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विपक्ष को रास नहीं आया बजट, अखिलेश यादव से लेकर किस नेता ने क्या कहा; जानें सबकुछ

Budget 2024: विपक्षी दलों के नेताओं को इस बार का आम बजट 2024 रास नहीं आया है। अखिलेश यादव से लेकर पी चिदंबरम तक कई नेताओं ने सरकार की आलोचना करते हुए ये दावा किया है कि इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में दिखावा कुछ ज्यादा ही था। आपको बताते हैं कि किस नेता ने क्या कहा।

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बजट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया।

Photo : Times Now Digital

Opposition Leaders on Budget 2024: वित्त मंत्री ने देश का आम बजट 2024 पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस बार के बजट में रोजगार एवं कौशल, किसानों और कई विकास योजनाओं की घोषणाएं की गई। बजट पेश होने के तुरंत बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर तीखा तंज कसा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस बार का बजट भाषण दिखावे पर ज्यादा केंद्रित रहा है। इसके अलावा पप्पू यादव ने सवाल किया कि सरकार ने अब तक 10 सालों में कितनी नौकरियां दी हैं? वहीं अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया।

बजट पर क्या बोले अखिलेश यादव?

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 'सरकार बचानी है तो अच्छी बात है कि बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष योजना से जोड़ा गया है। इन्होंने बीते 10 वर्षों में देश में बेरोजगारी बढ़ाई है।' बजट 2024 के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश ने ये भी कहा कि जब तक किसानों के मुद्दे हल नहीं होते और युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित नहीं होता, तब तक लोगों को लाभ नहीं होगा।

पप्पू यादव ने सरकार से पूछा सवाल

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सरकार कह रही है कि वह चार करोड़ नौकरियां देगी लेकिन उसने बीते 10 सालों में कितनी नौकरियां दी हैं? बिहार से पलायन रोकने के लिए क्या है? नीतीश कुमार किंगमेकर हैं लेकिन आपको विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। आप भीख क्यों मांग रहे हैं? बिहार को कोई केंद्रीय विश्वविद्यालय नहीं मिला है। आपको केंद्र से समर्थन वापस लेने की जरूरत नहीं है, बस आप अपने मंत्रियों को वापस बुला लीजिए। यादव ने कहा, 'मुझे लगता है कि नीतीश कुमार एक गंभीर व्यक्ति हैं।'

कांग्रेस के पी. चिदंबरम ने किया बड़ा दावा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्रीय बजट में इंटर्नशिप योजना की घोषणा किए जाने के बाद मंगलवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी हुई है कि लोकसभा चुनाव के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्य विपक्षी दल का घोषणापत्र पढ़ा। वित्त मंत्री सीतारमण ने केंद्रीय बजट-2024-25 में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा की है जिसके तहत युवाओं को इंटर्नशिप के साथ 5,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा। कांग्रेस ने हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में प्रशिक्षुता के अधिकार का वादा किया था जिसके तहत उसने डिप्लोमा एवं डिग्रीधारक बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण के साथ एक साल तक हर महीने 8500 रुपये देने का वादा किया था। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘पहली नौकरी पक्की’ नाम भी दिया था।

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'मुझे यह जानकर खुशी हुई कि माननीय वित्त मंत्री ने चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस का लोकसभा 2024 का घोषणापत्र पढ़ा है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि उन्होंने कांग्रेस घोषणापत्र के पृष्ठ 30 पर उल्लिखित रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन (ईएलआई) को वस्तुतः अपना लिया है।' उनका कहना है, 'मुझे इस बात की भी खुशी है कि उन्होंने कांग्रेस घोषणापत्र के पृष्ठ 11 पर उल्लिखित प्रत्येक प्रशिक्षु के लिए भत्ते के साथ-साथ प्रशिक्षुता योजना भी शुरू की है। काश, वित्त मंत्री ने कांग्रेस घोषणापत्र में कुछ अन्य विचारों की नकल की होती। मैं शीघ्र ही छूटे हुए बिंदुओं की सूची बनाऊंगा।'

सरकार ने माना कि बेरोजगारी राष्ट्रीय संकट: कांग्रेस

कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण दिखावे पर ज्यादा केंद्रित रहा है तथा केंद्र सरकार ने 10 साल के इनकार के बाद स्वीकार किया है कि बेरोजगारी राष्ट्रीय संकट है जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि सरकार ने जिस इंटर्नशिप योजना की घोषणा की है वह इस लोकसभा चुनाव के कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए प्रशिक्षुता के अधिकार के वादे पर आधारित है जिसके तहत उसने डिप्लोमा एवं डिग्रीधारक बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण के साथ एक साल तक हर महीने 8500 रुपये देने का वादा किया था। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘पहली नौकरी पक्की’ नाम भी दिया था। सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह रोजगार से जुड़ी तीन योजनाएं शुरू करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार नौकरी बाजार में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं को एक महीने का पीएफ (भविष्य निधि) योगदान देकर प्रोत्साहन देगी।

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ के तहत 5,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'वित्त मंत्री ने कांग्रेस के न्याय पत्र-2024 से सीख ली है, जिसमें इसका ‘इंटर्नशिप’ कार्यक्रम स्पष्ट रूप से कांग्रेस के प्रस्तावित प्रशिक्षुता कार्यक्रम पर आधारित है, जिसे ‘पहली नौकरी पक्की’ कहा गया था। हालाकि, अपनी चिरपरिचित शैली में योजना को सभी डिप्लोमा धारकों और स्नातकों के लिए गारंटी के बजाय मनमाने लक्ष्य (एक करोड़ इंटर्नशिप) के साथ, सुर्खियां बटोरने के लिए डिज़ाइन किया गया है।' उन्होंने दावा किया, '10 साल के इनकार के बाद ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार अंततः चुपचाप स्वीकार करने के लिए आगे आई है कि बड़े पैमाने पर बेरोजगारी एक राष्ट्रीय संकट है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।' रमेश ने कहा कि अब तक बहुत देर हो चुकी है और लगता है कि बजट भाषण कदम उठाने की तुलना में दिखावे पर अधिक केंद्रित है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने इस कदम की तारीफ की

टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा कहते हैं, "...कैंसर की दवाओं या दूसरी जीवनरक्षक दवाओं पर जो राहत दी गई है, वो काबिले तारीफ है, ये सच्चाई है। बिहार को जो दिया गया है, एक निवासी के तौर पर अच्छा लगा, लेकिन इसके लिए पैसे देने पड़ते हैं, लेकिन ये अच्छा था। बिहार को इसकी जरूरत थी, और इसकी मांग भी थी। आपने आंध्र प्रदेश के लिए भी दिया है, जिसकी उम्मीद थी, लेकिन तेलंगाना, पंजाब और पश्चिम बंगाल के लिए आपने क्या किया?"

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला है। इस बजट के लिए वह वित्त मंत्री को बधाई देते हैं। बजट के जरिए महंगाई नियंत्रण में रखने की कोशिश की गई है। यह बजट मध्य प्रदेश को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हा author

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रक... और देखें

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