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पप्पू यादव का यू-टर्न! जिसे हराया लोकसभा चुनाव, अब उसी का किया समर्थन; क्या लालू यादव से बन गई बात?

Bihar Politics: पप्पू यादव और लालू यादव के रिश्तों में क्या सुधार आ रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बीते लोकसभा चुनाव में जिस बीमा भारती के खिलाफ पप्पू ने चुनाव लड़ा और उन्हें हराया। अब विधानसभा उपचुनाव में वो उसी के समर्थन की बात कर रहे हैं। आपको सियासत समझाते हैं।

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बीमा भारती के समर्थन में उतरे पप्पू यादव।

Pappu Yadav with Lalu Yadav: सियासत में कब कौन किसका दुश्मन बन जाए और कब कौन किसका सगा हो जाए, ये कोई नहीं जानता। और जब बात बिहार की राजनीति की हो रही हो, तो कुछ भी कह पाना बड़ा मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि पप्पू यादव ने अपने एक फैसले से इन दिनों सभी को चौंका दिया है। जिस बीमा भारती के खिलाफ उन्होंने लोकसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार ताल ठोका और जीत हासिल की, अब विधानसभा उपचुनाव में उन्हीं के समर्थन की बात कर रहे हैं।

क्या लालू यादव और पप्पू यादव के बीच बढ़ रही नजदीकियां?

बिहार की राजनीति में लालू यादव से अदावत मोल लेने वाले पप्पू यादव कब क्या फैसला लेने वाले हैं, इसका अंदाजा लगाना बिल्कुल वैसा ही है, जैसे रेत में सुई की तलाश करना। दोनों के बीच की दूरियों से हर कोई वाकिफ है, अब ये दूरियां शायद घटने लगी हैं। तभी तो राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अपने धुर विरोधी को समर्थन देने का फैसला कर लिया।

कैसे रहे पूर्णिया सीट पर हुए लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे

उम्मीदवारपार्टीवोट
राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादवनिर्दलीय567556
संतोष कुमारजदयू543709
बीमा भारतीराजद27120
चुनावी नतीजों के आंकड़ों से समझा जा सकता है कि बीमा भारती इस चुनाव में पप्पू यादव के आस पास तक नहीं पहुंच पाई थीं। वो लोकसभा चुनाव में तीसरे पायदान पर रहीं, जबकि दूसरे स्थान पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार संतोष कुमार रहे। संतोष कुमार को पप्पू ने 23 हजार 847 वोटों से मात दी। जबकि बीमा भारती की जमानत जब्त हो गई और वो 5 लाख 40 हजार 436 वोट से चुनाव हारीं।

रूपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बड़ा सियासी उलटफेर

निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रूपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार बीमा भारती को ‘पूर्ण समर्थन’ देने की सोमवार को घोषणा की। यादव ने हाल में ही संपन्न लोकसभा चुनाव में भारती को हराया था। यादव ने ‘एक्स’ पर कहा, 'विचारधारा बड़ी चीज है, राजनीति में आज यह विलुप्त हो रही है। लेकिन मैं विचारधारा की राजनीति का वाहक हूं, मैं कांग्रेस विचारधारा के साथ हूं। इसलिए मेरे प्रति तमाम निजी नफरत को खारिज करते हुए रूपौली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को मेरा पूर्ण समर्थन है।'

चुनाव से पहले कांग्रेस में अपनी पार्टी का कर दिया था विलय

पप्पू यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले अपनी ‘जन अधिकार पार्टी’ का कांग्रेस में विलय कर पार्टी टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी लेकिन राजद द्वारा बीमा भारती को चुनावी मैदान में उतारने के बाद यादव ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। लोकसभा चुनाव में पराजय का सामना करने के बाद भारती फिर से राजद उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में हैं।

रूपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव का क्या है समीकरण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को छोड़कर कुछ महीने पहले राजद में शामिल होने वाली भारती ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिस कारण रूपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था। रूपौली विधानसभा सीट उपचुनाव में भारती का मुकाबला जदयू उम्मीदवार कलाधर प्रसाद मंडल और निर्दलीय शंकर सिंह से है। शंकर सिंह पूर्व में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के विधायक रहे थे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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