Mukhtar Ansari Family Tree: मुख्तार अंसारी ने अपराध का ऐसा साम्राज्य तैयार किया था कि प्रशासन भी उसके सामने नतमस्तक रहा। कहा जाता है कि एक समय मुख्तार का खौफ इतना ज्यादा था कि वह जिस सड़क पर अपनी जीप पर सवार होकर निकलता, लोग रास्ता बदल देते। एक समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी हमला करवाने में भी उसका नाम सामने आया था। कल देर रात मुख्तार अंसारी की मौत हो गई और इसी के साथ उसका साम्राज्य भी ताश के पत्ते की तरह बिखर गया।
कहते हैं वक्त किसी को भी अर्श से फर्श पर ला पटकता है। ऐसी ही कहानी माफिया मुख्तार अंसारी की है। एक समय उसके परिवार की गिनती गाजीपुर के पहले राजनीतिक परिवार में होती थी। यह परिवार सबसे प्रतिष्ठित और पढ़े-लिखे परिवारों में गिना जाता था। मुख्तार के पुरखे कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर उपराष्ट्रपति और सेना में ब्रिगेडियर तक लोग रह चुके हैं। हालांकि, समय ऐसा बदला कि इस परिवार की पहचान अपराध की दुनिया से होने लगी। आइए जानते हैं उसके परिवार के बारे में...
दादा स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस अध्यक्ष
मुख्तार अंसारी के दादा डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी का जन्म 1880 में गाजीपुर में ही हुआ था। उन्होंने मद्रास से डॉक्टरी की ओर इसके बाद यूके से एमएस और एमडी की डिग्री ली। महात्मा गांधी से प्रभावित होकर वह कांग्रेस में शामिल हुए और उनका प्रभाव इतना ज्यादा था कि 1926-27 में कांग्रेस अध्यक्ष थी रहे। मुख्तार के दादा जामिया विश्वविद्यालय के फाउंडिंग मेंबर भी रहे हैं।
नाना सेना में ब्रिगेडियर, मिला महावीर चक्र
रिपोर्ट के अनुसार, माफिया मुख्तार के नाना मोहम्मद उस्मान भारतीय सेना में ब्रिगेडियर थे। वह तीन जुलाई 1948 को पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ते हुए कश्मीर के नौशेरा में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से भी नवाजा गया था। वहीं मुख्तार अंसारी के पिता सुभानउल्ला अंसारी भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे, वह एक साफ-सुथरी छवि के नेता थे।
चाचा सबसे ज्यादा समय तक रहे उपराष्ट्रपति
देश के सबसे लंबे समय तक उपराष्ट्रपति रहने वाले हामिद अंसारी भी मुख्तार अंसारी के चाचा लगते हैं। हामिद अंसारी विवादों में भी रहे। इसके अलावा मुख्तार के परिवार में उसका सांसद भाई अफजाल अंसारी और सिबकतुल्लाह अंसारी है, वह विधायक रह चुके हैं। वहीं, मुख्तार अंसारी के दो बेटे हैं- अब्बास अंसारी और उमर अंसारी। अब्बास अंसारी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट से 2022 में मऊ से विधानसभा चुनाव जीता। वह निशानेबाजी में तीन बार का राष्ट्रीय चैंपियन भी रहा है और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम के साथ खेल चुका है। हालांकि, फिलहाल वह अब्बास अभी जेल में बंद है। वहीं, दूसरे बेटे उमर अंसारी के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं, वह जमानत पर जेल से बाहर है।
