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डोनाल्ड ट्रंप पर किसने चलवाई गोलियां? अमेरिका चुनाव पर इसका कितना पड़ेगा असर; समझिए हर छोटी-बड़ी बात

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप पर किसने जानलेवा हमला करवाया, क्या इसके तार आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) से जुड़े हैं? सवाल ये भी है कि ट्रंप पर हुए इस हमले का असर क्या चुनाव पर पड़ेगा? अगर हां, तो ट्रंप को इसका लाभ मिलेगा या फिर नुकसान होगा। आपको सबकुछ समझाते हैं।

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ट्रंप पर हमले का चुनाव पर कितना असर पड़ेगा?

Who Attacked on Donald Trump: 20 साल की उम्र के एक व्यक्ति ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाई, जो उनके दाहिन कान के उपरी हिस्से में लगी। ट्रंप घायल हो गए और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचा लिया, इस बीच अमेरिका की ‘सीक्रेट सर्विस’ के हमलावर को मार गिराया। ट्रंप तो बाल-बाल बच गए और हमलावर भी मारा गया, लेकिन इस दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति मारा गया, वहीं दो अन्य गंभीर रूप से घायल भी बताए जा हैं। अमेरिकी सीक्रेट एजेंसियों का कहना है कि उन्हें इस बात का पता नहीं चल पाया है कि आखिर ट्रंप की हत्या की कोशिश क्यों की गई, इसके पीछे की वजह क्या थी।

ट्रंप पर गोलियां चलाई या चलवाई गईं?

पेनसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर इस जानलेवा हमले को अंजाम दिया गया। एफबीआई ने कहा है कि जांचकर्ताओं को ट्रंप की हत्या के प्रयास का मकसद पता नहीं चल पाया है। इतना ही नहीं कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने ये भी बताया है कि ट्रंप की रैली में गोलीबारी करने वाला हमलावर पेनसिल्वेनिया का 20 वर्षीय व्यक्ति था। लेकिन अब तक इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है कि ट्रंप पर जानलेवा हमले की कहानी किसने रची थी? क्या अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से इसका कोई कनेक्शन है? और अगर हां... तो आखिर ट्रंप पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था? आपको यहां ये भी समझना चाहिए कि ट्रंप पर हुए इस हमले का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) पर कितना असर पड़ेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर कितना असर?

एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बार फिर चुनाव लड़ने का मन बनाया है, लेकिन उनकी उम्मीदवारी पर सवाल बरकरार है। क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी की रेस कमला हैरिस समेत कई बड़े नेता शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ये माना जा रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी की ओर से डोनाल्ड ट्रंप संभावित उम्मीदवार है। निकी हेली समेत अन्य सभी दावेदारों को उन्होंने बहुत पीछे छोड़ दिया है। उनकी उम्मीदवारी की घोषणा अब महज औपचारिकता मानी जा रही है। ऐसे में ट्रंप पर हुए हमले का आगामी प्रेसीडेंशियल इलेक्शन पर गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।

तो क्या दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनेंगे ट्रंप?

ये सवाल सभी दृष्टिकोण से काफी अहम हो जाता है, क्योंकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का काफी असर लोगों में देखने को मिल सकता है। अमेरिकी लोगों का वोट सहानुभूति के तौर पर ट्रंप की झोली में गिर सकता है। यही वजह है कि खुद जो बाइडन को अपने प्रमुख प्रतिद्वंदी से बात करनी पड़ी, उन्होंने इस हमले की आलोचना की। दुनियाभर के अलग-अलग नेताओं ने ट्रंप पर हुए इस हमले की निंदा की। भारतीय-अमेरिकी लोगों ने तो इसे अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास का एक 'काला अध्याय' करार दिया है। जाहिर है, कहीं न कहीं इस हमले का असर चुनाव पर पड़ना तय है।

Joe Biden vs Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन ।

क्या अब बदल जाएंगे जो बाइडन के सुर?

