हेल्थ

क्या सांस लेना भी होगा मुश्किल? हवा में मौजूद है ब्रेन स्ट्रोक का कारण, हाल में आई रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसा खतरा जो हमारे लिए जानलेवा तक साबित होता है। यह इतना खतरनाक होता है कि कभी-कभी यह आपको मिनटों की मोहलत भी नहीं देता है। लेकिन हाल ही में एक हेल्थ रिपोर्ट में इसे लेकर चौकाने वाला खुलासा हुआ है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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Air Pollution Causes Brain Stroke

Photo : iStock

Brain Stroke Causes in Hindi : दुनिया में होने वाली कुल मौतों की सबसे बड़ी बजहों में ब्रेन स्ट्रोक तीसरी सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है। दिमाग की ये एक ऐसी समस्या है जो आपके लिए जानलेवा तक साबित हो सकती है। तेजी से पैर पसार रही बीमारियों में ब्रेन स्ट्रोक एक नया खतरा बनकर सामने आया है। इसकी गंभीरता का पता आप इस बात से लगा सकते हैं कि यह आपके लिए जानलेवा साबित होता है। ब्रेन स्ट्रोक को लेकर हाल ही में लैंसेट की एक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार एक चौकाने वाला दावा किया गया है। इस शोध में हुए खुलासे के मुताबिक हमारे आसपास की हवा में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ रहा है। रिपोर्ट बताती है कि हवा में शामिल प्रदूषण का प्रभाव शरीर पर धूम्रपान के समान हो रहा है। सांस के जरिये शरीर तक पहुंचने वाला वायु प्रदूषण ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकता है। इसके चलते ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में 14% तक की बढ़ोत्तरी दर्द की गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..

ब्रेन स्ट्रोक को लेकर कहां हुई रिसर्च?

लैंसेट की रिसर्च में भारत के अलावा अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूएई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हिस्सा लिया था। जिस टीम ने किए शोध के बाद एक रिपोर्ट को तैयार किया है जिसमें बताया कि हवा में मौजूद छोटे ठोस और तरल कण जो वायु प्रदूषण का मुख्य हिस्सा है। हमारे लिए ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा रहे हैं। इसके कारण ब्लड प्रेशर और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। इसके कारण होने वाली मौतों की बात करें तो पिछले तीन दशकों में ब्रेन स्ट्रोक के कारण दुनिया भर में मामलों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ब्रेन स्ट्रोक बना मौत की वजह

रिसर्च में दावा किया गया है कि दुनिया भर मे होने वाली कुल मौतों में ब्रेन स्ट्रोक तीसरा बड़ा खतरा बनकर उभरा है। इसके फैलने की रफ्तार कोरोना वायरस के जैसी है। इससे बचने के लिए डॉक्टर लोगों को तनाव दूर करने और प्रदूषण से बचने की सलाह देते है। इसके अलावा धूम्रपान न करना भी इससे बचाव का एक उपाय है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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