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Satendra Siwal: हसीना, पैसा और रंगीन जिंदगी...ऐसे ISI का जासूस बना सतेंद्र सिवाल

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Feb 4, 2024, 10:50 PM IST

Satendra Siwal: यूपी एटीएस को ऐसी जानकारी मिली थी कि कोई पाकिस्तान की जासूसी कर रहा है, सेना, रक्षा मंत्रालय की खूफिया जानकारी एकत्र कर आईएसआई को दे रहा है। जिसके बाद एटीएस ने अपनी जांच में सतेंद्र सिवाल को ऐसी गतिविधि में शामिल पाया।

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आईएसआई का जासूस सत्येंद्र सिवाल

Satendra Siwal: हापुड़ जिले के शाहमहिउद्दीनपुर गांव का रहने वाले सतेंद्र सिवाल को देखकर कोई कह नहीं सकता था कि यह शख्स भारत के साथ गद्दारी कर रहा है, अपने मुल्क के साथ गद्दारी कर रहा है। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में आईबीएसए जैसे पोस्ट पर तैनात सतेंद्र सिवाल रविवार को जब यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ा तो हर कोई चौंक गया। इतनी अच्छी नौकरी, रूस जैसे देश में तैनाती और अच्छी जिंदगी के बाद भी आखिर सतेंद्र क्यों और कैसे आईएसआई का जासूस बना, ये हर किसी के लिए एक उलझी हुई पहेली है।

कैसे पकड़ाया सतेंद्र सिवाल

दरअसल यूपी एटीएस को ऐसी जानकारी मिली थी कि कोई पाकिस्तान की जासूसी कर रहा है, सेना, रक्षा मंत्रालय की खूफिया जानकारी एकत्र कर आईएसआई को दे रहा है। जिसके बाद एटीएस ने अपनी जांच में सतेंद्र सिवाल को ऐसी गतिविधि में शामिल पाया। एटीएस ने सतेंद्र को मेरठ बुलाया और उससे पूछताछ की। जहां उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

सतेंद्र सिवाल पर आरोप

सतेंद्र पर आरोप है कि वो पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करता था। वो कई गोपनीय जानकारी आईएसआई को भेज चुका था। साथ ही भारतीय सेना से संबंधित रणनीतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को प्रलोभन दे रहा था। जिसमें लड़की से लेकर पैसे तक का लालच शामिल था। सतेन्‍द्र सिवाल आईएसआई के अधिकारियों के साथ मिला था और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था। रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों की रणनीतिक गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को भेज कर रहा था।

कैसे जासूस बना सतेंद्र सिवाल

सतेंद्र सिवाल को लेकर दावा किया जा रहा है कि आईएसआई ने उसे हनी ट्रैप के जरिए फंसाया था। एक लड़की की आईडी से उसे पहले फेसबुक पर मैसेज आया था। जहां से बात बढ़ी फिर वाट्सअप पर बातें होने लगी। लड़की ने अपने रिसर्चर होने का दावा किया और कुछ सूचनाएं मांगी, जो सतेंद्र ने दे दी। इसके बाद हर सूचना के बदले सतेंद्र को मोटी रकम भी मिलने लगी। धीरे-धीरे सतेंद्र पूरी तरह से आईएसआई के लिए काम करने लगा।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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