लंबे वक्त से अमेरिकी राष्ट्रपति अपने चुनावी रैलियों में ट्रंप के खिलाफ जमकर आग उगल रहे थे। कई जगहों पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति को रेपिस्ट और न जाने क्या-क्या कहकर संबोधित किया। हालांकि हमले के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नवंबर में होने वाले चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी ट्रंप से बात की। व्हाइट हाउस ने हालांकि यह नहीं बताया कि दोनों देताओं के बीच क्या बातचीत हुई, लेकिन कहा कि बाइडन ने पेनसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो और बटलर के मेयर बॉब डैंडोय से भी बातचीत की है। सवाल ये है कि क्या अब बाइडन अपने चुनावी रैली में पहले की तरह खुलकर तीखे अंदाज में ट्रंप के खिलाफ आग उगलते रहेंगे या अपने सुर बदल देंगे?

ट्रंप पर हुए हमले पर क्या बोले जो बाइडन?

राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हत्या के प्रयास की हर किसी को निंदा करनी चाहिए। ट्रंप पर हमले की घटना के करीब दो घंटे बाद बाइडन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, 'हम ऐसा नहीं होने दे सकते। अमेरिका में इस तरह की हिंसा पहले कभी नहीं सुनी।'

क्यों हुई डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शनिवार को पेनसिल्वेनिया की एक रैली में हुए हमले की घटना की जांच 'हत्या का प्रयास' मामले की तौर पर की जा रही। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि रैली में गोलीबारी करने वाला हमलावर पेनसिल्वेनिया का 20 वर्षीय युवक था। हालांकि ये साफ नहीं हो पाया है कि इसकी इनसाइड स्टोरी क्या है।

कुछ मिनटों बाद ही गोलियों से गूंज उठा मैदान

‘गॉड ब्लेस द यूएसए’ के नारों के बीच शनिवार शाम छह बजकर दो मिनट पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेनसिल्वेनिया के बटलर में एक मैदान में भीड़ का अभिवादन करते हुए मंच संभाला और कड़ी धूप के बीच अपना भाषण शुरू ही किया था कि कुछ मिनटों बाद गोलियां चलने की आवाज सुनायी देने लगी। ट्रंप रैली में अवैध सीमा पार के मामलों में वृद्धि के बारे में राष्ट्रपति जो बाइडन के खिलाफ बोल रहे थे तभी कम से कम पांच गोलियां चलने की आवाज सुनायी दी। जैसे ही सीक्रेट सर्विस के एजेंट उनकी ओर बढ़े तो ट्रंप ने अपना कान पकड़ लिया। एजेंटों के चिल्लाने पर वह जमीन पर बैठ गए।

Attack on Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला।

ट्रंप ने क्यों कहा- रुको, रुको, रुको...?

कुछ मिनटों बाद ट्रंप खड़े हुए, सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने उन्हें घेर लिया था। उन्होंने ट्रंप के कान से खून बहने पर उन्हें मंच से बायीं ओर ले जाने की कोशिश की। ट्रंप ने कहा, ‘‘रुको, रुको, रुको।’’ इसके बाद उन्होंने भीड़ की ओर मुठ्ठी बांध कर हाथ में हवा में लहराया और ‘‘फाइट’’ (लड़ो) शब्द बोलते सुनायी दिए। इसके बाद एजेंट उन्हें सीढ़ियों से नीचे काले रंग की एक एसयूवी में ले गए। ट्रंप ने कार में बैठने से पहले भी मुठ्ठी बांध कर हाथ हवा में लहराया। स्थानीय डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने कहा कि हमलावर और रैली में आए एक व्यक्ति की मौत हो गयी है। हमले के तुरंत बाद जारी एक बयान में अधिकारियों ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से हत्या का प्रयास था। ट्रंप के प्रचार अभियान दल ने बताया कि वह ‘‘ठीक’’ हैं।

