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इस साल दिखेंगे तीन और Supermoon नजारे, जानिए क्या होता है सुपरमून, क्यों दिखता है चंद्रमा सबसे बड़ा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 4, 2023, 12:39 PM IST

पहला सुपरमून 3 जुलाई को दिख चुका है, अगस्त में दो बार सुपरमून का नजारा दिखेगा। इस दौरान 'ब्लू मून' भी नजर आएगा...

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Photo : PTI

Supermoon: खगोल विज्ञान के शौकीनों को सोमवार की शाम गजब का आनंद मिला जब उन्हें सुपरमून के दीदार हुए। सुपरमून एक अनोखी घटना है जो तब सामने आती है जब पूर्णिमा का चंद्रमा अपनी अंडाकार कक्षा में पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचता है। इसके कारण चंद्रमा बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। ज्यादातर हर साल 12 फुल मून नजर आते हैं लेकिन इस बार धरतीवासियों को 13 बार पूर्ण चंद्रमा देखने को मिल रहा है। पहला सुपरमून 3 जुलाई को दिख चुका है, अगस्त में दो बार सुपरमून का नजारा दिखेगा। इस दौरान 'ब्लू मून' भी नजर आएगा जब चंद्रमा इस साल पृथ्वी के सबसे निकट होगा। 2023 का चौथा और आखिरी सुपरमून 29 सितंबर को दिखाई देगा। 2023 में कुल मिलाकर सुपरमून देखने के चार मौके आएंगे।

क्या होता है सुपरमून?

सुपरमून वह समय होता है जब पूर्णिमा चंद्रमा के अंडाकार पथ में उस बिंदु के साथ मेल खाती है जहां यह हमारे ग्रह के सबसे नजदीक पहुंचता है। नजदीक होने के कारण यह रात के आकाश में बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। इसकी हैरान कर देने वाली सुंदरता सभी को मंत्रमुग्ध कर देती है। पृथ्वी से निकटता खगोलविदों को चंद्रमा का करीब से अध्ययन करने का मौका देती है क्योंकि कई देश चंद्रमा की दुनिया में नए मिशन शुरू करते हैं। करीब आने के दौरान चंद्रमा पृथ्वी से केवल 357,418 किमी दूर रह जाती है।

आसान शब्दों में कहें तो जब आसमान में चंद्रमा आम दिनों की तुलना में थोड़ा बड़ा दिखाई देता है तो इसे सुपरमून कहते हैं। सुपरमून शब्द 1979 में ज्योतिषी रिचर्ड नोल द्वारा गढ़ा गया था। इसे एक विशेष घटना के रूप में परिभाषित किया गया था इस दौरान पूर्णिमा पृथ्वी के निकटतम बिंदु के 90 प्रतिशत के भीतर होती है।

चंद्रमा बड़ा क्यों दिखता है?

दरअसल, सुपरमून के दौरान चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे करीब होता है। चंद्रमा एक ऑप्टिकल भ्रम के कारण बड़ा दिखाई देता है। जब चंद्रमा क्षितिज के निकट होता है, तो हमारा मस्तिष्क उसे आकाश में ऊंचाई की तुलना में बड़ा मानता है। यह घटना क्षितिज पर इमारतों या पेड़ों जैसी चीजों की मौजूदगी के कारण होती है। चंद्रमा और इन चीजों के बीच विरोधाभास एक बड़े चंद्रमा का भ्रम पैदा करता है। नतीजतन, सुपरमून के दौरान जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है, तो क्षितिज पर उगने या अस्त होने पर यह और भी अधिक बड़ा दिखाई देता है।

सुपरमून कैसे देखें?

सुपरमून को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं है। आपको बस इतना करना है कि एक खुला स्थान ढूंढें। ये देखें कि चंद्रोदय या चंद्रास्त कब होता है। शानदार अनुभव के लिए शहर की रोशनी से दूर कोई जगह चुनें। खगोल विज्ञान वेबसाइटों या स्मार्टफोन एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके अपने इलाके के लिए स्थानीय चंद्रोदय और चंद्रास्त समय का पता करें। थोड़ा जल्दी पहुंचने से आप चंद्रोदय या चंद्रास्त का शानदार मजा ले सकेंगे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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