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Video: चीनी नियंत्रण वाले तिब्बत की दुनिया कैसी, Times Now नवभारत के पत्रकार ने वहां क्या-क्या देखा?

चीन के बुलावे पर भारतीय पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल तिब्बत पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं Times Now नवभारत के गौरव श्रीवास्तव, आइए देखते हैं उन्होंने तिब्बत में क्या-क्या देखा...?

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कैसा दिखता है तिब्बत
Reported by: गौरव श्रीवास्तवEdited by: शिशुपाल कुमार
Updated Jul 11, 2026, 11:29 IST
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चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत के बारे में 1951 से दुनिया को कम जानकारी रही है। यहां पर मानवाधिकार के उल्लंघन के दावे किए जाते रहे हैं। 14वें दलाई लामा 1959 की नाकाम विद्रोह के बाद पैदल तिब्बत से निकले और भारत में शरण ली। इसके बाद से यहां बाहरी लोगों के जाने पर एक तरह से पाबंदी रही। चीन पर आरोप लगते रहा है कि वो यहां काफी सख्ती बरता है। लेकिन अब चीन, तिब्बत के दरवाजे भारत के लिए खोलता दिख रहा है।

भारतीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रण

जहां दुनिया भर पत्रकारों को अक्सर वीजा नहीं दिया जाता था, वहां इस बार भारतीय पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल को चीन ने आमंत्रित किया गया। इस पहल को भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार, आपसी विश्वास बढ़ाने और दोनों देशों की मीडिया को एक-दूसरे के नजरिए को समझने का प्रयास माना जा रहा है।

चीन ने भारतीय मीडिया को क्यों बुलाया?

इस मीडिया आउटरीच कार्यक्रम के दौरान तिब्बत के विकास और बुनियादी ढांचे को भी करीब से दिखाया गया। चीन का दावा है कि उसने तिब्बत में बड़े पैमाने पर निवेश किया है और वहां विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कई स्तरों पर संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी प्रतिनिधिमंडल में Times Now नवभारत के पत्रकार गौरव श्रीवास्तव भी शामिल थे, जिन्होंने तिब्बत को काफी नजदीक से देखा...

टाइम्स नाउ नवभारत के कैमरे में कैसा दिखा तिब्बत?

यह सच है कि तिब्बत पर पूरी तरह से चीन का नियंत्रण है, लेकिन उसने यहां के लोगों के विकास के लिए भी गंभीर प्रयास किए हैं। इस बात पर तमाम सवाल और बहस हो सकती है कि यहां कौन सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म काम करता है और कौन सा नहीं। लेकिन चीनी सरकार ने तिब्बत में बहुत भारी निवेश किया है। यहां के विकास और निर्माण कार्य वाकई बेमिसाल हैं। ल्हासा का एयरपोर्ट विश्वस्तरीय है। यहां की सड़कें, ट्रैफिक लाइट सिस्टम, वेस्ट मैनेजमेंट, नदियों की सफाई, रेस्टोरेंट्स, बिजली की आपूर्ति और मेडिकल सुविधाएं-सब बेहतरीन हैं। चीन वह हर संभव कोशिश कर रहा है जिससे तिब्बत के लोगों का भरोसा उस पर बना रहे।

भारत चीन के बीच संबंध सुधार पर जोर

गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। उसके बाद अब संबंधनों में सुधार की कोशिशें की जा रही हैं। चीन पहल कर रहा है। आने वाले समय में भारत और चीन के बीच संवाद और कूटनीतिक वार्ता का सिलसिला जारी रहेगा। वैश्विक स्तर पर ब्रिक्स (BRICS) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे दो बड़े मंचों के जरिए दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत होती रहती है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच 'जॉइंट सेक्रेटरी' (संयुक्त सचिव) स्तर और सेना के 'कमांडर' स्तर की बातचीत भी लगातार जारी है।

आगे आने वाली चुनौतियां

असली चुनौती और अवसर इस बात में है कि दोनों देश अपने व्यापार को कई गुना बढ़ाने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर कैसे आगे बढ़ते हैं। दो बड़ी एशियाई ताकतों के रूप में भारत और चीन मिलकर अमेरिका सहित दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं से मिलने वाली चुनौतियों का सामना किस तरह करेंगे, आने वाले समय में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

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