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क्या है सिंधु दर्शन पूजा? जो पीएम मोदी के कार्यकाल में बन गई खास; जानें इससे जुड़ी 5 रोचक बातें

Sindhu Darshan Yatra: नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में सिंधु दर्शन पूजा खास बन गई है। सोशल मीडिया पर कुछ पुरानी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। क्या आप जानते हैं कि आखिर 'सिंधु दर्शन पूजा' क्या है? इसकी शुरुआत 1997 में हुई थी, जिसके बाद से मोदी ने कई बार सिंधु दर्शन यात्रा में भाग लिया है। आपको बताते हैं कुछ रोचक बातें।

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सिंधु दर्शन यात्रा की पुरानी झलकियां।

Photo : Times Now Digital

What is Sindhu Darshan Puja: क्या आप जानते हैं कि आखिर सिंधु दर्शन पूजा क्या है और 3 जुलाई को इसकी तस्वीरें क्यों वायरल हो रही हैं। सिंधु नदी की पूजा के लिए आयोजित 'सिंधु दर्शन पूजा' कई मायनों में खास है। लेह में आयोजित होने वाले इस सिंधु महोत्सव के लिए देश भर से लोग इस पूजा में शामिल होने आते हैं। लेह-लद्दाख में सिंधु दर्शन उत्सव को यहां की सभ्यता का प्रतीक माना जाता है।

पीएम मोदी ने 3 जुलाई 2020 को सभी को चौंकाया

1996 से इस उत्सव का शुभारंभ इस मकसद से किया गया था कि यहां के पर्यावरण के साथ संस्कृति और परंपरा को संजोकर रखा जाए। 3 जुलाई 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लद्दाख जाकर सभी को चौंका दिया, जहां उन्होंने भारतीय सैनिकों से मुलाकात की। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने निमू में नदी तट पर पारंपरिक 'सिंधु दर्शन पूजा' भी की थी।

हजारों वर्षों से किया जाने वाला प्राचीन अनुष्ठान

'सिंधु दर्शन पूजा' हजारों वर्षों से किया जाने वाला यह प्राचीन अनुष्ठान सप्त सिंधु सभ्यता के सभ्यतागत इतिहास में बहुत महत्व रखता है। यहां सिंधु दर्शन पूजा में उस समय शामिल होकर पीएम मोदी ने राष्ट्र की शांति और समृद्धि के लिए पूजा की। उन्होंने सेना के जवानों से भी मुलाकात की और उन 20 बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने गलवान, लद्दाख में चीनी सैनिकों से लड़ते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी।

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सिंधु दर्शन पूजा करते हुए मोदी।

अटल बिहारी के पीएम पद से हटने के बाद अब मोदी

आज हर हिंदू लेह में 'सिंधु दर्शन पूजा' कर सकता है। अटल बिहारी वाजपेयी के पीएम पद से हटने के बाद सिंधु घाट लक्ष्य में ही नहीं था। 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद ये वापस समाज के सामने आया।

1997 में हुआ था 'सिंधु दर्शन यात्रा' का शुभारंभ

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मोदी आर्काइव हैंडल पर 3 जुलाई 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक लद्दाख दौरे का जिक्र किया गया है। जिसमें लिखा गया है कि भारत को आजादी मिलने के बाद, यह व्यापक रूप से माना गया कि पूरी सिंधु नदी पाकिस्तान का हिस्सा बन गई थी। हालांकि, 1996 में लेह जिले से बहने वाली नदी के कुछ हिस्सों की पुनः खोज के कारण 1997 में 'सिंधु दर्शन यात्रा' का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश भर से 72 प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें नरेंद्र मोदी जो उस समय भाजपा में शामिल थे, उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडीस, साहिब सिंह वर्मा, फारूक अब्दुल्ला और अन्य राजनीतिक गणमान्य व्यक्तियों के साथ इसमें हिस्सा लिया था।

Sindhu Darshan Puja Modi

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री।

कई बार मोदी ने सिंधु दर्शन यात्रा में लिया है हिस्सा

पहली यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी पंडित जसराज से भी मिले थे और दोनों ने मिलकर नदी तट पर भक्ति गीत गाए थे। 1997 में इसकी शुरुआत के बाद से, नरेंद्र मोदी ने कई बार सिंधु दर्शन यात्रा में भाग लिया है। वर्ष 2000 में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्य करते हुए, वह उस समय उपस्थित थे, जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सिंधु नदी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का जश्न मनाने वाले वार्षिक उत्सव का उद्घाटन किया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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