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मानसून को लेकर जितने सवाल-उतने जवाब...कहां पहुंचा, कहां ठहरा और किस राज्य में कितनी बारिश? एक क्लिक में जानिए सबकुछ

Monsoon Update 2024: केरल में मानसून (Monsoon) दो दिन पहले यानी 30 मई को ही पहुंच गया था। इसके बाद यह धीरे-धीरे उत्तर दिशा की तरफ बढ़ा केरल, कर्नाटक, रायलसीमा, गोवा और तेलंगाना, दक्षिणी महाराष्ट्र होते हुए 12 जून तक पूरे पूर्वोत्तर को कवर कर लिया। हालांकि, 18 जून के बाद मानसून ठहर से गया। 20 जून से इसने फिर से रफ्तार पकड़ ली है।

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केरल में मानसून दो दिन पहले यानी 30 मई को ही पहुंच गया था। 18 जून के बाद मानसून ठहर से गया, 20 जून से इसने फिर से रफ्तार पकड़ ली है।

Photo : Times Now Digital

Monsoon Update 2024: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR Monsoon Update) में शुक्रवार को हुई बूंदाबांदी और तेज हवाओं के बाद मौसम एकदम बदल गया है। यहां तापमान (Delhi Temperature) में गिरावट आई है। प्रचंड गर्मी और भीषण हीटवेव (Heat wave) के लंबे स्पेल से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है। लेकिन यहां के लोगों को मानसून (Monsoon update) और बारिश (Monsoon Rain) का इंतजार अभी भी है। वहीं, पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई हिस्से भीषण गर्मी झेल रहे हैं और पारा 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है।

मौसम विभाग की मानें तो अरब सागर से नमी लेकर आने वाली हवाएं 30 मई को केरल पहुंच गई थीं। यहां मानसून ने बारिश कराई। इसके बाद मानसून (Monsson arrival Date) आगे बढ़ना शुरू हुआ। 10 जून तक तो मानूसन (Monsoon update) की रफ्तार बेहतर रही, लेकिन इसके बाद यह ठहर गया। IMD की मानें तो 21 जून तक देश के 14 राज्यों में मानूसन की एंट्री हो चुकी है। हालांकि, देश के कई हिस्से अभी भी मानूसन का इंतजार कर रहे हैं।

हम यहां देश में मानसून की स्थिति के बारे में जानेंगे। मसलन मानूसन कब शुरू हुआ? कहां-कहां पहुंचा? कहां देरी हुई? उत्तर भारत के राज्यों में कब पहुंचेगा? कितनी बारिश होगी? ऐसे सभी सवालों के जवाब आगे पढ़ सकते हैं...

मानसून कब से शुरू हुआ था?

देश में मानसून 30 मई से शुरू हो गया था। अरब सागर से उठे नमी वाले बादल समय से पहले यानी 30 मई को ही केरल पहुंच गए थे। जबकि, आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून को पहुंचता है। यानी इस बाद मानसून केरल में दो दिन पहले ही पहुंच गया था।

30 मई के बाद मानूसन कहां-कहां पहुंचा?

30 मई को केरल पहुंचने के बाद मानसून की रफ्तार अच्छी रही। मानसून की उत्तर दिशा में प्रगति धीरे-धीरे हुई तथा इसने केरल, कर्नाटक, रायलसीमा, गोवा और तेलंगाना, दक्षिणी महाराष्ट्र के अधिकांश भाग तथा छत्तीसगढ़, ओडिशा के कुछ भाग, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अधिकांश भाग तथा 12 जून तक पूर्वोत्तर के पूरे राज्यों को कवर कर लिया।

उत्तर भारत में क्यों नहीं पहुंचा?

30 मई को केरल पहुंचने के बाद मानसून की रफ्तार अच्छी रही। 10 जून तक यह सही गति से आगे बढ़ता गया, लेकिन इसके बाद यह धीमा पड़ गया। IMD के मुताबिक, 18 जून के बाद से मानूसन आगे नहीं बढ़ सका। यह अमरावती, जलगांव, चंद्रपुर जैसे स्थानों पर रुका रहा।

मानसून की अब क्या स्थिति है?

IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गति पकड़ ली है। यह महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, विदर्भ के शेष हिस्सों और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। मानसून छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और इलाकों, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ गया है। अगले 3-4 दिनों के दौरान गुजरात के कुछ और हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

किस राज्य में कब से बारिश?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 20 जून के बाद मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है और यह उत्तर भारत के राज्यों की तरफ बढ़ रहा है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।

राज्य सामान्य तौर पर पहुंचने की तारीख इस साल कब पहुंचा या पहुंचेगा
केरल 1 जून 30 मई
असम 1 जून 30 मई
कर्नाटक 5 जून 2 जून
आंध्र प्रदेश 5 जून 2 जून
महाराष्ट्र 10 जून 7 जून
बिहार 15 जून 20 जून
मध्य प्रदेश 20 जून 21 जून
उत्तर प्रदेश 20 जून --
उत्तराखंड 23-25 जून --
जम्मू-कश्मीर 25 जून --
राजस्थान 30 जून --
दिल्ली 30 जून--
हरियाणा 30 जून--
पंजाब 30 जून--

सामान्य से ज्यादा बारिश वाले राज्य

  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • पंजाब
  • पश्चिमी यूपी
  • बिहार
  • झारखंड
  • तमिलनाडु
  • केरल
  • कर्नाटक
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश
  • राजस्थान
  • गुजरात

सामान्य से कम बारिश वाले राज्य

  • जम्मू-कश्मीर
  • लद्दाख
  • हिमाचल प्रदेश
  • असम
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • मेघालय
  • ओडिशा
  • पश्चिम बंगाल
  • अरुणाचल प्रदेश

इस साल कितनी बारिश होगी?

1 जून से 3 सितंबर तक मानसून का सीजन होता है। इस दौरान देश में करीब 721mm बारिश होती है, जिसे सामान्य बारिश कहा जाता है। बीते वर्ष 2023 में 639mm बारिश हुई थी। मौसम विभाग का अनुमान है इस बार सामान्य से ज्यादा यानी 870mm बारिश होगी। IMD का कहना है कि 13 राज्यों में सामान्य से ज्यादा तो 10 राज्यों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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