एक्सप्लेनर्स

Pakistani Missiles Range: कितनी है पाकिस्तान की मिसाइलों की अधिकतम रेंज; आखिर किसके दम पर फूल रहा पड़ोसी

Pakistani Missiles Range: हम आपको पाकिस्तान के दुस्साहस की सच्चाई बताएंगे कि पाकिस्तानी सेना के हथियारों के जखीरों में आखिर कौन सी मिसाइलें हैं, जिनके दम पर पड़ोसी फूल रहा है और भारत की ओर टेढ़ी निगाह से देखता है।

Image

पाकिस्तानी मिसाइलों की कितनी है रेंज।

Pakistani Missiles Range: पाकिस्तान की अवाम दाने-दाने के लिए तरस रही है और वहां के हुक्मरान है कि मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने में बिजी है। उनके मुगालते हैं कि खत्म ही नहीं हो रहे। अपनी बदहाली पर ध्यान देने की जगह पाकिस्तान के रक्षामंत्री भारत के शहर कोलकाता पर मिसाइल हमला करने का ख्वाब देख रहे हैं। जबकि अभी वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की मार को भूले नहीं होंगे। ऐसे में आज हम आपको पाकिस्तान के इस दुस्साहस की सच्चाई बताएंगे कि पाकिस्तानी सेना के हथियारों के जखीरों में आखिरवो कौन सी मिसाइलें हैं, जिनके दम पर हमारा पड़ोसी फूल रहा है और भारत की ओर टेढ़ी निगाह से देख रहा है। साथ ही यह भी अगर वो ऐसा दुस्साहस दिखाता भी है तो भारत के पास उसका क्या तोड़ है। आइए जानते हैं....

सबसे पहले तो बात ख्वाजा आसिफ के ताजा बयान की

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत के सिटी ऑफ जॉय कहे जाने वाले कोलकाता पर हमले की गीदड़भभकी दी है। उन्होंने ये बात सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए कही।

Khwaja asif

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ

पाकिस्तान के पास कितनी रेंज वाली हैं मिसाइलें

पाकिस्तान की मिसाइलों की बात करें तो उसके हथियारों के जखीरे में कम दूरी (100-300 किमी) से लेकर मध्यम (2,750 किमी तक) रेंज की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। उसकी सबसे ज्यादा दूरी पर मार करने वाली मिसाइल'शाहीन-III'है, जिसकी रेंज 2,750 किलोमीटर है। हालांकि पाकिस्तान लगातार लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने में लगा है। हाल ही में अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने दावा किया था कि पाकिस्तान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित कर रहा है,जो अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने संभावना जताई थी कि पाकिस्तान की ऐसी मिसाइलें 12,000 किमी तक मार करने में सक्षम हो सकती हैं।

पाकिस्तान के पास कौन है सबसे लंबी दूरी वाली मिसाइल

पाकिस्तान की सबसे लंबी दूरी वाली बैलेस्टिक मिसाइल की बात करें तो वो है शाहीन-3 मिसाइस। जिसकी रेंज लगभग 2750 किलोमीटर बताई जाती है। 2015 में पहली बार परीक्षण होने के बाद इस मिसाइल को अब पूरी तरह ऑपरेशनल माना जा रहा है। सॉलिड-फ्यूल तकनीक पर आधारित होने के कारण यह मिसाइल कम तैयारी समय में दागी जा सकती है और मोबाइल TEL प्लेटफॉर्म से लॉन्च होने के कारण इसकी लोकेशन बदलना आसान है। पाकिस्तान का दावा है कि यह मिसाइल दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के उन हिस्सों तक पहुंचने में सक्षम है,जहां तक उसने पहले कभी प्रत्यक्ष स्ट्राइक करने की क्षमता हासिल नहीं की थी।

अबाबील

शाहीन-III के बाद पाकिस्तान की दूसरे नंबर पर आने वाली मिसाइल है अबाबील। इस मिसाइल की रेंज 2200 किलोमीटर के आसपास है। यह मिसाइल MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस है। यानी इसमें एक साथ कई वॉरहेड लगाए जा सकते हैं और इसका हर वॉरहेड अलग-अलग लक्ष्यों को टारगेट कर सकता है। हालांकि यह भी अभी विकास व परीक्षण चरण में है। यह भविष्य में शाहीन-III जितना ही महत्वपूर्ण हथियार बन सकता है।

