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अमेरिका के इतिहास में अब तक का सबसे खराब राष्ट्रपति कौन? बाइडन के बैकआउट पर ट्रंप ने कही ये 5 बड़ी बातें

US Politics: जो बाइडन ने ये साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने ये तक साफ कर दिया है कि वो इस पद पर होने वाले चुनाव के लिए कमला हैरिस के नाम का समर्थन कर रहे हैं। बाइडन के इस फैसले पर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने क्या कुछ कहा इस रिपोर्ट में पढ़िए।

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डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस और जो बाइडन।

Trump vs Biden: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को घोषणा की है कि वह राष्ट्रपति पद का आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नाम को आगे किया है। बाइडन ने भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला हैरिस (59) के नाम की सिफारिश ऐसे वक्त की है जब वह जून के अंत में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहस में खराब प्रदर्शन के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पिछले कई हफ्तों से उन (बाइडन) पर दौड़ से हटने का दबाव बना रहे थे। बाइडन के इस फैसले पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा तंज कसते हुए 5 बड़ी बातें कही है। नीचे पढ़िए।

1). 'अमेरिका के इतिहास में सबसे खराब राष्ट्रपति'

बाइडन के राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने की घोषणा के कुछ ही मिनट बाद ट्रंप ने ‘सीएनएन’ से बातचीत में बाइडन को ‘‘अमेरिका के इतिहास में अब तक का सबसे खराब राष्ट्रपति’’ बताया। बाइडन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'आज मैं कमला हैरिस को इस साल हमारी पार्टी का उम्मीदवार बनाने के लिए अपना पूरा समर्थन और सहयोग देना चाहता हूं। डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एकजुट होकर ट्रंप को हराने का समय आ गया है।'

US Presidential Debate

जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप

2). 'राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे जो बाइडन'

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया, 'जो बाइडन राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। वह निश्चित रूप से सेवा करने के योग्य नहीं हैं और कभी थे भी नहीं। उनके आस-पास के सभी लोग, जिनमें उनके डॉक्टर और मीडिया भी शामिल हैं, जानते थे कि वह राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं हैं, और वह कभी थे भी नहीं।'

3). 'अमेरिका को फिर से महान बनाओ!'

उन्होंने आगे कहा कि कुटिल जो बाइडन राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने के योग्य नहीं थे, और निश्चित रूप से सेवा करने के योग्य नहीं हैं - और कभी नहीं थे! उन्होंने केवल झूठ, फर्जी खबरों और अपने तहखाने से बाहर न निकलने के द्वारा राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया। उनके आस-पास के सभी लोग, जिनमें उनके डॉक्टर और मीडिया भी शामिल थे, जानते थे कि वे राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं हैं, और वे नहीं थे - और अब, देखिए उन्होंने हमारे देश के साथ क्या किया है, लाखों लोग हमारी सीमा पार से आ रहे हैं, पूरी तरह से बिना किसी जांच और जांच के, कई लोग जेलों, मानसिक संस्थानों और रिकॉर्ड संख्या में आतंकवादियों से। उनके राष्ट्रपति पद के कारण हमें बहुत नुकसान होगा, लेकिन हम उनके द्वारा किए गए नुकसान को बहुत जल्दी ठीक कर देंगे। अमेरिका को फिर से महान बनाओ!

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप

4). 'क्या सचमुच जो बाइडन को कोविड था?'

ट्रंप ने बाइडन पर तंज करसे हुए ये भी कहा कि 'कुटिल जो बाइडन को अभी-अभी बाहर किया गया है, इसलिए अब मुझे इसे चौथी बार करना होगा!!! क्या कोई वास्तव में मानता है कि कुटिल जो को कोविड था? नहीं, वह 27 जून की रात से ही बाहर निकलना चाहता था, बहस की रात, जहां वह पूरी तरह से नष्ट हो गया था। जो बाइडन के पराजय में वह बड़ा क्षण था। वह समय था जब जो को पता चला कि वह क्या है, एक अक्षम व्यक्ति जिसे कभी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहिए था। जो बाइडन सेवा करने के योग्य नहीं है - वह हमारे देश को नष्ट कर रहा है!'

