एक्सप्लेनर्स

हानियेह का बदला लेने के लिए क्या इजरायल पर एरियल अटैक करेगा ईरान? जानिए कितनी है उसके एयर फोर्स की ताकत

Iran Airforce Strength: ग्लोबल फायर रिपोर्ट के अनुसार ईरान की एयरफोर्स या हवाई ताकत की अगर बात करें तो उसके पास कुल 551 हवाई हथियार हैं जिनमें फाइटर प्लेन की संख्या 186, इसमें भी हमला करने वाले हवाई जहां 23 हैं, टार्सपोर्ट प्लेन 86, ट्रेनर्स 102, स्पेशल मिशन के लिए 10, टैंकर फ्लीट में 7, हेलिकॉप्टर 129, अटैक हेलिकॉप्टर 13 हैं।

Image

ईरान की हवाई ताकत।

Iran Airforce Strength: हमास के शीर्ष नेता इस्मालइ हानियेह की हत्या मंगलवार को हो गई। हानियेह ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान गया था। बताया जा रहा है कि तेहरान के एक सुरक्षित अपार्टमेंट में जब वह सो रहा था। तभी एक एरियल स्ट्राइक में उसकी हत्या हो गई। अब ये हत्या किस तरह से हुई। अभी यह साफ नहीं है। ईरान ने कहा है कि वह इस हत्या की जांच कर रहा है। अब ईरान से क्या सच्चाई सामने आती है। ये देखने वाली बात होगी।

क्या ईरान बदला ले सकता है?

बहरहाल, हानियेह की हत्या के बाद ईरान बौखलाया हुआ है। उसने इस हत्या के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा है कि इसका वह बदला लेगा। दरअसल, हानियेह ईरान के बुलावे पर तेहरान आया था। वह एक तरह से ईरान सरकार का आधिकारिक मेहमान था। किसी देश में उसके मेहमान को यदि मार दिया जाए तो यह उस देश के लिए शर्मसार करने वाली बात होगी। यह तो अतंरराष्ट्रीय बेइज्जती जैसी बात है। अब ईरान कह रहा है कि वह बदला लेगा लेकिन सवाल है कि क्या वह बदला ले सकता है। क्या उसके पास इजरायल पर हमला करने की क्षमता है, क्या उसके पास उस तरह की फाइटर प्लेन और मिसाइलें हैं जो हजारों किलोमीटर का सफर तय कर इजरायल में हमला कर सकें। यहां हम फाइटर प्लेन मिसाइल सहित एरियल स्ट्राइक की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ईरान की भौगोलिक सीमा इजरायल से नहीं लगती। ऐसे में वह अपनी ग्राउंड फोर्स वहां नहीं भेज सकता। इजरायल को अगर निशाना बनाना है या उस पर हमला करना है तो उसे हवाई हमला करना होगा। यह हवाई हमला ड्रोन से, रॉकेट से, मिसाइल से और फाइटर प्लेन से हो सकता है।

ताकतवर सेना की सूची में 14वें पायदान पर

हम यहां ईरान की हवाई ताकत की बात करेंगे। ईरान के पास घातक अत्याधुनिक ड्रोन, फाइटर प्लेन, रॉकेट और मिसाइलें हैं। दुनिया भर की देशों की फौज और उनकी क्षमताओं का आंकलन करने वाले ग्लोबल फायर पावर की रिपोर्ट को अगर देखें तो 145 देशों में सेना की ताकत के लिहाज से ईरान का 14वां नंबर है। यानी 13 देश ऐसे हैं जो इससे ज्यादा ताकतवर सेना रखते हैं।

ईरान के पास कुल 551 हवाई हथियार हैं

ग्लोबल फायर रिपोर्ट के अनुसार ईरान की एयरफोर्स या हवाई ताकत की अगर बात करें तो उसके पास कुल 551 हवाई हथियार हैं जिनमें फाइटर प्लेन की संख्या 186, इसमें भी हमला करने वाले हवाई जहां 23 हैं, टार्सपोर्ट प्लेन 86, ट्रेनर्स 102, स्पेशल मिशन के लिए 10, टैंकर फ्लीट में 7, हेलिकॉप्टर 129, अटैक हेलिकॉप्टर 13 हैं।

हवाई हथियारों की संख्या में दोनों देश करीब

हालांकि, इनमें से कितने लड़ाई लड़ने या हमला करने की सूरत में हैं, इसके बारे में दुविधा है क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान अपने हथियारों को अपग्रेड करने में मुश्किल आ रही है। वहीं, इजरायल की हवाई पावर की यदि बात करें तो उसके पास ट्रेनर, अटैक ट्रांसपोर्ट से लेकर फाइटर प्लेन की कुल संख्या 612 है। हवाई हथियारों की संख्या में दोनों देश करीब हैं लेकिन इजरायल के पास ज्यादा आधुनिक एवं ताकतवर फाइटर प्लेन हैं।

ईरान के बास लंबी, मध्यम, कम दूरी की मिसाइलें

सवाल है कि आखिर ईरान के पास ऐसे कौन से एरियल हथियार हैं जो इजरायल में जाकर तबाही मचा सकते हैं। ईरान के पास लंबी दूरी से लेकर छोटी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं। इस तरह के मिसाइलों की संख्या करीब 3000 है। ईरान की मिसाइलों की अगर बात करें तो उसकी शहाब -1 की मारक क्षमता 300 किलोमीटर, शहाब 2 की 500 किलोमीटर, क्वैम -1 की 700 से 800, फतेह-110 की 300, फतेह-313 की 500 किलोमीटर, राड 500 की 500, डेज्फुल की 1000, शहाब-3 की 1300, घद्र की 1600, एमाद की 1800, खोर्रमशहर की 2 से 3 हजार, फतह 1 की 1400 किलोमीटर मारक क्षमता है।

ईरान-इजरायल के बीच दूरी करीब 1724 KM

बताया जाता है कि उसके पास कुछ ऐसी भी मिसाइलें हैं जो 4 हजार से ज्यादा किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती हैं। ये सभी मिसाइलें अपने साथ अलग-अलग तरह के पेलोड लेकर जा सकती हैं। इसके अलावा ईरान के पास तरह-तरह के घातक ड्रोन हैं। अभी कुछ दिनों पहले उसने इजरायल पर ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलों से हमला किया था। कहने का मतलब यह है कि ईरान मिसाइलों, ड्रोन यहां तक कि फाइटर प्लेन से इजरायल पर हमला करने की क्षमता रखता है, इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन वह कथित बदला लेने के लिए किस तरह का हमला करेगा, यह भी देखने वाली बात होगी। ईरान और इजरायल के बीच सबसे कम दूरी करीब 1724 किलोमीटर है। इस दूरी को ईरान की मिसाइलें तय कर सकती हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

End of Article