Vande Mataram Bill: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज (सोमवार) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में 'वंदे मातरम बिल' पेश कर सकते हैं । इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को भी वही कानूनी दर्जा और सुरक्षा प्रदान करना है, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' को हासिल है। इस बिल के पारित होने पर 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' (Prevention of Insults to National Honour Act) में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
नए संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का किसी भी प्रकार से अपमान करना एक दंडनीय (सजा योग्य) अपराध की श्रेणी में आ जाएगा। इस कदम के जरिए राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा और सम्मान के मामले में पूरी तरह से राष्ट्रीय गान के समकक्ष (बराबर) लाकर खड़ा कर दिया जाएगा।
वंदे मातरम् बिल क्या है?
यह मौजूदा Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में संशोधन का प्रस्ताव है। अभी इस कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर सजा का प्रावधान है। सरकार अब इसी कानून के दायरे में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी शामिल करना चाहती है।
सरकार यह बिल क्यों ला रही है?
सरकार का कहना है कि 'वंदे मातरम्' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत रहा है। आजादी की लड़ाई के दौरान हजारों क्रांतिकारी इसी गीत के साथ अंग्रेजों का मुकाबला करते थे। इसके अलावा इस वर्ष 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इसे अधिक कानूनी संरक्षण देना चाहती है।

वंदे मातरम् बिल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें। AI IMAGE
अगर बिल पास हो गया तो क्या बदल जाएगा?
सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि वंदे मातरम् का जानबूझकर अपमान अपराध होगा। इसके गायन में बाधा डालना भी अपराध माना जाएगा। सरकारी समारोहों में इसके सम्मान को कानूनी संरक्षण मिलेगा। राष्ट्रीय गीत को पहली बार स्पष्ट कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी।
कितनी हो सकती है सजा?
प्रस्तावित बिल के अनुसार दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल,जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। यानी सजा का प्रावधान लगभग वही होगा जो अभी राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर लागू है। बता दें कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गायन रोकने की कोशिश करे कार्यक्रम में व्यवधान डाले या कोई सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय गीत का अपमान करे तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई संभव होगी।
वंदे मातरम् और जन गण मन में क्या अंतर है?
कई लोग दोनों को एक ही समझते हैं, जबकि दोनों अलग हैं। जन गण मन, भारत का राष्ट्रगान (National Anthem) है। वहीं, वंदे मातरम् , भारत का राष्ट्रीय गीत (National Song) है। गौरतलब है कि दोनों का संवैधानिक महत्व भी अलग-अलग है, लेकिन नया बिल राष्ट्रीय गीत को भी मजबूत कानूनी संरक्षण देने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
जानें वंदे मातरम् का इतिहास क्या है। AI IMAGE
क्या पूरा वंदे मातरम् गाना होगा?
सरकार पहले ही कई सरकारी समारोहों में पूरे छह अंतरों (Stanzas) के गायन से जुड़े दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। नए बिल के बाद इसके सम्मान को कानूनी आधार भी मिल सकता है। यदि संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाती है, तो यह कानून पूरे भारत में लागू होगा और सभी नागरिकों पर समान रूप से प्रभावी होगा।
विपक्ष क्यों सवाल उठा सकता है?
विपक्ष और कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि संसद में इस बिल पर कई सवाल उठ सकते हैं, जैसे, 'अपमान' की कानूनी परिभाषा क्या होगी? व्यवधान, किसे माना जाएगा?क्या इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल खड़े होंगे?
