भारत को देसी खाने पीने वालों का देश कहा जाता है। लेकिन आज बदलते परिवेश में खाने पान के शौकीन हमारे भारत में कुपोषण एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। हाल ही में आए कुछ आंकड़ों के मुताबिक भारत की कुल आबादी का लगभग 16% लोग कुपोषण के शिकार हैं। वहीं ग्लोबल हंगर इंडेक्स के मुताबिक भारत को कुल 125 देशों की सूची में 111 वें स्थान पर रखा गया है। इस इंडेक्स के रेटिंग से आप समझ सकते हैं, कि भारत में क्यों कुपोषण का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि भारत में 5 साल से कम उम्र के लगभग 3 करोड़ बच्चों में कुपोषण की समस्या देखी गई है। जो एक गंभीर स्थिति को दिखाता है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कैसी हो उनकी डाइट?
कुपोषण के बचने के आसान उपाय
कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी है कि आपको बच्चों की डाइट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और विटामिन से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए। इसके लिए आप मिल्क प्रोडक्ट्स सीजनल फल और सब्जियां बच्चों को जरूर खिलाएं।
आप हमेशा ध्यान रखें कि बच्चों को दिन में कम से कम 3 बार खाना खिलाना बहुत जरूरी है। हालांकि कम कम खिलाएं लेकिन 3-4 बार खाना खिलाना बहुत जरूरी है।
यदि आपके शरीर में किसी तरह के पोषक तत्वों की कमी रिपोर्ट हुई है, तो आपको डॉक्टर की सलाह पर आयरन जिंक और आयोडीन जैसे तत्वों को अपनी डाइट में शामिल कर लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
