आयुर्वेद दुनिया की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धतियों में से एक है और इसमें दवाइयों का अधिकतर स्रोत पौधे ही होते हैं। ऐसे सैकड़ों आयुर्वेदिक पौधे हैं जो आपको कई तरह की बीमारियों से राहत से दे सकते हैं। सामान्य बीमारियों के घरेलू नुस्खों में भी इन्हीं पौधों का इस्तेमाल होता है। कुछ पौधे बिना किसी खास देखभाल के आसानी से लग जाते हैं और आप उनसे स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं। भले ही आपको घर में बागबानी का बहुत शौक नहीं हो लेकिन हम आपको ऐसे चार ऐसे ही पौधों को बारे में बताएंगे जिनको आसानी से अपने घर के बगीचे या गमलों में लगाकर आप शरीर से जुड़ी कई समस्याओं में आराम पा सकते हैं।
1. तुलसी
ये पौधा लगभग हर भारतीय घर में आसानी से मिल जाता है। अगर आपके घर में ये पौधा नहीं है तो इसे जरूर लगाएं क्योंकि इसका धार्मिक महत्व होने के अलावा ये पौधा आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया के विकास को रोकने के लिए काफी होती है। इसके इस्तेमाल से गले की खराश और दर्द या फिर खांसी में आराम मिलता है। इसके अलावा सर्दियों में इसकी पत्तियों का इस्तेमाल चाय में किया जा सकता है।
तुलसी कैसे उगाएं
तुलसी के पौधे या बीज से उगाया जा सकता है। तुलसी के जहां पौधे होते हैं वहीं कई छोटे पौधे उग जाते हैं। इनको आराम से घर पर गमले या क्यारी में रोपा जा सकता है। इसे पानी की भी कम जरूरत होती है।
2. एलोवेरा
एलोवेरा के गुणों के कारण अगर इसे औषधीय पौधों का राजा कहा जाए तो किसी की दूसरी राय नहीं होगी। ये भी आसानी से लग जाता है। ये त्वचा, बालों और पाचन के लिए बहुत अच्छा होता है। इसके गूदे के जूस के सेवन से पेट और त्वचा की कई समस्याओं से आराम मिलता है। इसके गूदे को बालों पर लगाने से भी बाल चमकदार और मजबूत होते हैं।
एलोवेरा कैसे उगाएं
एलोवेरा के पौधे की 3 से 4 छोटी पत्तियां लें और उन्हें नीचे की ओर से मिट्टी में अच्छी तरह से दबा दें। कुछ दिनों बाद इसमें पत्तियां निकलने लगेंगी फिर इसे किसी गमले में लगा दें। इसका बहुत कम खयाल रखने की जरूरत होती है।
3. अदरक
अदरक पाचन क्रिया को सुधारने और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। ये सर्दी खांसी में भी बहुत असरदार होता है। अदरक का इस्तेमाल मसाले और दवा दोनों के लिए किया जाता है। गले की समस्या में इसे शहद के साथ खाया जाता है।
अदरक कैसे उगाएं
ठंड के मौसम में अदरक की गांठ को के कुछ टुकड़ों को सूखी मिट्टी में दबा दें। पत्तियां निकल आने पर इसे छांव में लगाएं और नियमित पानी दें।
4. पुदीना
पुदीना अपने अनोखे ठंडे स्वाद के लिए ही जाना जाता है। आयुर्वेद में सदियों से पुदीने का इस्तेमाल औषधि के रुप में होता रहा है। ये कान के दर्द, सिर दर्द और दांत के दर्द में राहत दिलाता है। पुदीना मिचली और उल्टी की समस्या भी ठीक करता है।
पुदीना कैसे उगाएं
इसके डंठल को नम मिट्टी में दबा दें। इसे भी बहुत पानी की जरूरत नहीं होती है, इसकी मिट्टी को नम रखें। सिर्फ एक हफ्ते में ही ये पूरे गमले में फैल जाएगा।
