Who was Ismail Haniyeh : हमास के टॉप लीडर इस्माइल हनियेह की मंगलवार को तेहरान में हत्या हो गई। हनियेह की हत्या हमास के लिए बहुत बड़ा झटका है। उनकी हत्या की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है लेकिन शक इजरायल पर है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमास नेता की हत्या की पुष्टि की है जबकि इजरायल का कहना है कि वह मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया नहीं देगा। बीत 24 घंटे में ईरान समर्थित दो कमांडरों की हत्या के बाद समझा जाता है कि मध्यपूर्व में नए सिरे से तनाव और संघर्ष का एक नया दौर शुरू हो सकता है। हनियेह मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए तेहरान में थे।
24 घंटे के भीतर ईरान के करीबी दो कमांडरों की हत्या
दरअसल, लेबनान के बेरूत में इजरायल के हमले में हिज्बुल्ला के एक सीनियर कमांडर की मौत हुई इसके कुछ घंटे बाद ही हनियेह का खात्मा हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक हनियेह की हत्या के बाद हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उनका संगठन इसका 'बदला' लेगा। हमास ने हनियेह की हत्या को 'कायरता' बताया है और कहा है कि 'यह व्यर्थ नहीं जाएगा।' इजरायल पर हनियेह की हत्या का शक इसलिए और भी ज्यादा गहरा गया है कि क्योंकि 7 अक्टूबर के हमले के बाद उसने हमास के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने का संकल्प लिया। इजरायल-गाजा सीमा पर हमास के हमलों में करीब 1200 इजरायली नागरिकों की मौत हुई और सैकड़ों लोगों को बंधक बनाया गया।
कौन थे इस्माइल हनियेह
हनियेह को व्यापक रूप से हमास का नेता माना जाता था। वह 1980 से ही हमास के आंदोलनों से जुड़े थे। 2006 में इन्हें फिलिस्तीन का प्रधानमंत्री बनाया गया लेकिन हनियेह की नियुक्ति के एक साल पूरे होने पर एक सप्ताह तक चले हिंसा एवं संघर्ष के बाद जब हमास ने अपने प्रतिद्वंद्वी संगठन फतह पार्टी को गाजा पट्टी से बेदखल कर दिया तो इन्हें पीएम पद से हटा दिया गया। साल 2017 में हनियेह को हमास के राजनीतिक इकाई का प्रमुख बनाया गया। इसके एक साल बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इन्हें आतंकवादी घोषित किया। अप्रैल में गाजा में इजरायल के हवाई हमले में हनियेह के तीन बेटे और चार पोते-पोती मारे गए थे।
कतर में निर्वासन में रह रहे थे हनियेह
साल 2019 में हनियेह ने गाजा पट्टी छोड़ दी थी और कतर में निर्वासन में रह रहे थे। अभी गाजा में हमास का शीर्ष नेता येह्या सिनवार है। बताया जाता है कि इसी ने सात अक्टूबर को इजराइल पर हमले की साजिश रची। हनियेह की हत्या ऐसे वक्त में हुई है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन हमास और इजरायल को एक अस्थायी संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई संबंधी समझौते पर राजी करने का प्रयास कर रहा है। अभी व्हाइट हाउस ने हनियेह की हत्या पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हनियेह का सुरक्षाकर्मी भी मारा गया
हनियेह की हत्या पर हमास ने बयान जारी किया है। उसने कहा है कि इजरायल के हमले के वक्त हमास नेता तेहरान स्थित अपने आवास में थे। संगठन का कहना है कि वह मंगलवार को संपन्न ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। आईआरजीसी का कहना है कि वह हनियेह की हत्या की जांच कर रहा है और बाद में अपना बयान जारी करेगा। उसने कहा कि हमले में हनियेह का सुरक्षाकर्मी भी मारा गया।
हमलों के लिए सिनवार को जिम्मेदार मानता है इजरायल
हनियेह चूंकि कतर और तुर्की में रहते हुए हमास की राजनीतिक गतिविधियां देखा करते थे, इसलिए संगठन में उनका मान-सम्मान ज्यादा था और उन्हें हमास का सबसे बड़ा नेता समझा जाता था। इनके अलावा हमास में अन्य शीर्ष नेता भी हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम येह्या सिनवार का है। बीते सात अक्टूबर को इजरायल पर हमलों के लिए इजरायल सिनवार को ही जिम्मेदार ठहराता है। सिनवार, हमास की सेक्युरिटी सर्विस मज्द के संस्थापक हैं। मज्द फिलिस्तीन की आंतरिक सुरक्षा को देखती है। इजरायल के पूरे खुफिया नेटवर्क एवं एजेंटों को ये ट्रैक करती है। 7 अक्टूबर के हमले के बाद सिनवार गाजा पट्टी में नहीं है।
इजरायल के हिट लिस्ट में मोहम्मद डेफ
सिनवार के बाद इजरायल के हिट लिस्ट में हमास के दूसरे बड़े नेता मोहम्मद डेफ हैं। हमास के मिलिट्री विंग को डेफ देखते हैं। वह चकमा देने में माहिर हैं। इजरायल ने साल 2000 में इन्हें पकड़कर जेल में रखा लेकिन इसी साल दूसरे फिलिस्तीन विद्रोह की शुरुआत में वह इजरायल के चंगुल से निकलकर भागने में कामयाब हो गए। इसके बाद से वह लगातार इजरायल को छकाते आ रहे हैं। बताया जाता है कि साल 2014 में इजरायल ने गाजा पट्टी में इनकी हत्या करने की कोशिश की लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम हो गई।
