टि‍ भी करती है। स्क्रीन टाइम बढ़ने पर निकट दृष्टि दोष (Myopia) का खतरा बढ़ जाता है।

Image

ज्‍यादा स्‍क्रीन देखने पर मायोपिया का जोखिम काफी बढ़ सकता है

Health News: आज का समय ऐसा है कि बिना स्क्रीन देखे बहुत से कामों में रुकावट आ जा सकती है। मनोरंजन से लेकर काम तक अब सब स्क्रीन के भरोसे ही है। यहां तक की बच्चों को पढ़ाई के लिए भी स्क्रीन देखनी पड़ती है। लेकिन इसको लेकर अब थोड़ा सजग होने का समय आ गया है। एक स्टडी बताती है कि स्क्रीन के सामने बिताया गया थोड़ा समय भी आंखों के लिए नुकसानदेह है। आइए जानते हैं इस स्टडी के बारे में।

क्या कहती है स्टडी (Screen Time And Myopia Study In Hindi)

ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑफ्थैल्मोलॉजी में पिछले साल छपी एक स्टडी ने बच्चों में मायोपिया के बढ़ते दर पर चिंता जताई थी और साथ ही यह आशंका भी, कि 2050 तक लगभग 740 मिलियन बच्चे और युवा निकट दृष्टि दोष यानी मायोपिया से ग्रस्त हो सकते हैं। अब JAMA Network में छपी एक स्टडी से पता चला है कि टैबलेट या स्मार्टफोन पर प्रतिदिन एक घंटा भी बिताने से मायोपिया का जोखिम काफी बढ़ सकता है। स्टडी के हिसाब से डिजिटल स्क्रीन पर अगर आप रोज एक घंटे का समय बिताते और आपका स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे बढ़ता है तो इससे आंखों में मायोपिया का जोखिम 21% तक अधिक हो जाएगा। स्टडी WHO के एक रिपोर्ट के हवाले से ये भी कहती है कि साल 2050 तक दुनिया की लगभग आधी आबादी इससे पीड़ित होगी।

क्या होता है मायोपिया (What Is Myopia In Hindi)

मायोपिया, जिसे निकट दृष्टि दोष के नाम से भी जाना जाता है, एक आंखों से संबंधित एक स्थिति है, जो दूर की दृष्टि को धुंधला कर देती है । यह 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में नजर कमजोर होने का सबसे आम कारण है। इसमें पास की चीजें तो साफ दिखाई देती हैं, लेकिन दूर की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं। इससे गाड़ी चलाने, कोई खेल खेलने जैसी आम चीजों में दिक्कत आ सकती है। मायोपिया में आईबॉल्स लंबे हो जाते हैं जिससे लाइट रेटिना पर फोकस न होकर उससे पहले ही हो जाती है, इससे नजर में धुंधलापन आ जाता है।

मायोपिया से कैसे बचें (How To Avoid Myopia In Hindi)

मायोपिया से बचने के लिए एक्सपर्ट्स बच्चों को कम से कम दो घंटे बाहर समय बिताने की सलाह देते हैं। इसके अलावा मोबाइल-लैपटॉप पर समय कम बिताने और अपनी आंखों को आराम देने के लिए ब्रेक लेने की भी बात कही जाती है। इससे बचाव के लिए विटामिन से भरपूर संतुलित आहार लें और नियमित आंखों की जांच कराएं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article