शाहीन-II और शाहीन-I

रेंज के मामले में पाकिस्तानी मिसाइल बेड़े में तीसरे नंबर पर आती है शाहीन-2 मिसाइल। इसे पाकिस्तावी मिसाइल बेडे की रीढ़ कहा जाता है। शाहीन-II की रेंज लगभग 1800 किलोमीटर मानी जाती है, जिससे भारत के उत्तर, मध्य और पूर्व के बड़े शहर पाकिस्तान की पहुंच में आते हैं। यह भी सॉलिड-फ्यूल तकनीक पर आधारित है और 2004 से यह पाकिस्तानी सेना में शामिल है। वहीं शाहीन-I की रेंज लगभग 750 किलोमीटर है,जो अपेक्षाकृत कम दूरी की मिसाइल है। दोनों मिसाइलें पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे का स्थायी हिस्सा हैं और अक्सर परीक्षण के दौरान प्रदर्शित की जाती हैं।

गौरी मिसाइल

पाकिस्तान की गौरी मिसाइल की रेंज करीब 1500 किलोमीटर है। यह लिक्विड-फ्यूल तकनीक पर आधारित है। लिक्विड फ्यूल मिसाइलें तेजी से तैयार नहीं हो पातीं और इसमें सुरक्षा जटिलताएं भी अधिक होती हैं, बावजूद इसके पाकिस्तान अब भी इसे ढो रहा है। यह पाकिस्तानी सेना में 1990 के दशक में शामिल की गई थी। इसकी सटीकता और प्रभावशीलता पर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। वहीं अगर बात भारत के मिसाइल कार्यक्रम की करें तो लिक्विड-फ्यूल सिस्टम लगभग समाप्त हो चुका है। उसकी जगह DRDO की नई अग्नि सीरीज पूरी तरह आधुनिक सॉलिड-फ्यूल और अत्यधिक सटीक मार्गदर्शन प्रणाली पर आधारित है।

बाबर और राद (हत्फ-VIII)

पाकिस्तान के मिसाइल ढांचे में क्रूज मिसाइलें भी शामिल हैं। इनमें बाबर और 'राद' (Ra'ad)मिसाइलें शामिल हैं। बाबर क्रूज मिसाइल को कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और रडार से बचकर लक्ष्य तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी रेंज 700 किलोमीटर से लेकर कुछ संस्करणों में 1000 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह जमीन से लॉन्च होती है और पाकिस्तान इसे भारतीय एयर डिफेंस को चकमा देने में सक्षम मिसाइल के रूप में प्रस्तुत करता है।वहीं राद मिसाइल पाकिस्तान की एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 350 किलोमीटर है। इसे लड़ाकू विमानों से दागा जाता है।

भारत का 'रक्षा कवच'है बेजोड़

पाकिस्तान अपनी मिसाइलों के दम पर बदजुबानी भले ही कितनी कर ले, लेकिन भारत की सामरिक क्षमता उससे कहीं ज्यादा है। पाकिस्तान अभी जिस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को विकसित करने में लगा है वह भारत के पास पहले से ही है। भारत उन आठ देशों में शुमार है, जिनके पास मौजूदा समय में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। इन देशों में अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, भारत, इस्राइल, उत्तर कोरिया और ब्रिटेन शामिल हैं। इसके अलावा,भारत के पास पाकिस्तान से निपटने के लिए मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम है।

    S-400

यह दुनिया का सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम है, जो पाकिस्तान की किसी भी मिसाइल या विमान को 400 किमी दूर ही हवा में नष्ट कर सकता है।

  • BMD (Ballistic Missile Defence)
  • भारत का अपना स्वदेशी कवच जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को वायुमंडल के अंदर या बाहर ही ढेर कर देता है।

  • आकाश और MR-SAM
  • ये मध्यम और कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए तैनात हैं।पाकिस्तान के रक्षामंत्री के इस बयान को लेकर युद्ध विशेषज्ञों का कहना है पाकिस्तान की ये धमकियां सामरिक कम और राजनीतिक अधिक होती हैं। पाकिस्तान आज भी अपनी मिसाइल तकनीक के लिए काफी हद तक बाहरी मदद पर निर्भर है। वहीं,भारत न केवल मिसाइलों के मामले में आत्मनिर्भर है, बल्कि उसके पास अग्नि-5 जैसी मिसाइलें हैं जो पूरे एशिया और आधे यूरोप को कवर करती हैं। कोलकाता का ख्वाब देखने वाले ख्वाजा आसिफ शायद यह भूल गए कि भारत के पास पलटवार करने की जो क्षमता है, उसके बाद पाकिस्तान का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है।

    Shiv Shukla
    शिव शुक्लाauthor

    शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

    और पढ़ें
    End of Article