2016 में ट्रंप को राष्ट्रपति बनाने में थी अहम भूमिका

बटलर पश्चिमी पेनसिल्वेनिया के पिट्टसबर्ग में 33 मील उत्तर में स्थित 13,000 लोगों की आबादी वाला शहर है। ट्रंप को 2016 में राष्ट्रपति बनाने में इस क्षेत्र की अहम भूमिका थी और ट्रंप ने बटलर काउंटी में 32 प्रतिशत अंकों से जीत हासिल की थी। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से बीवर काउंटी के उपाध्यक्ष रिको एल्मोर रैली में विशेष अतिथियों के लिए बनायी एक जगह पर बैठे थे तभी उन्हें पटाखे फूटने जैसी आवाज सुनाई दी। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, 'नहीं, ये गोलियों की आवाज है। इसलिए मैं चिल्लाया, नीचे बैठ जाओ।'

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति।

एल्मोर ने किसी को चिकित्साकर्मी को बुलाने के बारे में सुना। एल्मोर चिकित्साकर्मी नहीं थे लेकिन वह सेना में काम करने के दौरान प्राथमिक उपचार और सीपीआर देना जानते थे। वे अवरोधक फांदकर जब घायल व्यक्ति के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उसे माथे पर गोली गयी है और काफी देर हो चुकी है। इसके बाद पुलिस और सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने सभी को रैली स्थल से निकाला। एक घंटे बाद उसे अपराध स्थल घोषित कर दिया गया।

पूर्व राष्ट्रपतियों ने ट्रंप पर हमले की निंदा की

पेनसिल्वेनिया में आयोजित ट्रंप की चुनाव-प्रचार रैली में हजारों की संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे और विभिन्न टीवी चैनल पर इसका सीधा प्रसारण किया जा रहा था। गोलीबारी होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए। उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन ने ट्रंप पर हुए हमले की निंदा की है। हैरिस ने कहा कि उन्हें इस बात से ‘‘राहत’’ मिली है कि ट्रंप गंभीर रूप से घायल नहीं हुए हैं। हैरिस ने एक बयान में कहा, 'हम उनके, उनके परिवार और उन सभी लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं जो (ट्रंप) बेवजह की गई इस गोलीबारी से घायल हुए हैं।'

बेटी इवांका ट्रंप नेअपने पिता के लिए क्या कहा?

ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने घटना के संबंध में एक बयान जारी किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा, 'पेनसिल्वेनिया के बटलर में बेवजह की गई गोलीबारी में मेरे पिता के प्रति और अन्य पीड़ितों के प्रति आपके प्यार और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद।' इवांका ने कहा, 'मैं सीक्रेट सर्विस और अन्य सभी कानून प्रवर्तन अधिकारियों की आज उनके त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के लिए आभारी हूं। मैं अपने देश के लिए प्रार्थना करती रहूंगी। मैं आपसे प्यार करती हूं पापा...।'

खुद पर हुए हमले के लिए क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर अपने बयान में ट्रंप (78) ने जान बचाने के लिए अमेरिका की 'सीक्रेट सर्विस' का आभार जताया। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, 'मैं पेनसिल्वेनिया के बटलर में चुनावी रैली के दौरान मुझ पर हुए हमले के बाद तुरंत कार्रवाई करने के लिए अमेरिका की सीक्रेट सर्विस और समस्त कानून प्रवर्तन एजेंसियों को धन्यवाद देता हूं।' उन्होंने कहा, 'मेरे दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में गोली लगी। सनसनाहट महसूस हुई और गोलियों की आवाज सुनकर मैं तुरंत समझ गया था कि कुछ गलत हुआ है। फिर तुरंत मुझे महसूस हुआ कि गोली मेरी त्वचा को छूकर निकल गई। काफी खून निकल गया था, तब मुझे एहसास हुआ कि क्या कुछ हो रहा है। ईश्वर अमेरिका की रक्षा करें।'

