पहले पश्चिम बंगाल, फिर बिहार, अब पंजाब और हरियाणा... विपक्षी दलों का गठबंधन 'INDIA' का अस्तित्व अधर में लटका हुआ है। ममता बनर्जी ने कांग्रेस के चलते इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूजिव अलायंस से सारे रिश्ते-नाते तोड़ लिए। कांग्रेस को कसूरवार बताकर बिहार में नीतीश कुमार ने लालू के पांव तले जमीन खींच ली। अब अरविंद केजरीवाल ने भी अलग राह अपनाने का ऐलान कर दिया है। पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस की सारी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
रस्सी जल गई, पर नहीं गई कांग्रेस की ऐंठन
जो-जो क्षेत्रीय पार्टियां विपक्षी गठबंधन INDIA के कन्नी काट रही हैं, उनकी असल दुश्मनी सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस से ही है। कांग्रेस को न जाने कि बात का गुमां है, जो उसे ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव के साथ होने ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर कांग्रेस थोड़ी मजबूत स्थिति में होती तो इस घमंड का कारण भी समझ आता, मगर पार्टी नेताओं के रवैये से ये कहावत याद आती है कि रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई।
राहुल गांधी जोड़ते रह जाएंगे भारत, मगर...
भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की छवि में अच्छा खासा सुधार हुआ था, कर्नाटक और तेलंगाना में पार्टी ने सरकार बनाई। शायद कांग्रेस को ऐसा लगने लगा कि राहुल फैक्टर इस बार काम कर जाएगा, तभी INDI गठबंधन को टूटने से बचाने से ज्यादा उन्हें भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालने की पड़ी है। नीतीश, ममता, केजरीवाल और अखिलेश सभी को कांग्रेस से ही दिक्कत है, पर कांग्रेस को ये बात समझ नहीं आ रही, अगर आती तो शायद राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालने से पहले INDIA को टूटने से बचाने की कोशिश करते।
राहुल गांधी ने बंगाल से देशभर में अन्याय के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने की अपील की है। पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी गठबंधन में मतभेदों के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को बंगाल और बंगालियों से देश में व्याप्त अन्याय के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने का आह्वान किया। ममता का असल दर्द यही था कि एक तो राज्य में अधीर रंजन उन्हें और उनकी सरकार को कोसते रहते हैं और गठबंधन में साथी होने के बावजूद कांग्रेस और राहुल ने ये बताना जरूरी नहीं समझा कि वो पश्चिम बंगाल से यात्रा निकाल रहे हैं।
पंजाब और हरियाणा में भी INDIA को खतरा
विपक्षी दलों का गठबंधन INDIA को हरियाणा और पंजाब में भी खतरा है। सीएम भगवंत मान पहले ही ये ऐलान कर चुके हैं कि पंजाब की सभी 13 सीटों पर आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी, वहीं रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कह दिया कि हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीट पर AAP अपने दम पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन लोकसभा चुनाव विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के साथ मिलकर लड़ेगी। हालांकि अगर चुनाव आते-आते केजरीवाल भी नीतीश की तरह पलट जाते हैं और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर देते हैं तो कोई खास हैरानी नहीं होगी।
INDI गठबंधन में अकेली रह जाएगी कांग्रेस?
राहुल की ये यात्रा 67 दिनों में 6,713 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली है। यह यात्रा 20 या 21 मार्च को मुंबई में समाप्त होने से पहले 15 राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी। अगर इसी तरह विपक्षी गठबंधन के घटक दल अलग होते रहेंगे तो एक वक्त ऐसा आएगा कि विपक्षी गठबंधन INDIA में कांग्रेस पार्टी अकेली रह जाएगी।