5). 'क्या राष्ट्रपति पद के लिए समक्ष नहीं थे जो बाइडन?'

संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में सबसे खराब राष्ट्रपति, कुटिल जो बाइडन के साथ मेरी बहस, सितंबर में किसी समय जॉर्ज स्लोपाडोपोलस के घर, नकली समाचार एबीसी पर प्रसारित होने वाली थी। अब जबकि जो ने, आश्चर्य की बात नहीं है, दौड़ छोड़ दी है, मुझे लगता है कि बहस, जिसे भी कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट चुनते हैं, उसे बहुत पक्षपाती एबीसी के बजाय फॉक्सन्यूज पर आयोजित किया जाना चाहिए। धन्यवाद! इसलिए, हमें कुटिल जो बाइडन से लड़ने पर समय और पैसा खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वह एक भयानक बहस के बाद खराब मतदान करता है, और दौड़ छोड़ देता है। अब हमें फिर से शुरू करना होगा। क्या रिपब्लिकन पार्टी को धोखाधड़ी के लिए प्रतिपूर्ति नहीं करनी चाहिए, जिसमें जो के आसपास के सभी लोग, उनके डॉक्टर और नकली समाचार मीडिया सहित, जानते थे कि वह राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने या बनने में सक्षम नहीं थे? बस पूछ रहा हूं?

उम्मीदवारी छोड़ने की वजह बाइडन ने क्या बताई

बाइडन ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ से हटने का एलान करते हुए कहा कि 'यह मेरी पार्टी और देश के सर्वोत्तम हित में है।' बाइडन (81) का यह निर्णय अमेरिका में पांच नवंबर को होने वाले मतदान से चार महीने पहले आया है। बाइडन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में अमेरिकियों को संदेश देते हुए कहा, 'आपके राष्ट्रपति के रूप में सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। मेरा इरादा फिर से चुनाव लड़ने का रहा है, लेकिन मेरा मानना है कि यह मेरी पार्टी और देश के सर्वोत्तम हित में है कि मैं इस दौड़ से हट जाऊं और अपने कार्यकाल के शेष समय में राष्ट्रपति के रूप में अपने कर्तव्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करूं।' राष्ट्रपति बाइडन वर्तमान में कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद अपने डेलावेयर निवास पर पृथक-वास में हैं। बाइडन ने कहा कि वह इस सप्ताह के अंत में अपने निर्णय के बारे में अधिक विस्तार से देश को बताएंगे।

Joe Biden

जो बाइडन

बाइडन ने कहा, 'अभी के लिए मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे फिर से निर्वाचित होते देखने के लिए इतनी मेहनत की है। मैं इस सारे काम में एक असाधारण भागीदार होने के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं अमेरिकी लोगों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर इतना विश्वास और भरोसा जताया है।' बाइडन ने अपने पत्र में कहा, 'पिछले साढ़े तीन वर्षों में, हमने एक राष्ट्र के रूप में बहुत प्रगति की है। आज, अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे मजबूत है। हमने वरिष्ठ नागरिकों के लिए दवा की लागत कम करने और अमेरिकी नागरिकों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवा का विस्तार करने में ऐतिहासिक निवेश किया है।' बाइडन ने कहा कि उनके प्रशासन ने 30 वर्षों में पहला ‘गन सेफ्टी लॉ’ भी पारित किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने दुनिया के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण जलवायु कानून पारित किया।

राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे पता है कि यह सब आप, अमेरिकी लोगों के बिना नहीं संभव था। हमने साथ मिलकर सदी में एक बार आने वाली महामारी और महामंदी के बाद सबसे खराब आर्थिक संकट पर काबू पाया है। हमने अपने लोकतंत्र की रक्षा की और उसे बचाए रखा है और हमने दुनिया भर में अपने गठबंधन को संवारा और मजबूत किया है।" राष्ट्रपति बाइडन ने अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह एक "असाधारण साथी" हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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