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप पर हमले की कड़ी निंदा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की और कहा कि राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'मेरे मित्र पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले से बेहद चिंतित हूं। घटना की कड़ी निंदा करता हूं। राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'

राहुल गांधी ने ट्रंप पर हमले को लेकर क्या कहा?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश किये जाने पर रविवार को गहरी चिंता जतायी और कहा कि ऐसे कृत्यों की कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। राहुल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश किये जाने से काफी चिंतित हूं। ऐसे कृत्यों की कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए।' कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्रंप के शीघ्र एवं पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की कामना भी की।

ट्रंप पर हुए हमले को लेकर किसने क्या कहा?

भारतीय मूल के अमेरिकियों ने रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास का एक ‘‘काला अध्याय’’ करार दिया। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रख्यात नेता डॉ. भरत बरई ने से कहा, 'हमें पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर हुए हमले की जानकारी मिली। यह बहुत दुखद है और लोकतंत्र में इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं की जाती।' बरई ने कहा कि लोगों के विचार अलग-अलग होते हैं, उनके राजनीतिक और आर्थिक विचार भी अलग-अलग होते हैं। उन्हें अपने विचारों को मतदान के जरिए व्यक्त करना चाहिए।

‘सिख अमेरिकन्स फॉर ट्रंप’ के अध्यक्ष जसदीप सिंह जस्सी ने कहा, 'यह अमेरिका के लोकतंत्र में एक काला अध्याय है।' उन्होंने कहा, 'हम उनकी सुरक्षा और स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हम इस कृत्य की निंदा करते हैं और अमेरिका से राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन में एकजुट होने की अपील करते हैं। वाहेगुरु जी ट्रंप और अमेरिका की रक्षा करें।'

Donald Trump Attacked

डोनाल्ड ट्रंप को गोली लगी।

डेमोक्रेटिक पार्टी के उप राष्ट्रीय वित्त प्रमुख एवं राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रबल समर्थक अजय भूटोरिया ने कहा, 'हमले के सभी पहलुओं और विवरणों की गहन जांच की जानी चाहिए। क्या इस हमले के पीछे किसी विदेशी संगठन का हाथ है, जिसका मकसद अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने वाले अमेरिकियों के बीच मतभेद और विभाजन पैदा करना है, ताकि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाया जा सके।'

न्यूयॉर्क स्थित रियल एस्टेट निवेशक और ट्रंप के परिवार के मित्र अल मेसन ने कहा, 'रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हुआ हमला उन्हें फिर से राष्ट्रपति बनने से नहीं रोक सकता।' ‘हिंदुज4ट्रंप’ ने कहा कि वे ट्रंप और उनके परिवार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और इस मूर्खतापूर्ण हिंसा की निंदा करते हैं। इसने कहा कि नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। ट्रंप के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए संगठन ने कहा, 'यह सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला नहीं है, बल्कि अमेरिका में लोकतंत्र पर हमला है!' अटलांटा के 'यूनाइटेड स्टेट्स हिंदू अलायंस' के अध्यक्ष गोकुल कुन्नथ ने कहा, 'पूर्व राष्ट्रपति पर किया गया हमला हमारे लोकतंत्र का एक काला अध्याय है। यह एक दुखद घटना है।'

ट्रंप को घोषित किया जाना था पार्टी का उम्मीदवार

कानून प्रवर्तन से जुड़े कई अधिकारियों ने ‘सीबीएस न्यूज’ को बताया कि संदिग्ध ने 200 से 300 फुट की दूरी पर बने एक ऊंचे स्थान से ‘एआर’-सरीखी राइफल से गोली चलाई। ट्रंप ‘‘ठीक’’ हैं। यह घटना मिल्वाकी में ‘रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन’ शुरू होने से दो दिन पहले हुई। इस सम्मेलन में ट्रंप को औपचारिक रूप से राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हा author

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रक... और देखें

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