Actor Satish Shah Passes Away Due To Kidney Failure: फिल्म और टीवी के मशहूर एक्टर सतीश शाह का 26 अक्टूबर 2025 को किडनी फेल होने से निधन हो गया। 72 साल के सतीश शाह ने 'साराभाई वर्सेस साराभाई' जैसे शो से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उनकी मौत की पुष्टि फिल्ममेकर अशोक पंडित ने की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सतीश शाह लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि किडनी रोगों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। शरीर अक्सर पहले ही कई संकेत देता है, जिन्हें पहचानकर समय रहते इलाज संभव है। आइए जानें वे संकेत कौन से हैं,
किडनी फेल होने से पहले के लक्षण - Early Signs And Symptoms Of Kidney Failure In Hindi
बार-बार थकान और कमजोरी महसूस होना
अगर आपको बिना किसी भारी काम के लगातार थकान या कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह शरीर में टॉक्सिन (विषैले पदार्थ) जमा होने का संकेत हो सकता है। जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो खून साफ नहीं होता और शरीर में गंदगी बढ़ती है। इससे व्यक्ति को हमेशा थकान, सुस्ती और सांस फूलने जैसी परेशानी होती है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर ऐसी हालत लंबे समय तक बनी रहे, तो तुरंत ब्लड और किडनी टेस्ट करवाना चाहिए।
पैरों, टखनों या आंखों के पास सूजन आना
किडनी का एक अहम काम शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक निकालना है। लेकिन जब वह कमजोर होने लगती है, तो ये तरल पदार्थ शरीर में जमा हो जाते हैं, जिससे पैरों, टखनों या आंखों के पास सूजन (Swelling) आ जाती है। अगर सुबह उठते ही आंखें फूली लगती हैं या जूते टाइट लगने लगते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह शुरुआती संकेत हो सकता है कि आपकी किडनी मदद मांग रही है।
पेशाब के रंग, मात्रा या आदत में बदलाव
किडनी हेल्थ का सबसे सीधा संकेत आपके पेशाब की मात्रा और रंग में दिखता है। अगर पेशाब झागदार, बहुत गहरा या लाल रंग का हो जाए, या बार-बार पेशाब आने लगे, तो यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है। खासतौर पर रात में बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस होना या पेशाब रुक-रुक कर आना, इन लक्षणों को हल्के में न लें।
मिचली, उल्टी और भूख में कमी
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो खून में यूरेया और टॉक्सिन बढ़ जाते हैं। ये पदार्थ दिमाग और पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। ऐसे में व्यक्ति को मिचली आना, उल्टी होना, भूख कम लगना और कभी-कभी मुंह में धातु जैसा स्वाद महसूस होना आम है। अगर ये समस्या कई दिनों तक बनी रहे, तो यह सिर्फ पेट की नहीं बल्कि किडनी से जुड़ी गंभीर चेतावनी भी हो सकती है।
सांस फूलना या नींद न आना
किडनी फेल्योर में खून में तरल पदार्थ और टॉक्सिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे फेफड़ों और हृदय पर दबाव पड़ता है। नतीजतन, मरीज को सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ी देर चलने पर भी सांस फूलने लगती है। कई बार रात में भी सांस लेने में कठिनाई और नींद न आने की शिकायत होती है। इसे उम्र या थकान का असर समझने की गलती न करें।
सतीश शाह के निधन ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि किडनी फेल जैसी बीमारी कितनी धीरे-धीरे लेकिन गंभीर हो सकती है। अगर शरीर इन छोटे-छोटे संकेतों को दे रहा है, तो उन्हें अनदेखा न करें। सही समय पर डॉक्टर से जांच और इलाज कराने से बीमारी को रोका जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
