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Iran vs America conflict: F-15E क्यों माना जाता था अजेय, ईरान ने कैसे तोड़ा अमेरिका का ‘एयर सुप्रीमेसी मिथ’ ?

Iran vs America conflict: दुनिया का ध्यान एक बार फिर अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल पर केंद्रित हो गया है। यह विमान अमेरिकी वायुसेना के सबसे भरोसेमंद और बहु-भूमिका वाले फाइटर जेट्स में गिना जाता है। ऐसे में आज हम इस अपराजेय फाइटर जेट की खासियतें जानेंगे, साथ ही यह भी ईरान ने कैसे अमेरिका के इस सुरक्षा कवच में सेंध लगा दी। आइए जानते हैं इसकी खासियतें...

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ईरान ने मार गिराया अमेरिकी फाइटर जेट F 15 E।
Edited by: Shiv Shukla
Updated Apr 6, 2026, 16:23 IST

Iran vs America conflict: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले से जंग की एक ऐसी चिंगारी उठी जो अब शोला बन चुकी है। शुरू में तो अमेरिका और इजरायल ने सोचा था कि वे कुछ ही दिनों में ईरान को नेस्तनाबूद कर देंगे, लेकिन उनका ये सोंचना दोनों देशों की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। अब ये जंग हर बीतते दिन के साथ और तेज होती जा रही है। वहीं, जंग के एक महीने बाद ईरान ने बीते दिन अमेरिकी वायुसेना के अजेय माने जाने वाले F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र में मार गिराया। अब तक करीब 100 हवाई जंगो में अपराजेय रहा ये विमान मार गिराना सीधे अमेरिका के अहम पर चोट साबित हुआ है। खुद अमेरिका ने ये नहीं सोंचा होगा कि कभी ऐसा भी हो सकता है, और वो भी उस देश द्वारा जिसके आसमान पर अपनी सेना के वर्चस्व का दावा खुद अमेरिकी प्रेसीडेंट कर चुके हैं। इस घटना में F-15E का एक पायलट भी लापता है, जिसकी तलाश तेज है।

इस घटना के बाद दुनिया का ध्यान एक बार फिर अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल पर केंद्रित हो गया है। यह विमान अमेरिकी वायुसेना के सबसे भरोसेमंद और बहु-भूमिका वाले फाइटर जेट्स में गिना जाता है। ऐसे में आज हम इस अपराजेय फाइटर जेट की खासियतें जानेंगे, साथ ही यह भी ईरान ने कैसे अमेरिका के इस सुरक्षा कवच में सेंध लगा दी। आइए जानते हैं इसकी खासियतें...

1988 में यूएस एयरफोर्स में शामिल हुआ था F15ई स्ट्राइक ईगल

F15ई स्ट्राइक ईगल को 1988 में पहली बार सेवा में शामिल किया गया था। इसे खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हवा में दुश्मन के विमानों से लड़ने के साथ-साथ जमीन पर मौजूद ठिकानों पर भी सटीक हमला कर सके। यह दो सदस्यीय क्रू एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर के साथ संचालित होता है। दावा है कि इस वजह से ही जटिल मिशन को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा सकता है।

बेहद खास है रडार सिस्टम

यह लड़ाकू विमान हर मौसम और दिन-रात किसी भी समय उड़ान भरने में सक्षम है। इसमें लगे अत्याधुनिक एवियोनिक्स और रडार सिस्टम इसे लंबी दूरी से लक्ष्य पहचानने और उन पर सटीक हमला करने की क्षमता देते हैं। इसका एपीजी-70 रडार सिस्टम हवा और जमीन दोनों तरह के लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है, जिससे यह एक साथ कई तरह के खतरों से निपट सकता है।

रात या खराब मौसम में भी सटीक हमले करने में सक्षम

अमेरिकी F-15 E की एक बड़ी खासियत इसका एलएएनटीआईआरएन (लो-एल्टीट्यूड नेविगेशन एंड टारगेटिंग इंफ्रारेड)सिस्टम है, जो इसे बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और रात या खराब मौसम में भी सटीक हमले करने में सक्षम बनाता है। यह सिस्टम पायलट को जमीन के बेहद करीब सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करता है।

1,875 मील प्रति घंटे की है रफ्तार

प्रदर्शन के मामले में भी यह विमान बेहद शक्तिशाली है। इसकी अधिकतम गति लगभग 1,875 मील प्रति घंटा (मैक 2.5 से अधिक) है और यह करीब 60,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी लंबी रेंज और भारी हथियार ले जाने की क्षमता इसे गहरे तक दुश्मन के इलाके में जाकर हमला करने के लिए उपयुक्त बनाती है।

इन खासियतों से लैस है वो फाइटर जेट जिसे ईरान ने मार गिराया।

इन खासियतों से लैस है वो फाइटर जेट जिसे ईरान ने मार गिराया।

बेहद शक्तिशाली हथियारों से लैस है अमेरिकी F-15

हथियारों की बात करें तो इसमें 20 मिमी की आंतरिक तोप (गन) के अलावा एम-9 साइडविंडरऔर एम-120 अमराम जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। इसके साथ ही यह विभिन्न प्रकार के प्रिसिजन गाइडेड और पारंपरिक बम भी ले जा सकता है।

बोइंग ने किया था निर्माण, 100 मिलियन डॉलर है कीमत

इस विमान का निर्माण अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने किया है। शुरुआती दौर में इसकी कीमत करीब 31 मिलियन डॉलर थी, जो आधुनिक अपग्रेड के साथ बढ़कर करीब 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। यूएस एयरफोर्स के अनुसार,अपनी लंबी दूरी,भारी पेलोड और खुद की सुरक्षा करते हुए मिशन पूरा करने की क्षमता के कारण एफ-15ई स्ट्राइक ईगल अमेरिकी वायुसेना की ताकत है।

ईरान ने कैसे बनाया निशाना?

ऐसे में सवाल यह उठता है कि अमेरिका के इस अपराजेय फाइटर जेट को ईरान ने कैसे निशाना बनाया और मार गिराया? इस सवाल का जवाब शनिवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधीन काम करने वाले खातम अल-अनबिया एयर डिफेंस कमांड ने दिया। उसने सरकारी टीवी पर बताया कि ईरान ने जंग के 35वें दिन पहली बार अपने नव-विकसित एयर डिफेंस सिस्टम को मैदान में उतारा। उन्होंने दावा है कि इसी सिस्टम ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया। हालांकि उन्होंने इसकी कोई ज्यादा खासियतें नहीं बताई। IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फकारी ने इसे ईरान की वायु-रक्षा क्षमता के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया। जुल्फकारी ने दावा किया कि अमेरिका और उसके साझेदारों के लिए यह दिन एक तरह से बेइज्जती भरा ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ।

जुल्फकारी का यह भी कहना है कि IRGCकी एयरोस्पेस यूनिट ने नए डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी F-35E स्टील्थ जेट, तीन ड्रोन-एमक्यू-9 रीपर और हर्मीस मॉडल, दो क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सिस्टम ने एक A-10 वारथोग और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को भी हिट किया। इसके अलावा, ईरानी सेना के अन्य एयर-डिफेंस यूनिट्स ने अलग कार्रवाई में एक और A-10 को मार गिराने का दावा भी किया है।

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