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Sudan में संघर्षः आपस में उलझे सेना और प्रतिद्वंद्वी बल, समझें- जंग के पीछे कौन जिम्मेदार?

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Apr 18, 2023, 03:52 PM IST

What is Sudan Crisis, Sudan Conflict Explained in Hindi: सूडान (रिपब्लिक ऑफ सूडान : Republic of the Sudan) उत्तर पूर्वी अफ्रीका का एक मुल्क है जहां नियंत्रण के लिए दो प्रतिद्वंद्वी जनरलों के बीच लड़ाई पिछले हफ्ते के अंत में चालू हुई थी। दोनों ही पक्षों की ओर से घनी आबादी वाले इलाकों में तोपों और बाकी भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया। संयुक्त राष्ट्र (UN) के डेटा के मुताबिक, लड़ाई छिड़ने के बाद से 18 अप्रैल, 2023 तक 185 लोगों की जानें गईं, जबकि 1800 से अधिक जख्मी हुए।

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सूडान संकट में 17 अप्रैल 2023 तक 185 जानें जा चुकी थीं। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Photo : AP

What is Sudan Crisis, Sudan Conflict Explained in Hindi: अफ्रीका के तीसरे सबसे बड़े मुल्क सूडान में संघर्ष के बीच सेना और प्रतिद्वंद्वी बल आपस में इस कदर उलझ गए कि उसकी कीमत लगभग 200 लोग चुका चुके हैं। देश पर कब्जे के लिए दोनों पक्षों में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी दूतावास के काफिले पर हमला तक हो गया। मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को यह जानकारी यूएस के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने दी। ब्लिकंन के मुताबिक, सोमवार को दूतावास की गाड़ियों के काफिले पर अटैक हुआ और शुरुआती खबरों से हमलावरों के सूडान की सेना के अर्द्धसैन्य बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज से जुड़े होने का पता चला, जबकि सूडान की सेना ने बताया कि यह हमला देश के अशांत दारफुर प्रांत में हुआ था।

दरअसल, यह हिंसा सशस्त्र बलों के कमांडर अब्देल फतेह अल बुरहान और रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान दागलो के बीच सत्ता के लिए संघर्ष का हिस्सा है। दोनों ही जनरल पैर पीछे न खींचने की जिद पर अड़े हैं और एक दूसरे के आत्मसमर्पण करने की मांग कर रहे हैं। वैसे, रोचक बात है कि दोनों ही जनरल पूर्व सहयोगी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2021 में सैन्य तख्तापलट किया था और सूडान का अल्पकालीन लोकतंत्र पटरी से उतर गया था। फिलहाल दोनों पक्षों से हजारों सशस्त्र लड़ाके मैदान में लड़ रहे हैं। इस बीच, हिंसा समाप्त करने के लिए सूडान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

टॉप जनरलों के बीच सप्ताहांत में भीषण हिंसा शुरू हो जाने के बाद लाखों लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाए। हिंसा की वजह से जिसने जहां शरण ली, वह वहीं का वहीं फंसा रह गया। जरूरी चीज-सामान की आपूर्ति भी घटी और कई अस्पताल बंद होने की स्थिति तक पहुंच गए। संघर्ष के दौरान राजधानी खार्तूम (Khartoum) और बाकी शहरों में धमाकों के साथ सोमवार को गोलीबारी की आवाज गूंजती रही। संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव के विशेष प्रतिनिधि वोल्कर पर्थेस की ओर से 17 अप्रैल, 2023 को मीडिया को बताया गया था कि लड़ाई छिड़ने के बाद से अब तक 185 लोग मारे जा चुके हैं और 1800 से अधिक घायल हुए हैं। (AP इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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