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Weight Loss: सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज नहीं, ये 8 हार्मोन भी तय करते हैं आपका वजन घटेगा या नहीं

Hormones That Affect Weight Loss: अगर वजन कम करने की लाख कोशिशों के बाद भी आपको रिजल्ट नहीं मिल रहा है, तो इसके पीछे सिर्फ खानपान नहीं बल्कि हार्मोन भी जिम्मेदार हो सकते हैं। जानिए ऐसे ही 8 हार्मोन्स जो वेट लॉस को प्रभावित करते हैं।

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वजन घटाने के लिए जरूरी है इन 8 हार्मोन्स का संतुलन

Hormones That Affect Weight Loss: अगर आप महीनों से डाइट कर रहे हैं, रोज वॉक या जिम भी जा रहे हैं, लेकिन फिर भी वजन कम नहीं हो रहा, तो सिर्फ आपकी मेहनत ही इसकी वजह नहीं है। कई बार शरीर में मौजूद हार्मोन भी वजन घटाने की रफ्तार को प्रभावित करते हैं। हेल्थ इंफ्लुएंसर और फिटनेस कोच अक्षय एस शेट्टी के मुताबिक, कुछ हार्मोन भूख लगने, पेट भरने का एहसास, शरीर में चर्बी जमा होने और कैलोरी खर्च होने जैसी चीजों को कंट्रोल करते हैं। इसलिए सिर्फ कम खाना और ज्यादा एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं, बल्कि शरीर का संतुलन भी जरूरी है। चलिए एक्सपर्ट से ही जानते हैं इन 8 हार्मोन्स के बारे में जिनका संतुलन वेट लॉस के लिए बहुत जरूरी है।

इंसुलिन और स्ट्रेस हार्मोन का असर

इंसुलिन शरीर में खाने से मिलने वाली शुगर को सही जगह पहुंचाने का काम करता है। इसे लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं। अक्षय एस शेट्टी बताते हैं कि अगर आप जरूरत से कम कैलोरी ले रहे हैं, तो इंसुलिन बढ़ने के बाद भी शरीर की चर्बी कम हो सकती है। वहीं, लगातार तनाव और कम नींद से बढ़ने वाला कोर्टिसोल हार्मोन बार-बार भूख लगने और मीठा या तला-भुना खाने की इच्छा बढ़ा सकता है। इसलिए तनाव कम करना और अच्छी नींद लेना भी वेट लॉस का हिस्सा है।

भूख और पेट भरने का एहसास कैसे होता है

लेप्टिन और घ्रेलिन दो ऐसे हार्मोन हैं, जो आपकी भूख को कंट्रोल करते हैं। लेप्टिन दिमाग को बताता है कि पेट भर चुका है, जबकि घ्रेलिन भूख का संकेत देता है। अगर नींद पूरी नहीं होती या खाने का समय तय नहीं रहता, तो इन दोनों का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे जरूरत से ज्यादा खाने की आदत बन सकती है।

टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और थायरॉयड भी हैं जरूरी

टेस्टोस्टेरोन शरीर की ताकत और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है। इसका स्तर कम होने पर शरीर में चर्बी बढ़ सकती है। वहीं, एस्ट्रोजन भी शरीर के लिए जरूरी हार्मोन है, लेकिन इसका संतुलन बिगड़ने पर फैट जमा होने का तरीका बदल सकता है। इसके अलावा थायरॉयड हार्मोन शरीर की कैलोरी खर्च करने की रफ्तार को प्रभावित करते हैं। बहुत ज्यादा भूखे रहने वाली डाइट से इन पर असर पड़ सकता है।

ग्रोथ हार्मोन के साथ लाइफस्टाइल भी है अहम

ग्रोथ हार्मोन अच्छी नींद और एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा बनता है। हालांकि सिर्फ इसे बढ़ाने से तेजी से वजन कम नहीं होता। अक्षय एस शेट्टी कहते हैं कि असली फर्क तब पड़ता है, जब आप संतुलित खाना खाते हैं, नियमित व्यायाम करते हैं, अच्छी नींद लेते हैं और तनाव को कंट्रोल में रखते हैं। अगर वजन कम करने में लंबे समय से परेशानी आ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर हार्मोन की जांच कराना भी सही कदम हो सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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